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शेयर मार्केट में आज भारी गिरावट, ये शेयर तो औंधे मुंह गिरे

आज बाजार में आई गिरावट की चार बड़ी वजहें बताई गई हैं. इनमें से दो कारण हैं- ईरान युद्ध को लेकर जारी तनाव और कच्चे तेल के दाम में लगातार उछाल आना.

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(फोटो क्रेडिट: Aaj Tak)

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  • 7 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार में सेंसेक्स 453 अंक यानी लगभग 0.6% की गिरावट के साथ 76,062 अंक पर और निफ्टी 135 अंक गिरकर 23,761 अंक पर कारोबार कर रहा था।
  • शेयर बाजार में गिरावट के पीछे ईरान के तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, अमेरिका में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना और आगामी 12 आईपीओ के कारण निवेशकों की कम रुचि है।
  • ब्याज दरों में संभावित वृद्धि के कारण आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है, जिसका असर मुंबई और वैश्विक बाजारों पर भी देखा जाएगा।

भारतीय शेयर मार्केट में सोमवार 7 सितंबर को बड़ी गिरावट दर्ज की गई. सुबह 9:36 बजे, बीएसई सेंसेक्स 170.94 अंक या 0.22% गिरकर 76,344 पर आ गया. दोपहर 12 बजकर 40 मिनट के आसपास  सेंसेक्स 453 अंक लुढ़ककर 76,062 अंक पर कारोबार कर रहा था.  वहीं, इस वक्त के आसपास निफ्टी 50 135 अंक गिरकर 23,761 अंक पर कारोबार कर रहा था.

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क्यों गिर रहा बाजार ?

इंडिया टुडे में छपी एक रिपोर्ट में आज बाजार में आई गिरावट की चार बड़ी वजहें बताई गई हैं. पहला ईरान युद्ध को लेकर जारी तनाव, दूसरा कच्चे तेल के दाम लगातार उछल रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों का 97 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई हैं. बाजार में गिरावट का एक और बड़ा कारण यह है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ गई है.

शेयर बाजार में गिरावट का चौथा कारण यह है कि इस हफ्ते शेयर मार्केट में 12 आईपीओ आने वाले हैं. ये सभी कंपनियां निवेशकों से करीब 7200 करोड़ रुपये जुटाने वाली हैं. इसके चलते शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले लोग आईपीओ में किस्मत आजमा रहे हैं. इससे शेयर बाजार में पैसे लगाने वाले घट गए हैं. 

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जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार ने कहा कि अमेरिका में मजबूत रोजगार आंकड़ों ने सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ा दी है. इससे वैश्विक स्तर पर शेयर और बॉन्ड बाजारों पर भी दबाव पड़ेगा."

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किन शेयरों में भारी दबाव 

7 सितंबर को सबसे ज्यादा मार आईटी शेयरों पर पड़ती दिखाई दी है. आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली. अमेरिका के उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों के बाद सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें मजबूत होने के बाद आईटी शेयरों ने बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव डाला. सोमवार को शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2 परसेंट लुढ़क गया. 

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रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय आईटी कंपनियों को अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा अमेरिका से मिलता है. अगर वहां उच्च ब्याज दरें बढ़ती हैं तो वहां की कंपनियां टेक्नोलॉजी के मद में होने वाला खर्च घटा सकती हैं. इससे आईटी शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है. दोपहर एक बजे के आसपास इंफोसिस में करीब 3.5%, एचसीएल टेक्नोलॉजीज में करीब 2% की गिरावट दर्ज की गई. इसके अलावा टेक महिंद्रा करीब 3% और टीसीएस में करीब 1.5%  की गिरावट देखी गई.

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