अमेरिका ने एक बार फिर भारत को 'अच्छा एक्टर' यानी भरोसमंद काम करने वाला बताया है. वाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने कहा कि इसी वजह भारत को रूस से तेल खरीदने की अनुमति दी गई है. कांग्रेस को यह बात नागवार गुजरी. उसने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस पर जवाब मांगा. कांग्रेस ने अमेरिका के दो शब्दों- 'गुड एक्टर' और 'परमिटिड' पर आपत्ति जताई है.
'भारत अच्छा एक्टर... ', अमेरिका ने बताया क्यों उसने रूसी तेल खरीदने की छूट दी
White House की प्रेस सेक्रेटरी Karoline Leavitt ने कहा कि भारत एक भरोसमंद साथी है, इसलिए उसे रूसी तेल खरीदने की इजाजत दी गई. कांग्रेस ने उनके बयान पर आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए.


10-11 मार्च की दरमियानी रात को वाइट हाउस ने एक प्रेस ब्रीफिंग की. इसमें ईरान के साथ जंग के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लीविट ने अमेरिका का पक्ष रखा. इस बीच एक पत्रकार ने अमेरिका की तरफ से भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट पर सवाल किया. इस पर जवाब देते हुए कैरोलिन लीविट ने कहा,
"प्रेसिडेंट (राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप) और ट्रेजरी सेक्रेटरी (वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट) और पूरी नेशनल सिक्योरिटी टीम ने यह फैसला इसलिए लिया क्योंकि भारत में हमारे साथी, जैसा कि आप जानते हैं, सच में, अच्छे एक्टर (भरोसेमंद) रहे हैं और उन्होंने पहले भी बैन किया हुआ रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है. इसलिए जब हम ईरानियों की वजह से दुनिया भर में तेल सप्लाई के इस अस्थाई खालीपन को कम करने के लिए काम कर रहे हैं, तो हमने उन्हें अस्थाई तौर पर रूसी तेल लेने की इजाजत दे दी है. और यह रूसी तेल पहले से ही समुद्र में था. यह पहले से ही पानी पर था. इसलिए इस छोटे से समय के उपाय से, हमें नहीं लगता कि इस समय रूसी सरकार को कोई खास फाइनेंशियल फायदा होगा."
कांग्रेस ने इस बयान की निंदा की. पार्टी ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारत सरकार देश की संप्रभुता और गरिमा के इस खुलेआम अपमान पर एतराज क्यों नहीं कर रही है?
पार्टी ने X पर लिखा,
"भारत की इज्जत बचाने के बजाय, प्रधानमंत्री मोदी साफ तौर पर चुप रहना पसंद कर रहे हैं. तो देश को पूछना चाहिए:
उन्हें किस बात का डर है?
भारत के फैसले बाहर से क्यों तय किए जा रहे हैं?
नरेंद्र मोदी को अमेरिका ब्लैकमेल क्यों कर रहा है?
भारत के लोगों को जवाब मिलना चाहिए. क्योंकि भारत की संप्रभुता पर कोई मोल-भाव नहीं हो सकता."

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इससे पहले अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भारत को 'अच्छा एक्टर' बताया था. बीते दिनों अमेरिकी चैनल फॉक्स बिजनेस से बात करते हुए स्कॉट बेसेंट ने कहा था कि वॉशिंगटन ने भारत को समुद्र में फंसे रूसी तेल को खरीदने की इजाजत दे दी है. उन्होंने कहा था कि एनर्जी संकट को देखते हुए अमेरिका रूसी तेल पर लगी अन्य रोक भी हटा सकता है.
रूस से तेल खरीदना कम करने पर अमेरिका ने भारत पर लगा 50 फीसदी टैरिफ घटाकर 18 फीसदी कर दिया. डॉनल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीदा तो भारी टैरिफ लगाया जाएगा.
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