
शमी, अपनी बिटिया आइरा के साथ
शमी की बेटी आइरा शमी 14 महीने की है. उसे तेज़ बुखार था और सांस लेने में तकलीफ़ हो रही थी. कलकत्ता के सिटी हॉस्पिटल में उसका इलाज चल रहा था. लेकिन 2 अक्टूबर को डॉक्टर्स की सलाह पर उसे आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा. मोहम्मद शमी को इस बात के बारे में दिन का खेल ख़तम होने पर बताया गया. वो तुरंत अस्पताल भागे. अपनी पर्सनल मुसीबत के बावजूद, ड्यूटी पूरी करने की खातिर, शमी अगली सुबह फिर से मैच खेलने वापस ईडेन गार्डन पहुंचे.
3 अक्टूबर को आइरा को आईसीयू से डिस्चार्ज कर दिया गया. शमी को इस बात की जानकारी मैच खतम होते ही दे दी गयी. मोहम्मद शमी ने पूरे मैच के दौरान इंडिया की जीत में बड़ा रोल प्ले किया था. पहली इनिंग्स में 3 विकेट और दूसरी इनिंग्स में भी 3 विकेट निकाले थे. वो भी ऐसी पिच पर जो स्पिनर्स को हेल्प कर रही थी.

मोहम्मद शमी अपनी पत्नी और बिटिया आइरा के साथ
शमी ने अपनी ज़्यादती ज़िन्दगी से जुड़ी मुश्किलों के बावजूद जिस तरह से दिए गए काम को ऊपर रखा वो सचमुच एक मिसाल है. अपनी 14 महीने की बच्ची के आईसीयू में भर्ती होने की तस्वीर लेकर पूरे दिन खेलते रहना वाकई मुश्किल रहा होगा. और ऐसे में क्रिकेट को सिर्फ एक खेल कह कर नकार देना देना काफ़ी अजीब लगता है. ये बातें बाकी सभी खेलों पर लागू होती हैं. आप जब मैदान में अपने देश की जर्सी पहने मौजूद होते हैं तो सिर्फ खेल नहीं रहे होते. आप वहां नेशनल ड्यूटी निभा रहे होते हैं.










