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वनडे में रविंद्र जडेजा का गेम ओवर? लेकिन उनका विकल्प कौन है?

रविंद्र जडेजा ने चैंपियंस ट्रॉफी के बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के साथ वनडे फॉर्मेट में वापसी की. यहां उन्होंने 1 विकेट हासिल किया और 56 रन बनाए. न्यूजीलैंड के खिलाफ वह पूरी तरह फ्लॉप दिखे.

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रविंद्र जडेजा केवल वनडे और टेस्ट में ही एक्टिव हैं. (Photo-PTI)

न्यूजीलैंड की टीम ने एक बार फिर भारत को उसके घर पर करारी हार दी. जो रिकॉर्ड भारत ने पिछले 37 साल से कायम रखा था वह आखिरकार टूट गया. न्यूजीलैंड ने पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीती. इस हार के कारणों पर चर्चा शुरू हो गई है. जिन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सवाल उठ रहे हैं उनमें रविंद्र जडेजा का नाम भी शामिल है. सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि क्या जडेजा को अब इस फॉर्मेट को अलविदा कह देना चाहिए.

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वापसी में प्रभावित नहीं कर सके जडेजा

रविंद्र जडेजा लंबे समय से तीनों फॉर्मेट में टीम के टॉप ऑलराउंडर्स में शामिल रहे हैं. 2024 में टी20 वर्ल्ड कप के बाद उन्होंने इस फॉर्मेट को अलविदा कह दिया. वह फिलहाल टेस्ट और वनडे फॉर्मेट में एक्टिव हैं. हालांकि ट्रांजिशन के दौर से गुजर रही टीम में उनकी जगह बनती है या नहीं इसे लेकर सवाल उठते रहे. खासतौर पर तब जब चैपियंस ट्रॉफी के बाद खेली गई पहले वनडे सीरीज में उन्हें चुना नहीं गया.

उस समय अजीत अगरकर ने यह दावा किया जडेजा उनके प्लान का हिस्सा हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया में वह प्लेइंग कॉम्बिनेशन में फिट नहीं बैठते. इस दौरान जडेजा ने भी वर्ल्ड कप 2027 खेलने का दम भरा. हालांकि जब बात प्रदर्शन की आई तो जडेजा का 'सर जडेजा' वाला अवतार नजर नहीं आया.

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रन बनाने में संघर्ष करते दिखे जडेजा

जडेजा ने चैंपियंस ट्रॉफी के बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज के साथ वनडे फॉर्मेट में वापसी की. यहां उन्होंने 1 विकेट हासिल किया और 56 रन बनाए. न्यूजीलैंड के खिलाफ भी वह पूरी तरह फ्लॉप दिखे. जडेजा ने सीरीज के तीनों मैचों में बल्लेबाजी की और केवल 43 रन ही बना पाए. वहीं तीनों मैचों में वह एक भी विकेट नहीं ले सके. बतौर ऑलराउंडर वह अपनी जिम्मेदारी में फेल रहे. जडेजा से टीम उम्मीद करती है कि वह निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ फिनिशर का रोल निभाएंगे. हालांकि वह स्लॉग ओवर्स में संघर्ष करते दिखाई दिए. साथ ही समय आने पर गियर बदलने में भी कामयाब नहीं रहे.

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अगर 2023 वर्ल्ड कप के बाद के आंकड़ों पर नजर डालें तो यहां भी जडेजा के आंकड़े बहुत प्रभावित करने वाले नहीं हैं. उन्होंने इस वर्ल्ड के बाद अब तक 13 मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 149 रन बनाए हैं जिसमें एक भी अर्धशतक शामिल नहीं है. जडेजा का पिछला अर्धशतक साल 2020 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आया था, जब उन्होंने कैनबरा में 66 रन की पारी खेली थी. वहीं गेंदबाजी की बात करें तो जडेजा ने 2023 वर्ल्ड कप के बाद से 12 पारियों में केवल 12 विकेट लिए हैं. अगर चैंपियंस ट्रॉफी के बाद की बात करें तो वह केवल एक ही विकेट ले पाए हैं. 

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भारत के पास मौजूद हैं विकल्प

भारत को अब अगली वनडे सीरीज जुलाई में इंग्लैंड में खेलनी है. आगरकर यह पहले ही साफ कर चुके हैं कि वह साउथ अफ्रीका की कंडीशंस को देखते हुए एक लेफ्ट आर्म स्पिन ऑलराउंडर रखना चाहते हैं. जडेजा के पास मौका था कि न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ प्रदर्शन से वह अपनी दावेदारी मजबूत करें लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाए. जडेजा की मुश्किल इसलिए भी बढ़ी हुई हैं क्योंकि टीम के पास उनका विकल्प पहले से ही मौजूद है. इस ऑप्शन का नाम है अक्षर पटेल.

अगर पटेल के आंकड़ों की बात करें तो वह जडेजा पर भारी नजर आते हैं. अक्षर ने वर्ल्ड कप 2023 के बाद से 15 पारियों में 377 रन बनाए हैं जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है. वहीं गेंदबाजी में वो जडेजा से काफी आगे नजर आए हैं. उन्होंने 4.32 के इकोनमी रेट से 16 विकेट लिए हैं. वॉशिंगटन सुंदर भी जडेजा को रिप्लेस कर सकते हैं. सुंदर ने 2023 नवंबर के बाद से 11 मैचों में 13 विकेट लिए हैं और 121 रन भी बनाए हैं. 

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