पाकिस्तान के लिए इंग्लैंड सीरीज बुरे सपने की तरह रही है. लेकिन, एजबेस्टन में फाइनली टीम को एक सिल्वर लाइनिंग नज़र आई. वो भी एक 21 साल के डेब्यूटांट के तौर पर. जिसने पहले अपनी बॉलिंग से सबको हैरान किया. फिर बल्ले से छक्कों की ऐसी बारिश की, फाइटबैक देखने के लिए तरस रहे इंग्लिश दिग्गज भी उसके फैन हो गए.
9 छक्के, 4 चौके! टेस्ट डेब्यू पर 4 विकेट झटकने वाले रजाउल्लाह ने 63 गेंदों में ठोके 81 रन
Pak vs Eng : एजबेस्टन टेस्ट में पाकिस्तान के 9वें नंबर के बैटर Razaullah Khan ने खूब इंप्रेस किया. अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही उन्होंने महज 63 गेंदों में 81 रनों की पारी खेली. इस दौरान उन्होंने 9 छक्के और 4 चौके लगाए. इससे पहले, बॉलिंग में भी 4 विकेट झटककर उन्होंने खूब ध्यान खींचा था.

21 साल के रजाउल्लाह खान 9वें नंबर पर पाकिस्तान के लिए बैटिंग करने उतरे. वो जब उतरे पाकिस्तान पर पारी से हार का खतरा मंडरा रहा था. टीम दूसरी इनिंग्स में इंग्लैंड की पहली इनिंग्स के स्कोर से 8 रन पीछे चल रही थी. बॉलिंग में 4 विकेट लेकर उन्होंने अपना काम बखूबी करके दिखाया था. लेकिन, डेब्यू पर वो सिर्फ गेंद से अपना जादू दिखाने इंग्लैंड नहीं आए थे. उन्होंने मो. अब्बास के साथ 100 रनों की पार्टनरशिप कर बता दिया कि वो लंबे रेस के घोड़े हैं.
रजाउल्लाह ने बैट से भी दिखाया दमखमपाकिस्तानी टीम, अब तक इंग्लैंड में 7 इनिंग्स में एक भी बार 200 का आंकड़ा पार नहीं कर सकी थी. एजबेस्टन में भी टीम पहली इनिंग्स में महज 133 रनों पर सिमट गई थी. लेकिन, रजाउल्लाह की 81 रनों की ऐतिहासिक इनिंग्स ने न सिर्फ पारी से हार टाली. इंग्लैंड के खिलाफ टीम ने सीरीज में पहली बार 400 का आंकड़ा भी पार कर लिया. साथ ही इंग्लैंड के सामने पाकिस्तान अंतिम इनिंग्स में 130 रनों का टारगेट रखने में भी सफल रही.
रजाउल्लाह ने 63 गेंद की अपनी पारी में नौ छक्के और चार चौके जड़े. इससे पहली पारी में 320 रन से पिछड़ने के बावजूद पाकिस्तान ने दूसरी पारी में 449 रन बना लिए. पाकिस्तान से उम्मीद यही थी कि वो सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों की तरह इसमें भी ढेर हो जाएंगे. लेकिन, पाकिस्तान ने दूसरी पारी में बल्ले से दमखम दिखाया. उन्होंने 129 रन की लीड हासिल कर ली. इस पलटवार ने मैच को ऐसे रोमांचक मोड़ पर पहुंचा दिया, जहां चौथे दिन का खेल किसी ने शायद ही सोचा था.
हालांकि, इंग्लैंड के पास 12 सितंबर को एक रिकॉर्ड बनाने का मौका है. 2024 में वेस्टइंडीज के खिलाफ क्लीन स्वीप हासिल करने के बाद वो पहली बार किसी टीम का टेस्ट सीरीज में घर पर सूपड़ा साफ करने में सफल रहेंगे. पाकिस्तान के मैच में इस कमबैक में इस बार टॉप ऑर्डर ने भी योगदान दिया. टीम के पूर्व कप्तान शान मसूद ने 95, कप्तान बाबर आजम ने 76 और ओपनर अजान अवैस ने 59 रनों की पारी खेली. इसके कारण इंग्लिश टीम की 320 रनों की लीड लगभग कवर हो गई थी.
ये भी पढ़ें : बुमराह ने वैभव की एक नहीं चलने दी, पर ईशान की इंजरी ने बढ़ाई टेंशन
मैच का सबसे हाई पॉइंट पाकिस्तान के टेलेंडर्स रहे. 9वें नंबर पर आए रजाउल्लाह और 10वें नंबर के बैटर अब्बास ने 121 रनों की पार्टनरशिप की. 9वें विकेट के लिए दोनों के बीच हुई इस साझेदारी ने इंग्लिश बॉलर्स की खूब परीक्षा ली. इस दौरान अब्बास ने भी 42 रन स्कोर किए. वहीं, इंग्लैंड की तरफ से गस एटकिंसन सबसे सफल बॉलर रहे. उन्हें 3 सफलताएं मिलीं. ओली रॉबिन्सन, जोश टंग और डैन लॉरेंस ने दो-दो विकेट झटके.
