भारत की मेंस क्रिकेट टीम ने बीते 6 सालों में अलग मुकाम हासिल किया है. इस टाइम पीरिएड में टीम इंडिया ने 3 ICC ट्रॉफी जीतीं. ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट सीरीज में लगातार दो बार उसके घर में हराया. इंग्लैंड के खिलाफ उसकी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज ड्रॉ कराई. हाल ही में भारत ने श्रीलंका में 9 साल बाद टेस्ट सीरीज जीती. पाकिस्तान अक्सर भारत से अपनी क्रिकेट टीम की तुलना करता है. लेकिन, भारत ने कई साल पहले पाकिस्तान की टीम को हर डिपार्टमेंट में पीछे छोड़ दिया था.
पाकिस्तान की टीम कैसे बनी फिसड्डी, पूर्व क्रिकेटर ने खुद खोल दी PCB की पोल!
Pakistan की आदत अपनी क्रिकेट टीम की तुलना भारत से करने की रही है. हालांकि, Team India ने पाकिस्तान को बहुत पहले पीछे छोड़ दिया था. पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक का कहना है कि PCB की रोटेशन पॉलिसी का नुकसान टीम को हुआ है.

टीम इंडिया पाकिस्तान से कैसे आगे निकल गई? इस मामले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान मिस्बाह उल हक ने बात की है. उनका कहना है कि टीम में बार-बार प्लेयर्स को बदलने की आदत ने उसे बर्बाद कर दिया. आज पाकिस्तान की टीम किसी भी लिहाज से भारत के आसपास भी नहीं है.
इंग्लैंड टूर पर हुई पाकिस्तान की फजीहतइन दिनों पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड टूर पर है. वह इंग्लिश टीम के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज खेल रही. इस सीरीज में अब तक दो मुकाबले खेले जा चुके हैं. इन दोनों मैच में पाकिस्तान को शर्मनाक हार का सामना करना पड़ा.
लॉर्ड्स टेस्ट हारने के बाद, तो PCB आगबबूला हो गया. उसने कड़ी कार्रवाई करते हुए टीम के 7 प्लेयर्स को बीच सीरीज से पाकिस्तान वापस भेज दिया. इसके अलावा, हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल की भी छुट्टी कर दी. टीम में हुए इन अचानक बदलावों पर मिस्बाह उल हक ने चिंता जताई है.
टीम इंडिया पाकिस्तान से कैसे हुई आगे?मिस्बाह उल हक पाकिस्तान के वो कप्तान हैं, जिनके रहते टीम टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 बनी थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्बाह ने एक टेलीविजन शो में बात करते हुए कहा कि भारत ने इस सदी की शुरुआत में सीनियर प्लेयर्स, कैप्टंस और कोच को बहुत कम हटाया है. इससे उनकी टीम में स्टेबिलिटी बनी रही.
मिस्बाह के मुताबिक,
भारतीय क्रिकेट ने टीम की बेहतरी के लिए एक व्यवस्था बनाई और उसे डेवलप करने के लिए माहौल तैयार किया. 90 के दशक के बाद उन्होंने धीरे-धीरे अपने सिस्टम में इन्वेस्टमेंट किया. इन बदलावों से तत्काल आपको फायदा होता न दिखे, लेकिन भविष्य में बेहतर सिस्टम तैयार होता है.
मिस्बाह ने आगे बताया,
इस्तीफा दे चुके हैं मिस्बाहहमारे यंग प्लेयर्स बहुत ज्यादा व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेल रहे हैं. रेड-बॉल क्रिकेट में उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिलते. चार दिनों का क्रिकेट खेलना काफी नहीं है. इस वजह से प्रेशर हैंडल नहीं कर पाते हैं और उनके बिखरने की ज्यादा संभावना रहती है.
इंग्लैंड के खिलाफ लगातार दो टेस्ट हारने के बाद, PCB ने टीम में कई बदलाव किए. इसके बाद मिस्बाह उल हक नेशनल सेलेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया. लॉर्ड्स टेस्ट हारने के बाद, PCB ने जिन 7 प्लेयर्स को पाकिस्तान भेजा, उनमें सलमान अली आगा भी शामिल थे. सलमान आगा ने सीरीज के पहले टेस्ट में कप्तानी की थी.
इसके अलावा, PCB ने टेस्ट के हेड कोच सरफराज अहमद और बॉलिंग कोच उमर गुल को भी हटा दिया. सरफराज अहमद ने 2017 में पाकिस्तान को चैंपियंस ट्रॉफी जिताई थी. आंकड़ों पर नजर डालें, तो पाकिस्तान ने पिछले 3 सालों में 6 टेस्ट कोच बदले हैं.
सरफराज अहमद को माइक हेसन ने रिप्लेस किया है. हेसन पहले से पाकिस्तान क्रिकेट टीम के वाइट बॉल कोच हैं. उन्हें टेस्ट टीम का अंतरिम कोच बनाया गया है. वह तीसरे टेस्ट में अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे.
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इस दौरान मिस्बाह ने आरोप लगाया कि PCB पाकिस्तानी कोच की अपेक्षा, विदेशी कोचों को ज्यादा टाइम देता है. उन्होंने कहा कि यह सच है कि पाकिस्तान क्रिकेट लोकल और विदेशी कोच के साथ अलग-अलग व्यवहार करता है. विदेशी कोच की अपेक्षा लोकल कोच की ज्यादा स्क्रूटनी और आलोचना की जाती है. मिस्बाह ने ये बातें पाकिस्तान की सेलेक्शन कमेटी से इस्तीफा देने के बाद कही हैं.
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