दलीप ट्रॉफी के फाइनल में ईस्ट जोन ने दबदबा बना दिया है. पहले ईशान किशन की जबरदस्त 270 रनों की पारी. उसके बाद मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार की शानदार बॉलिंग. पहली पारी में ईस्ट जोन ने 372 रनों की लीड बना ली है. ईस्ट जोन के 708 रनों के पहाड़ के जवाब में साउथ जोन की टीम 336 रन ही बना सकी.
सिराज से अब भी बेहतर हैं शमी! दिग्गज पेसर ने दिखाई फ्लैट पिच पर बॉलिंग की टेक्निक
Duleep Trophy Final : ईस्ट जोन के बॉलर Md Shami ने साउथ जोन के खिलाफ जबरदस्त बॉलिंग की. उन्होंने तीसरे दिन शानदार बॉलिंग करते हुए 11 ओवर में 2 विकेट चटकाए. साथ ही Mukesh Kumar के साथ उनकी जुगलबंदी देखने लायक थी.

ईस्ट जोन टीम के बॉलर अनुकूल रॉय चोटिल हैं. माने वो एक कम बॉलर के साथ उतरे थे. लेकिन, फिर भी क्यों ईस्ट जोन के पेसर्स को 5 सफलताएं मिल गईं? वहीं, साउथ जोन के बॉलर्स स्ट्रगल करते रह गए. खासकर मोहम्मद सिराज को तो एक भी सफलता ही नहीं मिली. ये सवाल अभी सबके जेहन में है. इसने एक और सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या सेलेक्टर्स का मो. शमी को खारिज करना सही है?
क्यों शमी में अब भी बहुत दम?एक-एक कर सभी सवालों के जवाब ढूंढते हैं. सबसे पहले ये कि सिराज ने क्या गलती की, जो शमी और मुकेश ने नहीं की. दरअसल, सिराज ने मैच के पहले दिन कंडिशंस का फायदा नहीं उठाया. उन्होंने लगातार शॉर्ट और दिशाहीन बॉलिंग की. इसके कारण साउथ जोन ने काफी रन लुटाए. हालांकि, ये पहली बार नहीं है जब सिराज बिल्कुल रिदम में नज़र नहीं आए हैं. इससे पहले, श्रीलंका में भी वो आउट ऑफ फॉर्म ही नज़र आ रहे थे. यहां भी वो लाइन लेंथ और कंट्रोल हासिल करने में नाकाम रहे.
वहीं, शमी ने चेन्नई की भीषण गर्मी और उमस को देखते हुए अपनी टेक्निक बदल दी. उन्होंने मुकेश कुमार के साथ मिलकर छोटे-छोटे स्पेल में बॉलिंग की. माने वो 6-6 ओवर की स्पेल की जगह 2 से 4 ओवर के स्पेल में ही बॉलिंग कर रहे थे. ताकि वो जितने ओवर्स भी बॉलिंग करें उनमें अपना 100 परसेंट दे सकें. उन्होंने एक और खास चीज अपनाई.
दरअसल, लाल मिट्टी की पिच पर बॉल जल्दी खराब हो जाती है. ऐसे में शमी ने पसीने का इस्तेमाल कर पुरानी गेंद को बेहतरीन तरीके से मेंटेन किया. इससे उन्हें शानदार रिवर्स स्विंग मिली. इसी रिवर्स स्विंग पर उन्होंने शेख रशीद (21) को LBW आउट किया. पिच से ज्यादा मदद न मिलने के बावजूद, शमी ने स्टंप्स की लाइन में गेंदबाजी करते हुए 11 ओवर में 4 मेडन डाले और मात्र 17 रन देकर 2 अहम विकेट झटके.रशीद के अलावा उन्होंने स्मरण रविचंद्रन को भी आउट किया.
ये भी पढ़ें : अकरम ने पाकिस्तानी टीम की धज्जियां उड़ाईं! एजबेस्टन टेस्ट को लेकर क्या कहा?
उनके अलावा, मुकेश कुमार ने भी शानदार बॉलिंग की. मुकेश को भी तीसरे दिन 2 और चौथे दिन एक सफलता मिली. शमी के साथ स्ट्रैटजी को लेकर तीसरे दिन स्टंप्स के बाद जब मुकेश से पूछा गया तो उन्होंने कहा,
यहां 5-6 ओवर्स का स्पेल काम नहीं करता. क्योंकि इतने ओवर्स बॉलिंग करने पर यहां क्रैंप्स होने लगते हैं. बॉलिंग ग्रुप के तौर पर हमारा प्लान छोटे स्पेल में बॉलिंग करने का होता है. हम 5-6 ओवर्स की जगह 3-3 ओवर के दो स्पैल में बॉलिंग करने की कोशिश कर रहे थे. ताकि अपना मैक्सिमम एफर्ट्स डाल सकें.
उन्होंने आगे कहा,
सेलेक्टर्स को क्यों नहीं करना चाहिए खारिज?दूसरी चीज है बॉल को बनाना. पसीने का इस्तेमाल कर हम लगातार बॉल बनाने की कोशिश करते रहे. ताकि इससे रिवर्स स्विंग मिले. इस तरह की लाल मिट्टी की पिच पर बॉल जल्दी खराब हो जाती है. ऐसे में सबसे जरूररी होता है कि कैसे बॉल को तैयार किया जाए. और उसका ध्यान रखा जाए. रिवर्स स्विंग के लिए ये बहुत जरूरी है. हमने इस पर काम किया और इसका ही हमें फायदा मिला.
अब सबसे अहम सवाल क्या अभी शमी को खारिज करना सही है? ये सवाल इसलिए क्योंकि शमी अंतिम बार 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में खेले थे. उसके बाद से उन्हें सेलेक्टर्स ने टीम इंडिया में मौका नहीं दिया है. अब टीम इंडिया को न्यूजीलैंड का दौरा करना है. इस दौरे पर शमी अहम रोल निभा सकते हैं. टीम इंडिया के पूर्व बॉलिंग कोच भरत अरुण ने हाल ही में शमी की खूब तारीफ की थी.
उनके मुताबिक, शमी के हाथ में जब लाल गेंद होती है, तो उन्हें पिच या कंडिशंस से फर्क नहीं पड़ता. एक तरफ सिराज जैसे यंग्सटर्स जब स्ट्रगल कर रहे थे, शमी की एक्यूरेसी उन्हें विकेट दिला रही थी. ऐसे में अब सवाल सेलेक्टर्स से है कि क्या आप WTC फाइनल की उम्मीदें दांव पर लगाएंगे? या एक बार फिर अनुभवी शमी को मौका देंगे?
वीडियो: ईशान किशन ने मोहम्मद शमी की वापसी पर क्या कह दिया?













