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अंडर 19 वर्ल्ड कप में टीमों को धूल चटाने वाला ये प्लेयर अब IPL में सबकी हालत खराब करेगा

आईपीएल में खरीदा जाने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी.

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फोटो - thelallantop
काबुल शहर से 250 किलोमीटर दूर खोस्त नाम की जगह. एक 10 साल का लड़का टीवी पर अपने देश अफ़ग़ानिस्तान की टीम को टीवी पर T-20 वर्ल्ड कप खेलते हुए देखा करता था. मैच देखते वक़्त वो अपने हाथ में एक टेनिस की बॉल लेकर उसे घुमाता रहता था. मैच के बाद वो अपने ही घर के पास अपने दोस्तों के साथ खेलता. ये उसकी क्रिकेट से दोस्ती की शुरुआत थी. पहले पहल गेंद को फ़ेंकते वक़्त वो बस फ्लाइट देता था. अपनी उंगलियों से गेंद पर किसी भी तरह का कोई जोर नहीं डालता था. लेकिन फिर उसकी दोस्ती हुई एक और नायाब चीज़ से - यूट्यूब. उसने देखा कि श्रीलंका टीम का एक खिलाड़ी अजंता मेंडिस गेंद फ़ेंकते वक़्त अपने हाथ की बीच वाली उंगली का इस्तेमाल करते हुए जोर से गेंद को धकेलता है. अब उसने भी अपनी उंगलियों का इस्तेमाल करना शुरू किया. समय बीता और वो अपनी इस स्किल को और भी मारक बनाने लगा. साल 2018 की शुरुआत उसके लिए बेहतरीन समय लेकर आई. उसने अंडर-19 वर्ल्ड कप में न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ बढ़िया बॉलिंग की, 4 विकेट लिए और फिर कुछ ही दिन बाद 4 करोड़ रुपये में प्रीति जिंटा ने उसे अपनी टीम के लिए खरीद लिया.

मुजीब ज़दरान. आईपीएल में खरीदा जाने वाला सबसे कम उम्र का खिलाड़ी.

मुजीब के साथ सबसे अच्छी बात थी कि वो एक हवेली में रहता था. उसके पापा की मौत के बाद उसे उसके मामा के परिवार ने पाला. उस हवेली में कई गेस्ट हाउस और एक ज़ू के साथ एक बड़ा सा खेलने का मैदान भी था. इसके साथ ही वहां एक क्रिकेट एकेडेमी भी चलती थी - नूर क्रिकेट एकेडेमी. इस एकेडेमी को चलाने वाले खुद मुजीब के ममेरे भाई और अफ़ग़ानिस्तान के लिए क्रिकेट खेलने वाले नूर अली ज़दरान थे. अगर अफ़ग़ानिस्तान की टीम 2010 में वर्ल्ड T-20 नहीं खेल रही होती तो शायद मुजीब को क्रिकेट से इस कदर प्यार नहीं हुआ होता. घर में ही क्रिकेट एकेडेमी होने से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ रहा था. लेकिन एक बार हाथ में गेंद थाम उसे घुमाने का हुनर आया तो उसने ट्रेनिंग शुरू की. वो घंटों अपनी अंगुलियों से गेंद में ताकत भर देने की कोशिश करने लगा. कई सालों की मेहनत के बाद देश की अंडर-19 टीम के असिस्टेंट कोच ख़लीकदाक नूरी ने 15 साल के मुजीब ज़दरान को कैम्प में बॉलिंग करते हुए देखा. एक प्रैक्टिस मैच के दौरान ख़लीकदाक अम्पायरिंग कर रहे थे. जब मुजीब बॉलिंग करने आया तो सामने बैटिंग कर रहे अफ़ग़ान टीम के नेशनल प्लेयर्स उसकी गेंदों को समझ ही नहीं पा रहे थे. वो उसकी वेरिएशंस पढ़ ही नहीं पा रहे थे. उस मैच में मुजीब ने 6 विकेट्स लिए. इस सब के बावजूद मुजीब को अंडर-16 टीम में जगह नहीं मिली. मायूस होकर मुजीब अपने घर वापस चला गया. वहां अपने परिवार के साथ क्रिकेट खेलने लगा. यहां उसे वो अस्त्र मिला जिसने उसे कम्प्लीट पैकेज बना दिया. मुजीब बैटिंग कर रहा था और उसे उसके भाई ने ऐसी गेंद फेंकी जो दिख तो लेग स्पिन रही थी लेकिन वो अंदर की ओर आ गई. मुजीब ने पूछा कि वो गेंद कैसे फेंकी जाती है. अब मुजीब अपनी गुगली को तैयार कर रहा था. अंडर 16 टीम में इसके बाद उसे जगह मिली. इस टीम में आकर अपनी बॉलिंग और भयानक वेरिएशन के दम पर मुजीब ने खूब नाम कमाया और कुछ ही वक़्त में अंडर 19 टीम का हिसा बन गया. अंडर 19 टीम का एशिया कप खेलते वक्त ही मुजीब से पहली बार किसी आईपीएल टीम से जुड़े शख्स ने बात की और उन्हें मालूम पड़ा था कि वो आईपीएल में भी खेल सकते हैं. बीसीसीआई ने अफ़ग़ानिस्तान क्रिकेट के लिए काफ़ी कुछ किया है. अफ़ग़ान टीम अपना पहला टेस्ट भी इंडिया के ख़िलाफ़ ही खेलेगी. इसके अलावा साल 2017 में अफ़ग़ानिस्तान को इंडिया में उनका होम ग्राउंड मिला, जहां आयरलैंड से उनकी सीरीज़ हुई. इसी सीरीज़ में मुजीब ने अपना डेब्यू किया और पहले ही मैच में 24 रन देकर 4 विकेट लिए. हाल ही में मुजीब ने न्यूज़ीलैंड अंडर-19 टीम के ख़िलाफ़ उन्हीं की ज़मीन पर बढ़िया परफॉर्म किया और 14 रन देकर 4 विकेट लिए. मुजीब की बॉलिंग के ही दम पर अफ़ग़ानिस्तान की टीम सेमीफाइनल तक पहुंच गई.

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