The Lallantop

'ये वापस गईं तो मार दी जाएंगी...', ट्रंप के कहने पर ईरान की खिलाड़ियों को ऑस्ट्रेलिया में मिली शरण

ईरान की टीम की इन खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलिया में हुए अपने शुरुआती मैच से पहले राष्ट्रगान नहीं गाया था. उन्होंने ईरान की सरकार के महिला विरोधी फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए यह तरीका अपनाया था. लेकिन इसके बाद इन्हें जान का खतरा महसूस होने लगा. ये बात डॉनल्ड ट्रंप के कानों तक पहुंची तो वो इनकी मदद में आगे आए.

Advertisement
post-main-image
ईरान की महिला फुटबॉल टीम ने अपनी सरकार के विरोध में राष्ट्रगान नहीं गया था. (Photo-SCREENGRAB)

ईरान की महिला फुटबॉल टीम को एएफसी एशिया कप में राष्ट्रगान न गाना भारी पड़ता दिख रहा है. दावा किया जा रहा है कि इस कदम के बाद से ही टीम की खिलाड़ी खतरा महसूस कर रही हैं. एशिया कप के मेजबान देश ऑस्ट्रेलिया ने अब इनकी मदद की है. उसने टीम की खिलाडि़यों को अपने यहां शरण देने का फैसला किया है. ऑस्ट्रेलिया के इस फैसले के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की बड़ी भूमिका है. एक दिन पहले ही ट्रंप ने ऑस्ट्रेलिया के पीएम से इन महिला खिलाड़ियों को ईरान न भेजने की अपील की थी.    

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
ईरान में खिलाड़ियों के खिलाफ लोग

टीम की खिलाड़ियों ने अपने शुरुआती मैच से पहले ईरान का राष्ट्रगान नहीं गाया था. उन्होंने ईरान में महिला विरोधी फैसलों के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए यह तरीका अपनाया. इसके बाद कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी थीं और इसे मीडिया में भी काफी कवरेज मिली थी. ईरान टीवी चैनल्स ने उन्हें गद्दार 'बताया'. टीम ने इसके बाद अपने अगले दोनों मैचों में राष्ट्रगान गाया और सैल्यूट भी किया. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनपर ऐसा करने के लिए दबाव डाला गया.

खिलाड़ियों ने मांगी मदद

टीम रविवार, 8 मार्च को मैच खेलने के बाद बस से होटल जा रही थी. इसी समय खिलाड़ियों ने खिड़की से 'SOS' यानी मदद करने का इशारा किया. बस के आसपास कई लोगों की भीड़ लग गई. खिलाड़ी लगातार इशारा करती रहीं और बस होटल पहुंच गई.

Advertisement

DW के मुताबिक देर रात होटल से पांच खिलाड़ी भाग गईं. यह खिलाड़ी खुलकर ऑस्ट्रेलिया से मदद नहीं मांग पा रही थीं और इसी कारण उन्होंने यह फैसला किया. इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया ने ईरान की महिला फुटबॉल टीम की पांच सदस्यों को अपने यहां शरण दी है.

बर्क ने ब्रिस्बेन में पत्रकारों को बताया कि उन्होंने इन महिला खिलाड़ियों से मुलाकात की और मानवीय आधार पर उनकी वीजा प्रक्रिया पूरी कर ली गई है.  बर्क ने कहा,

Advertisement

''मैं इसकी कल्पना भी नहीं कर सकता कि प्रत्येक महिला के लिए यह फैसला करना कितना मुश्किल रहा होगा, लेकिन निश्चित रूप से कल रात खुशी और राहत का माहौल था. वे ऑस्ट्रेलिया में एक नया जीवन शुरू करने को लेकर बहुत उत्साहित हैं."

बर्क ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करते समय महिलाओं के मुस्कुराते और ताली बजाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए. बर्क ने कहा कि शरण लेने वाली महिला खिलाड़ी अपने नाम और तस्वीरें प्रकाशित होने से खुश थीं. खिलाड़ियों ने यह साफ कर दिया था कि वो राजनीतिक कार्यकर्ता नहीं हैं जिसके बाद यह फैसला किया गया.

ऑस्ट्रेलिया ने बाकी खिलाड़ियों को भी दिया प्रस्ताव

टीम की अन्य 21 खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली ईरान की टीम में 26 खिलाड़ी तथा सहयोगी स्टाफ के सदस्य शामिल थे. बर्क ने कहा कि टीम के सभी सदस्यों को शरण का प्रस्ताव दिया गया था.

बर्क ने कहा,

'ये महिलाएं ऑस्ट्रेलिया में बेहद लोकप्रिय हैं, लेकिन हम समझते हैं कि वे अपने फैसलों को लेकर बेहद मुश्किल स्थिति में हैं. वे जब भी चाहें तब ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों से बात कर सकती हैं.'

समाचार एजेंसी एपी की खबर के अनुसार, ईरान की मुख्य कोच मर्जियेह जाफरी ने रविवार को कहा कि खिलाड़ी जितनी जल्दी हो सके ईरान वापस लौटना चाहती हैं. हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ईरान की खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ के सदस्य ऑस्ट्रेलिया से कब रवाना होंगे.

डॉनल्ड ट्रंप ने की थी ऑस्ट्रेलिया के पीएम से बात

इस मामले पर सोमवार, 09 मार्च को डॉनल्ड ट्रंप ने ऑस्ट्रेलियाई पीएम एंथनी अल्बानीज से बात की थी. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट करके बताया था, 'मैंने अभी ऑस्ट्रेलिया के पीएम से ईरानी विमेंस सॉकर टीम के बारे में बात की. वह इस पर काम कर रहे हैं. हालांकि, कुछ को लगता है कि उन्हें वापस जाना चाहिए, क्योंकि वे अपने परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंतिंत हैं. किसी भी हाल में प्रधानमंत्री इस नाजुक स्थिति को संभालने में बहुत अच्छा काम कर रहे हैं.'

इससे पहले ट्रंप ने एक पोस्ट में लिखा था कि ईरानी खिलाड़ियों को वापस भेजकर ऑस्ट्रेलिया बहुत बड़ी गलती कर रहा है. ट्रंप ने लिखा, 'ईरानी खिलाड़ियों को ईरान वापस जाने की इजाजत देकर ऑस्ट्रेलिया एक बहुत बड़ी मानवीय गलती कर रहा है, ईरान में उनकी जान को सबसे ज्यादा खतरा है. ऐसा मत करिए, प्रधानमंत्री, उन्हें शरण दीजिए. अगर आप नहीं देंगे तो अमेरिका उन्हें शरण देगा.'

वीडियो: MS धोनी ने गौतम गंभीर की मुस्कान पर किया पोस्ट, हेड कोच ने क्या कहा?

Advertisement