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बांग्लादेशी खुफिया एजेंसी के चीफ तुरंत भारत आए, तारिक रहमान के PM बनते ही दिल्ली में क्या हुआ?

Tarique Rahman ने प्रधानमंत्री बनने के पांच दिन बाद ही ब्रिगेडियर जनरल कैसर राशिद चौधरी को मेजर जनरल पर प्रोमोट किया. फिर उन्हें DGFI का DG बनाया गया. नई दिल्ली में उनकी मुलाकात भारत की खुफिया एजेंसी RAW के चीफ से भी हुई. क्या भारत में रह रहीं शेख हसीना को लेकर कुछ बड़ा होने वाला है?

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बांग्लादेश के इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी (बीच में) दिल्ली में रॉ चीफ से मिले. (X)

हाल के महीनों में भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में तनाव देखने को मिला है. तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने से पहले हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं की खबरें आई थीं. जब मोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार में मुख्य सलाहकार थे, तब बांग्लादेश ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को वापस भेजने की मांग भी की थी. हालांकि, नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में कुछ बदलाव आए हैं. प्रधानमंत्री बनते ही तारिक रहमान ने बांग्लादेश के इंटेलिजेंस हेड को नई दिल्ली भेजा, जहां उन्होंने भारतीय एजेंसियों के टॉप अधिकारियों से मुलाकात की.

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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बांग्लादेश के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फोर्सेज इंटेलिजेंस (DGFI) के डायरेक्टर जनरल (DG) मेजर जनरल कैसर राशिद चौधरी 1-3 मार्च तक नई दिल्ली में थे. DGFI बांग्लादेश की सबसे टॉप डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी है.

बांग्लादेशी इंटेलिजेंस चीफ मेजर जनरल कैसर ने भारत की विदेशी खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) के मुखिया पराग जैन और मिलिट्री इंटेलिजेंस के डायरेक्टर जनरल (DG) लेफ्टिनेंट जनरल आरएस रमन से मुलाकात की.

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यह दौरा इन मायनों में खास माना जा रहा है क्योंकि बांग्लादेश में हाल ही में नई सरकार का गठन हुआ है. 22 फरवरी को तारिक रहमान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के पांच दिन बाद ही ब्रिगेडियर जनरल कैसर राशिद चौधरी को मेजर जनरल पर प्रोमोट किया गया. फिर तारिक रहमान सरकार ने उन्हें DGFI का DG बनाया यानी बांग्लादेश का इंटेलिजेंस चीफ.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि दोनों देशों के खुफिया मुखिया 2 मार्च को एक प्राइवेट डिनर पर मिले. उनके बीच खुफिया जानकारियों का आदान-प्रदान और सिक्योरिटी पार्टनरशिप पर बातचीत होने की खबर है.

मोहम्मद यूनुस के शासन के समय बांग्लादेश के भारत के साथ काफी तल्ख रिश्ते रहे. बांग्लादेश में भारत-विरोधी गतिविधियां भारत के लिए बड़ी चिंता का सबब हैं. इसलिए नई दिल्ली की कोशिश है कि ढाका की नई सरकार के साथ बेहतर तालमेल बनाया जाए.

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8 मार्च को बांग्लादेशी पॉलिटिकल एक्टिविस्ट शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपी दो बांग्लादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी भारत में ही हुई. पश्चिम बंगाल की स्पेशल टास्क फोर्स (SIT) ने इन दोनों को गिरफ्तार किया.

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