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एशियन गेम्स में प्लेयर्स को रूम नहीं मिल रहे, मंत्रालय ने जापान में रह रहे भारतीयों से मदद मांगी

जापान ने एशियन गेम्स के लिए खेल गांव नहीं बनाया, बल्कि लकड़ी के कंटेनरनुमा हट्स, क्रूज शिप्स और होटल में खिलाड़ियों के रुकने की व्यवस्था की. लेकिन, कमरों की काफी कमी है. भारतीय दल में शामिल खिलाड़ियों को भी बदइंतजामी का सामना करना पड़ रहा है.

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IOA अध्यक्ष पीटी उषा और खेल मंत्री मंसुख मांडविया नागोया पहुंच चुके हैं. (Courtsey- PTI)

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  • भारतीय एशियन गेम्स दल के लगभग 35 खिलाड़ियों को निर्धारित आवास नहीं मिलने के कारण होटलों में शिफ्ट किया गया है, और रविवार तक कई और खिलाड़ी नागोया पहुंचेंगे।
  • जापान ने खर्च को कम करने के लिए गेम्स विलेज नहीं बनाया, जिससे सीमित ठहरने के विकल्प और कमरों की कमी की समस्या उत्पन्न हुई है।
  • खेल मंत्रालय ने जापान में रहने वाले लगभग 2000 भारतीय परिवारों से संपर्क किया है ताकि आवास की कमी की स्थिति में खिलाड़ियों की मदद की जा सके।

भारतीय दल में शामिल कई खिलाड़ी एशियन गेम्स के लिए जापान के नागोया शहर पहुंच गए हैं. कई खिलाड़ियों ने नागोया पहुंचकर रहने की जगह को लेकर शिकायत की है. खिलाड़ियों ने बताया कि उन्हें अब तक कमरे नहीं मिले हैं. खेल मंत्रालय मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहा है. इस बीच, मिनिस्ट्री ने जापान में रहने वाले भारतीय लोगों से भी मदद की अपील की है.

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खर्च कम करने के लिए जापान ने एशियन गेम्स के लिए खेल गांव यानी गेम्स विलेज नहीं बनाया. खिलाड़ियों के रुकने का इंतजाम लकड़ी के कंटेनरनुमा हट्स, क्रूज शिप्स और होटलों में किया गया है. हालांकि, कमरों की काफी कमी है. भारत समेत कई अन्य देशों के खिलाड़ियों ने अपने ठहरने के इंतजाम में देरी की शिकायत की है.

खेल मंत्रालय ने मांगी मदद

भारत के मिशन प्रमुख सहदेव यादव ने शुक्रवार, 18 सितंबर को खुलासा किया कि निर्धारित आवास न मिलने की वजह से लगभग 35 भारतीय खिलाड़ियों को होटलों में शिफ्ट करना पड़ा. इसमें भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी शामिल हैं. रविवार, 20 सितंबर तक कई और भारतीय खिलाड़ी नागोया पहुंचेंगे. ऐसे में आवास को लेकर दबाव और बढ़ सकता है.

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टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, खेल मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया,

खेल मंत्रालय ने विदेशों में रहने वाले भारतीयों से संपर्क किया है, ताकि एशियन गेम्स के दौरान अगर खिलाड़ियों के लिए कमरों की कमी हो, तो वे उनके रहने की व्यवस्था में मदद के लिए तैयार रहें.

2000 भारतीय परिवारों से संपर्क

खबर के मुताबिक भारतीय एंबेसी की मदद से खेल मंत्रालय नागोया में लगभग 2000 भारतीय परिवारों से संपर्क किया है. कई परिवार आगे आए हैं. मंत्रालय की पहली प्राथमिकता है कि खिलाड़ियों को अच्छे होटलों में ठहराया जाए. लेकिन अगर फिर भी और कमरों की जरूरत पड़ती है तो प्रवासी भारतीय समुदाय की मदद ली जा सकती है.

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एशियन गेम्स के आयोजन को लेकर कई परेशानियां सामने आई हैं. 18 सितंबर को एशियन गेम्स में पारंपरिक फ्लैग होस्टिंग सेरेमनी होनी थी. लेकिन यह कार्यक्रम भी देरी से हुआ. भारत समेत कई देशों को देरी का कारण भी नहीं बताया गया. इसी वजह से कई दल नाराज भी हो गए.

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भारत के डीप्टि शेफ डी मिशन अचंता शरत कमल, लिजो डेविड टी, अलकनंदा अशोक और अंजलि भागवत ‘गार्डन पियर’ पर समारोह के लिए मौजूद थे. फ्लैग होस्टिंग सेरेमनी मल्टी स्पोर्ट्स इवेंट में भाग ले रहे दल का आधिकारिक स्वागत समारोह होता है. यह सेरेमनी खेलों के उद्घाटन से एक दिन पहले होती है.

 

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