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पैरा एशियन गेम्स: निषाद कुमार ने लॉन्ग जंप में जीता गोल्ड

भारत ने एशियन पैरा गेम्स में शानदार शुरुआत करते हुए पहले दिन चार गोल्ड समेत कुल 11 मेडल जीते. इनमें से तीन गोल्ड एथलेटिक्स में भारत के खाते में आए.

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भारतीय एथलीट निषाद कुमार (बाएं), रिंकू सिंह (बीच में) और सौम्या ने अपने-अपने इवेंट में गोल्ड मेडल जीता. (Courtsey- PCI)

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  • भारत ने पैरा एशियन गेम्स के पहले दिन चार गोल्ड मेडल समेत कुल 11 मेडल जीते, जिसमें निशानेबाजों, लॉन्ग जंप, जैवलिन थ्रो और 1500 मीटर दौड़ जैसी विभिन्न स्पर्धाएं शामिल हैं।
  • निषाद कुमार का लॉन्ग जंप में गोल्ड जीतना उनके व्यक्तिगत कठिन अनुभवों और T47 वर्ग में पैरालंपिक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के कारण संभव हुआ, जिसमें ऊपरी अंग की अक्षमता वाले खिलाड़ी शामिल हैं।
  • इस प्रदर्शन के बाद निषाद कुमार हाई जंप में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करेंगे और भारत के लिए पैरालंपिक खेलों में प्रतिस्पर्धा की संभावनाएं बनी रहेंगी।

पैरा एशियन गेम्स का पहला दिन भारत के लिए खास रहा. भारत ने चार गोल्ड मेडल समेत 11 मेडल हासिल किए. दिन की शुरुआत निशानेबाजों के मेडल जीतने के साथ हुई. दिन खत्म होते-होते एथलीट्स ने गोल्ड की संख्या बढ़ा दी. निषाद कुमार ने लॉन्ग जंप में गोल्ड मेडल जीता. वहीं, पुरुषों के जैवलिन थ्रो F46 इवेंट में भारत ने दो मेडल जीते.

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निषाद कुमार का गोल्ड

हिमाचल प्रदेश के निषाद कुमार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बार लॉन्ग जंप इवेंट में हिस्सा लिया. T47 इवेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने अपने तीसरे और पांचवें अटेंप्ट में 7.11 मीटर की छलांग लगाई. निषाद अब अपने मुख्य इवेंट हाई जंप में हिस्सा लेंगे. वह इस इवेंट में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगे.

निषाद पैरालंपिक में दो मेडल जीत चुके हैं. उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव ने सिल्वर और श्रीलंका के मोहम्मदु सफरान ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. T47 श्रेणी में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनके एक हाथ या ऊपरी अंग में शारीरिक अक्षमता होती है. निषाद जब छह साल के थे, तब हिमाचल प्रदेश में अपने खेत पर घास काटने वाली मशीन से उनका दाहिना हाथ कट गया था.

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जैवलिन थ्रो में डबल पोडियम

जैवलिन थ्रो के F46 इवेंट में भारत ने डबल पोडियम हासिल किया. भारत के रिंकू ने गोल्ड मेडल जीता, जबकि उनके हमवतन अजीत सिंह ने सिल्वर मेडल हासिल किया. रिंकू ने 65.11 मीटर का थ्रो फेंककर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. उन्होंने अजीत को महज नौ सेंटीमीटर के अंतर से पीछे छोड़ा. अजीत ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर मेडल जीता. तीन खिलाड़ियों की इस स्पर्धा में इंडोनेशिया के आर सत्योनो ने 55.30 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया. F46 वर्ग में ऐसे खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जिनके हाथ में कोहनी के ऊपर या नीचे एम्प्यूटेशन हुआ हो या जिनके हाथ की कार्यक्षमता प्रभावित हो.

सौम्या ने महिलाओं की 1500 मीटर T12/T13 स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता. इस इवेंट में राधा वेंकटेश ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. सौम्या ने पांच मिनट 12.39 सेकेंड का समय लेकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया, जबकि राधा ने पांच मिनट 30.90 सेकेंड में दौड़ पूरी करके सिल्वर मेडल हासिल किया.

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