The Lallantop

गुस्साए लोगों ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर लाश रख दी, मणिपुर में अब क्या हुआ?

आरोप है कि 19 अक्टूबर को इम्फाल पूर्वी जिले में नोंगसुम हिल्स के पास संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के हमले में तीन मैतेई लोगों की मौत हो गई. वहीं तीन लोग घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, ये घटना सुबह करीब 9 बजे खोंगबान सुनुरोक में घटी. जो सगोलमान पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है.

Advertisement
post-main-image
मणिपुर में फिर हिंसा भड़क उठी. (फोटो- X)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • 19 अक्टूबर को मणिपुर के इम्फाल में मुख्यमंत्री आवास के बाहर संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के हमले में मारे गए तीन मैतेई लोगों के शव रखकर प्रदर्शन हुआ।
  • हमले की पृष्ठभूमि में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच जारी तनाव और पूर्व में हुई हिंसात्मक घटनाएं शामिल हैं, जिससे क्षेत्र में सुरक्षा की चुनौतियां सामने आईं।
  • हमले के बाद इलाके को छावनी में तब्दील कर सुरक्षा बढ़ाई गई, और स्थानीय विधायक ने सरकार से सुरक्षा में कमी के लिए सवाल उठाए।

19 अक्टूबर को मण‍िपुर की राजधानी इम्फाल में सीएम हाउस के बाहर स्थिति सामान्य थी. लेकिन सुबह करीब 9 बजे अचानक कुछ प्रदर्शनकारी पहुंचते हैं. मुख्यमंत्री के घर के बाहर एक व्यक्ति का शव रखकर प्रदर्शन करने लगते हैं. ये सब कुछ इतना अचानक हुआ कि पहले तो सीएम हाउस की सुरक्षा में लगे सुरक्षाकर्मी समझ नहीं पाए. लेकिन जैसे ही माजरा समझ आया आनन-फानन में प्रदर्शनकारियों को हटाया गया. फिर पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया.

Advertisement

आरोप है कि 19 अक्टूबर को इम्फाल पूर्वी जिले में नोंगसुम हिल्स के पास संदिग्ध कुकी उग्रवादियों के हमले में तीन मैतेई लोगों की मौत हो गई. वहीं तीन लोग घायल हो गए. पुलिस के मुताबिक, ये घटना सुबह करीब 9 बजे खोंगबान सुनुरोक में घटी. जो सगोलमान पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है.

मृतकों की पहचान अरुबाम रोनिल, लैरेनलकपम इनाओबी और क्षेत्रिमायुम सुशील के तौर पर हुई है. अधिकारियों के मुताबिक, वो लकड़ी लेने गए समूह में शामिल थे. इसी दौरान संदिग्ध उग्रवादियों ने उन पर घात लगाकर हमला किया. घटना में तीन लोग घायल भी हुए. इनमें मेइसनाम सोमेन्द्रो, बोनसन खिंगद्रम और न्गांगोम सूरज शामिल हैं. तीनों का इम्फाल के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.

Advertisement
लकड़ी इकट्ठा करने गए लोगों पर हमला

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों में से एक सूरज के पिता न्गांगोम दारासिंग ने बताया कि उनका बेटा और बाकी लोग पास की पहाड़ियों में लकड़ी इकट्ठा करने गए थे. तभी उन पर हमला हुआ. उन पर हथियारबंद लोगों ने अंधाधुंध गोलीबारी की. जो मौके पर घात लगाकर बैठे थे. दारासिंग ने आगे कहा कि हमलावरों की बंदूकों के मुंह पर लाल रिबन बंधे हुए थे. इसी घटना से गुस्साए लोग शव को राजधानी इम्फाल लाए. उसे बाबूपारा स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य गेट के बाहर शव रख दिया.

हालांकि अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि इस घटना के समय सीएम घर पर थे या नहीं. प्रदर्शनकारियों को सीएम हाउस से हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले छोड़े. इसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ले जाया गया.

घटना के बाद स्थानीय विधायक Thokchom Lokeshwar Singh (थोकचोम लोकेशोर सिंह) ने सरकार को निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि असम राइफल्स के जवानों ने गांव वालों को आश्वासन दिया था कि इलाके में लकड़ी इकट्ठा करते समय उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाएगी. इसके बावजूद भी ऐसी घटना हुई. मणिपुर में चौबीस घंटे में हत्या की ये दूसरी वारदात थी. 

Advertisement

पहले भी हुई है घटना

इस घटना के एक दिन पहले यानी 18 अक्टूबर को रात 2 बजे थौबल जिले में दो समुदायों के बीच झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी. पुलिस के मुताबिक, लाइशराम राकेश की गोली लगने से मौत हुई. पत्थरबाजी के दौरान कुछ घरों और वाहनों में आग लगा दी गई. तनाव के बाद प्रशासन ने खंगाबोक और संगाईयुम्फम में लोगों के घरों से निकलने पर रोक लगा दी. अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं.

कुकी और मैतेई समुदायों के बीच इसी तरह की हत्या की आखिरी घटना जनवरी में सामने आई थी. जब कुकी बहुल इलाके में एक मैतेई शख्स अपनी पत्नी से मिलने गया था और उसकी हत्या कर दी गई. हत्या का एक वीडियो कथित तौर पर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे मैतेई समुदाय में गुस्सा फैल गया था और हिंसा भड़क गई थी.

इसके बाद 7–11 फरवरी के बीच उखरुल जिले के लितान इलाके में दो तांगखुल नगा और दो कुकी युवकों के बीच झगड़े के बाद तनाव बढ़ा. फिर 24-25 अप्रैल के बीच फिर से उखरुल जिला में हिंसा भड़की. इसके बाद 7 और 8 मई के बीच उखरुल और कामजोंग जिलों में फिर गोलीबारी और आगजनी हुई. कम से कम 6 लोग घायल हुए. 17 अक्टूबर को कामजोंग जिले के चस्साद गांव में कुकी और नागा समुदायों से जुड़े सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी की खबर आई थी. उस घटना में एक व्यक्ति की मौत हुई थी और कई लोग घायल हुए थे.

वीडियो: जामिया मिलिया में छात्र प्रोटेस्ट क्यों कर रहे हैं?

Advertisement