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बर्खास्त पुलिसकर्मी को बैंक लूटने की 'लत' लगी, SBI के कर्मचारियों ने पूरे गैंग को दौड़ा कर पकड़ा

Maharashtra state bank of India theft: डकैती का मास्टरमाइंड शंकर जसक नाम का आरोपी बताया गया है. वो पहले PSI रह चुका है. 2023 में बर्खास्त कर दिया गया था. बताया गया कि जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात गजानन राजेंद्र पवार से हुई थी.

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आरोप है कि एक पुलिस ऑफिसर का भी नाम शामिल है. (Courtesy-इंडिया टुडे)

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  • महाराष्ट्र के जलगांव में 31 अक्टूबर को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में चार लुटेरों ने बंदूक दिखाकर करीब साढ़े 36 करोड़ रुपये के नकदी और सोने की लूट की।
  • पुलिसकर्मी रह चुके शंकर जसक और गजानन पवार, जो पहले जेल में मिले थे, ने बैंक लूटने के लिए योजना बनाई और दो अन्य साथियों के साथ दुरुपयोग किया।
  • लोगों और पुलिस की सहायत से लूटेरों को गिरफ्तार कर लिया गया, पुलिस स्टेशन करीब 30 किमी दूर होने के बावजूद गांव के लोगों ने पीछा कर उनकी गिरफ्तारी में मदद की।

पुलिस स्टेशन बहुत दूर था. लुटेरों में एक पूर्व पुलिसकर्मी भी था. ‘गोल्डन चांस’ था. लेकिन नहीं पता था बैंक और गांव के लोग अलग ही मिट्टी के बने हैं. बिना पुलिस के ही दौड़ा-दौड़ा कर पकड़ लिया. महाराष्ट्र के जलगांव की घटना है. चार लुटेरे नकदी और सोना लूटने बैंक में घुसे. बैंक कर्मियों को बंदूक दिखाकर धमकाया. फायर भी किया. फिर करोड़ों का माल लूटकर निकल गए. लेकिन बैंक वालें इसके लिए तैयार नहीं थे.

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जेल में हुई थी अन्य आरोपी से मुलाकात

घटना 31 अक्टूबर की दोपहर करीब 2 बजे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की भोकर स्थित ब्रांच में हुई. डकैती का मास्टरमाइंड शंकर जसक नाम का आरोपी बताया गया है. वो पहले PSI रह चुका है. 2023 में बर्खास्त कर दिया गया था. बताया गया कि जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात गजानन राजेंद्र पवार से हुई थी. दोनों कुछ महीने पहले जमानत पर रिहा हुए थे. बाहर आकर उन्होंने बैंक लूटने का प्लान बनाया. अपने साथ दो और लोगों को जोड़ा.

इंडिया टुडे से जुड़े मनीष की रिपोर्ट के मुताबिक, 31 अक्टूबर की दोपहर चारों बैंक में दाखिल हुए. मैनेजर और कैशियर को पिस्तौल दिखाकर धमकाया. जमीन की तरफ फायर भी किया. पिस्तौल दिखाकर बैंक के करीब 16 लॉकर खुलवाए. ये सब 40 से 45 मिनट तक चला. फिर कर्मचारियों के हाथ बांधकर, मुंह पर टेप लगाकर करोड़ों का सोना और कैश लेकर फरार हो गए. बताया गया कि वो करीब 12 लाख रुपये से ज्यादा कैश और लगभग 27 किलोग्राम गोल्ड लेकर फरार हुए थे. पूरे माल की कीमत करीब साढ़े 36 करोड़ रुपये है.

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लेकिन उनके भागने का प्लान तुरंत ही गड़बड़ा गया. बैंक के दो कर्मचारी खुद को किसी तरह फ्री करके बाहर भागे और गांव वालों को लूट के बारे में बताया. बैंक से सबसे नजदीकी पुलिस स्टेशन भी 30 किमी दूर है. ऐसे में गांव वालों के साथ बैंक कर्मचारी भी लुटेरों का पीछा करने निकल पड़े. फिर तो पूरा गांव हरकत में आ गया.

पुलिस सुपरिटेंडेंट श्रीकांत धिवरे ने बताया कि ग्रामीणों और पुलिस अफसरों की मदद से चारों को गिरफ्तार किया गया. आरोपी PSI शंकर जसक और गजानन पवार को चावलखेड़ा इलाके के एक खेत से पकड़ा गया था.

पहले भी लगे शंकर पर आरोप

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शंकर रमेश जसक 42 साल का है. उसे 2015 में महाराष्ट्र पुलिस के 113वें बैच में PSI के पद पर नियुक्त किया गया था. उसकी तैनाती रायगढ़ जिला पुलिस बल में हुई थी. 2018 में एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने करप्शन के एक मामले में उसे आरोपी बनाया था. इसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया था.

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जलगांव पुलिस के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया कि बाद में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने शंकर को रायगढ़ जिला पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात कर दिया. फिर 2023 में बैंक में कथित चोरी के मामले में उसका नाम सामने आया. यानी एक अन्य मामला.

शंकर को जलगांव शहर में SBI की ही एक शाखा में हुई 3.17 करोड़ रुपये की डकैती के मामले में आरोपी बनाया गया. उसकी कथित संलिप्तता को गंभीरता से लेते हुए तत्कालीन विशेष पुलिस महानिरीक्षक (IGP) प्रवीण पवार ने उसी साल उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया. उसके पिता और एक रिश्तेदार को भी मामले में आरोपी बनाया गया. दोनों उसी बैंक में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते थे.

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