पाकिस्तान ने तीसरे दिन के खेल की शुरुआत दो विकेट पर 52 रन से की थी. टीम ने मैच के दूसरे दिन बिना खाता खोले अपने दोनों शुरुआती विकेट भी गंवा दिए. लेकिन, इसके बाद टीम ने जबरदस्त फाइटबैक दिखाया. पहले मसूद ने अवैस के साथ तीसरे विकेट के लिए 125 रन जोड़े. फिर बाबर के साथ चौथे विकेट के लिए 89 रन की साझेदारी की. इसके बाद, बाबर ने सऊद शकील (29) के साथ 5वें विकेट के लिए 64 रन जोड़कर टीम का मजबूत जज्बा दिखाया. लेकिन, असली खेल अंतिम सेशन में रजाउल्लाह और अब्बास ने किया.
वकार की तरह बॉलिंग एक्शनरजाउल्लाह इससे पहले, इंग्लैंड की पारी के दौरान भी चर्चा में आए थे. लेकिन, तब उनके चर्चा में आने की वजह उनकी बॉलिंग थी. उन्होंने इंग्लैंड की पहली इनिंग्स में 4 विकेट झटके थे. इनमें जो रूट, एमिलियो गे, जेमी स्मिथ और ओली रॉबिन्सन के विकेट शामिल थे. हालांकि, उनके चर्चा में आने की वजह उनका बॉलिंग एक्शन था.
वकार यूनुस की तरह ही रजउल्लाह का साइड ऑन एक्शन है. वकार की तरह ही रजउल्लाह भी लेट रिस्ट फ्लिक और लो स्किडी बॉल्स फेंकते हैं. वकार अपने करियर के शुरुआती दिनों में इसी तरह बॉलिंग करते थे. साथ ही रजाउल्लाह की तुलना वकार से होने की एक और वजह थी. इस पूरी सीरीज में पाकिस्तानी बॉलर्स की तरफ से ये मिसिंग थी. वो है रजाउल्लाह की बॉल की स्पीड. रजाउल्लाह ने पहली इनिंग्स में 143 से 148 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से बॉलिंग की थी.
कैसे टीम में आए रजाउल्लाह?रजाउल्लाह इंग्लैंड सीरीज के शुरुआती दो मुकाबलों में टीम का हिस्सा नहीं थे. लेकिन, उनका नेशनल टीम तक पहुंचने का सफर काफी मजेदार रहा है. वो पाकिस्तान के उत्तरी पहाड़ी क्षेत्र खैबर पख्तूनख्वा के मर्दान जिले से आते हैं. वहीं की लोकल टीम के लिए खेलते समय पेशावर रीजन के कोच अब्दुल रहमान की नजर उनकी रफ्तार पर पड़ी. वहां से उन्हें सीधे पाकिस्तान के मुख्य घरेलू रेड बॉल टूर्नामेंट प्रेजिडेंट्स कप में उन्हें मौका मिला.
अपने पहले ही फर्स्ट-क्लास सीजन के 8 मैचों में उन्होंने 30 विकेट चटकाकर तहलका मचा दिया. सिर्फ गेंद से ही नहीं, बल्कि लोअर-ऑर्डर में बैटिंग करते हुए भी उन्होंने बहुत प्रभावित किया. इस दौरान उन्होंने एक सेंचुरी और एक हाफ सेंचुरी भी जमाई. यही कारण है कि इंग्लैंड में आई उनकी हाफ सेंचुरी बहुत हैरान करने वाली नहीं है. PSL 2026 में रजाउल्लाह रावलपिंडीज का हिस्सा थे. इस दौरान PCB के हाई-परफॉर्मेंस कैंप में आकिब जावेद की नजरों में वो और यहीं से उनका टेस्ट टीम का रास्ता खुला.
लेकिन, उनका सेलेक्शन किसी प्लान का हिस्सा नहीं था. लीड्स और लॉर्ड्स टेस्ट में मिली करारी हार ने टीम में उनका रास्ता खोला. हालांकि, एजबेस्टन टेस्ट से एक दिन पहले तक कप्तान बाबर आजम और नए हेड कोच माइक हेसन को भी यह नहीं पता था कि रजाउल्लाह को किसने और क्यों चुना है? लेकिन, रजाउल्लाह ने इस मौके को अच्छे से भुनाया है. भले ही कप्तान और कोच नहीं जानते हों कि वो टीम में क्यों आए? अब सबको पता है कि वो क्या कर सकते हैं.
वीडियो: पाकिस्तान की हार पर PCB चीफ मोहसिन नकवी की बात सुन पाकिस्तानी फैन्स का भड़कना तय है











