जम्मू-कश्मीर पुलिस कथित तौर पर जासूसी गतिविधियों को लेकर एक सेनाधिकारी की पत्नी से पूछताछ कर रही है. आरोप है कि महिला ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर एनालिटिकल पेपर्स तैयार किए थे. ये लेख कथित तौर पर चीनी खुफिया एजेंटों के लिए तैयार किए गए थे.
आर्मी अफसर की पत्नी चीनी खुफिया एजेंटों के जाल में फंसी, सोशल मीडिया वाले शख्स ने क्या लिखवा लिया?
Jammu Chinese Espionage case: जम्मू कश्मीर पुलिस कथित जासूसी गतिविधियों से जुड़े मामले में एक महिला से पूछताछ कर रही है. महिला को 14 अक्टूबर को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने से पहले रोका गया था.

महिला को 14 अक्टूबर को जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर इंटरसेप्ट किया गया था. उस समय वह अपनी मां और बच्चे के साथ ट्रेन में चढ़ने वाली थी. जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) और एक केंद्रीय खुफिया एजेंसी की संयुक्त टीम ने महिला को रोका था. फिर उसे पूछताछ के लिए पास के आर्मी कैंप में ले जाया गया. उसका मोबाइल भी जब्त कर लिया गया है.
किन मुद्दों पर लिखती थी महिला?इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक नाम ना बताने की शर्त पर कुछ अधिकारियों ने इस मामले की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि महिला को अभी गिरफ्तार नहीं किया गया है. ये भी बताया कि महिला के पति सेना में हैं, लेकिन उनकी तैनाती जम्मू में नहीं थी.
सूत्रों ने बताया कि 2024 में महिला सोशल मीडिया के जरिए एक मलेशियाई नागरिक के कॉन्टैक्ट में आई थी. वह नागरिक एक कंसल्टेंसी चलाता था, जिसके कथित तौर पर चीनी खुफिया एजेंसियों से संबंध थे. रिपोर्ट के मुताबिक, मलेशियाई नागरिक ने महिला को सेंसिटिव सिक्योरिटी, डिफेंस और जियोपॉलिटिकल मुद्दों पर ‘एनालिटिकल आर्टिकल’ लिखने का काम दिया था. इनमें खास तौर पर जम्मू-कश्मीर में 'लाइन ऑफ कंट्रोल' (LoC) की स्थिति, अरुणाचल प्रदेश में जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाएं और ड्रोन की तैनाती जैसे विषय शामिल थे.
ये भी पढ़ें: सौरव दास, आशुतोष रांका जेल में ही रहेंगे, SEM ने हिरासत बढ़ा दी
पूछताछ के दौरान पता चला कि महिला ने अपनी पिछली इंटर्नशिप के दौरान कई विदेशी नागरिकों से बातचीत की थी. इनमें एक चीनी नागरिक भी शामिल था. उसने बताया कि वह कथित तौर WhatsApp के जरिए चीनी नागरिक के संपर्क में आई थी.
बताया गया कि महिला को हर लेख के लिए 200 अमेरिकी डॉलर मिलते थे. उसे कुल 5 लाख रुपये मिले थे. महिला का दावा है कि उसने अपने आर्टिकल के लिए जानकारी जुटाने में ChatGPT और गूगल सर्च का इस्तेमाल किया था.
पुलिस ने जम्मू के गांधी नगर थाने में इस मामले को लेकर FIR दर्ज की है. इसमें 'ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट' की धारा 3 (जासूसी करना और देश की सुरक्षा या हितों के खिलाफ काम करना) और धारा 4 (विदेशी एजेंटों के साथ संपर्क रखना) लगाई गई हैं.
भारतीय न्याय संहिता की धारा 152 (भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाला काम) और धारा 61(2) (आपराधिक साजिश) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अभी ये स्पष्ट नहीं हो पाया कि FIR में महिला का नाम है या नहीं.
वीडियो: हरियाणा में कश्मीर की बस पर ईंट पत्थरों से हमला, सीएम उमर अब्दुल्ला ने क्या कार्रवाई मांगी?












