टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) के साथ एक बात हमेशा जुड़ती है. ये कि माही फोन से कोसों दूर रहते हैं. उन्हें आमतौर पर अपना फोन इस्तेमाल करते हुए नहीं देखा जाता. कई दिग्गज क्रिकेटर भी शिकायत कर चुके हैं कि धोनी फोन नहीं उठाते. लेकिन पिछले साल एक गजब वाकया हुआ. भारतीय महिला टीम ने ODI वर्ल्ड कप जीता तो माही ने अपना फोन उठाया. स्मृति मंधाना को व्हाट्सएप पर एक खास मैसेज भेजा. मैसेज में उन्होंने पूरी टीम को अपनी तरफ से बधाई देने की गुजारिश की.
जब धोनी ने स्मृति को भेजा एक खास मैसेज! भारतीय महिला टीम की कप्तान ने बताया पूरा वाकया
Smriti Reveals about Dhoni Message : भारतीय महिला क्रिकेट टीम की 2025 ODI वर्ल्ड कप जीत के बाद पूर्व कप्तान MS Dhoni ने Smriti Mandhana को वाट्सएप मैसेज भेजकर पूरी टीम को बधाई दी थी. फोन से दूर रहने वाले धोनी ने एक इवेंट में बताया कि पूरी टीम में उनके पास सिर्फ मंधाना का ही नंबर था.

अब इस मजेदार बातचीत का खुलासा खुद स्मृति मंधाना ने किया है. मौका था धोनी के साथ एक प्रमोशनल इवेंट का. मंधाना ने बताया कि धोनी का मैसेज देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. आखिर एक ऐसे इंसान ने उन्हें मैसेज किया था, जो खुद अपना फोन बहुत कम इस्तेमाल करता है. मंधाना ने इवेंट में कहा,
वर्ल्ड कप जीतने के बाद उन्होंने मुझे सच में एक मैसेज भेजा था. मुझे अच्छे से पता है कि वह अपना फोन ज्यादा इस्तेमाल नहीं करते हैं. ऐसे में मुझे बहुत खुशी हुई. उन्होंने हम सभी को बधाई देने के लिए खास तौर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल किया.
मंधाना की यह बात सुनकर प्रेजेंटर हर्षा भोगले ने तुरंत चुटकी ली. उन्होंने मजाक में पूछा,
क्या आपने उनका नंबर सेव कर रखा था?
इस पर मंधाना ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया,
माही ने बताई पूरी बातमेरे पास उनका नंबर था.
इसके बाद बारी माही भाई की थी. धोनी ने इस मैसेज के पीछे की असली वजह बताई. उन्होंने खुलासा किया कि पूरी भारतीय महिला टीम में सिर्फ मंधाना ही ऐसी खिलाड़ी थीं, जिनका नंबर उनके पास मौजूद था. धोनी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा,
साउथ अफ्रीका को हराकर बने थे चैंपियनमेरे पास टीम में किसी और का नंबर नहीं था. लेकिन मैं चाहता था कि मेरा मैसेज उन तक जरूर पहुंचे. इससे ठीक पहले हमने साथ में एक कमर्शियल शूट किया था. इसलिए मेरे पास स्मृति का नंबर था. मैंने सोचा कि क्यों न स्मृति को ही मैसेज कर दूं. मैंने उनसे कहा कि प्लीज टीम की सभी खिलाड़ियों को मेरी तरफ से बधाई दे देना.
आपको याद दिला दें कि वो ऐतिहासिक तारीख 2 नवंबर 2025 थी. नवी मुंबई के मैदान पर भारत ने इतिहास रचा था. फाइनल में साउथ् अफ्रीका को 52 रनों से पीटकर भारत ने अपना पहला महिला ODI वर्ल्ड कप खिताब जीता था. उस खिताबी मुकाबले में भारत ने पहले बैटिंग की. बोर्ड पर 7 विकेट खोकर 298 रन टांगे. इसमें शेफाली वर्मा ने 87 और दीप्ति शर्मा ने 58 रनों की शानदार पारी खेली.
इसके बाद गेंद से भी दीप्ति शर्मा ने कहर बरपाया. उन्होंने पांच विकेट झटके. साउथ अफ्रीका की तरफ से लॉरा वोल्वार्ड्ट ने शतक जरूर लगाया. लेकिन दीप्ति के आगे उनकी एक न चली. पूरी अफ्रीकी टीम 246 रनों पर ऑलआउट हो गई और भारत चैंपियन बन गया.
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यह फाइनल मैच भी तब आया था, जब कुछ ही दिन पहले भारत ने सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया का घमंड तोड़ा था. उस मैच में कंगारू टीम ने 339 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य दिया था. लेकिन भारतीय टीम ने हार नहीं मानी. जेमिमा रोड्रिग्स ने नाबाद 127 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 89 रनों की भौकाली पारी खेली. भारत ने 5 विकेट खोकर 341 रन बना डाले. अभी 9 गेंदें बाकी थीं और भारत ने 5 विकेट से मैच अपने नाम कर लिया. उस वक्त महिला ODI क्रिकेट के इतिहास का यह सबसे बड़ा सफल रन-चेज था.
धोनी ने विमेंस क्रिकेट का सबसे बड़ा मोमेंट बतायाखैर, वापस धोनी पर आते हैं. धोनी के लिए इस जीत के मायने सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं थे. उन्होंने इसे भारत में विमेंस क्रिकेट का सबसे बड़ा मोमेंट बताया. धोनी ने कहा,
यह वर्ल्ड कप जीत एक बहुत बड़ी बात है. इससे भारतीय महिला क्रिकेट के आगे बढ़ने का पूरा तरीका बदल जाएगा. बात सिर्फ इतनी नहीं है कि आप देश के लिए एक बड़ी ट्रॉफी जीतकर लाए हैं. असली बात यह है कि इन लड़कियों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक नया रास्ता तैयार किया. अब नई पीढ़ी देखेगी कि क्रिकेट को कैसे देखा जाए. इसे एक करियर या पेशे के तौर पर कैसे अपनाया जाए. मुझे लगता है कि यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक बहुत बड़ा दिन था.
धोनी का भेजा गया वो व्हाट्सएप मैसेज भले ही एक छोटी सी पहल लगे. लेकिन इसके पीछे की भावना भारत की इस विशाल उपलब्धि को दिखाती है. यह एक ऐसी वर्ल्ड कप जीत है, जो आने वाली कई पीढ़ियों की लड़कियों को प्रेरित करेगी. ताकि वे क्रिकेट को सिर्फ एक शौक की तरह न देखें, बल्कि इसे एक मुकम्मल पेशे के रूप में अपनाएं.
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