The Lallantop

UP: हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग ने ली थाना प्रभारी की जान! बाप-बेटी ने वकील संग मिल रची साजिश

Uttar Pradesh के बस्ती में वाल्टरगंज थाना प्रभारी की मौत मामले में हनीट्रैप का खुलासा हुआ है. एक महिला, उसके पिता और एक वकील ने निजी तस्वीरों के जरिए उन्हें ब्लैकमेल किया था. पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

Advertisement
post-main-image
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. (फोटो: ITG)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में वाल्टरगंज थाना प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह की मौत के मामले में तीन आरोपियों, प्रियंका चौधरी, उनके पिता राम नयन चौधरी और वकील विजय प्रकाश यादव को गिरफ्तार किया गया है।
  • पुलिस की जांच में पता चला कि प्रियंका चौधरी ने कई वर्षो से अपने शिकारों से निजी तस्वीरें और वीडियो लेकर उन्हें ब्लैकमेल किया और पैसे की मांग की, जिससे विवाद और तनाव उत्पन्न हुआ।
  • जांच जारी है और पुलिस यह पता लगा रही है कि इस ब्लैकमेलिंग नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे तथा सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या से इस दबाव का क्या संबंध है।

उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में वाल्टरगंज थाना प्रभारी (SO) की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, एक महिला ने संपर्क बढ़ाकर उन्हें कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया और निजी तस्वीरों व वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने लगी. इस मामले में आरोपी महिला, उसके पिता और एक वकील को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

Advertisement
क्या है पूरा मामला?

आजतक से जुड़े रवि गुप्ता की रिपोर्ट के मुताबिक, वाल्टरगंज थाने के प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह ने 29 अगस्त को अपने सरकारी आवास पर सुसाइड कर लिया था. उनकी मौत के बाद बेटे संदीप सिंह ने 5 सितंबर को बस्ती कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने सूर्य प्रकाश के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच शुरू की.

पुलिस ने क्या बताया?

बस्ती के DIG संजीव त्यागी के मुताबिक, जांच में प्रियंका चौधरी (32), उसके पिता राम नयन चौधरी और अधिवक्ता विजय प्रकाश यादव की भूमिका सामने आई. पुलिस का दावा है कि प्रियंका पहले लोगों से संपर्क करती थी. दोस्ती और नजदीकी बढ़ने के बाद निजी बातचीत, तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड कर लेती थी. इसके बाद बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगे जाते थे. पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटाई जा रही है.

Advertisement

जांच में यह भी दावा किया गया है कि प्रियंका करीब 10 साल से अपने पति से अलग रह रही थी और मुंबई में ब्यूटी पार्लर और स्पा सेंटरों में काम कर चुकी है. पुलिस अब उसके पुराने संपर्कों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है.

ये भी पढ़ें: हनीट्रैप में फंसे IAF के विंग कमांडर? 'पाकिस्तानी एजेंट' से डिफेंस डेटा लीक करने का आरोप

तीनों आरोपी गिरफ्तार

DIG संजीव त्यागी के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों में सूर्य प्रकाश सिंह का प्रियंका चौधरी और विजय प्रकाश यादव से संपर्क सामने आया है. घटना वाले दिन 29 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 41 मिनट पर विजय प्रकाश यादव ने सूर्य प्रकाश को आखिरी कॉल की थी. पुलिस इस बातचीत और घटना से पहले की परिस्थितियों की भी जांच कर रही है.

Advertisement

पुलिस ने तीनों आरोपियों को हॉस्पिटल चौराहे से गिरफ्तार किया है. अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है. यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे और क्या दूसरे लोगों को भी इसी तरीके से निशाना बनाया गया था. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ब्लैकमेलिंग के दबाव का सूर्य प्रकाश सिंह की आत्महत्या से क्या संबंध था.

वीडियो: कर्नाटक के मंत्री का दावा, "48 नेता हनी ट्रैप में फंसे, कई दलों के बड़े नेता भी शामिल"

Advertisement