ईशान चंद्रनाथ पोरेल. ये नाम याद कर लीजिए. हो सकता है कहीं एक-दो नंबर के सवाल में पूछ लिया जाए. और ये तो निश्चित है कि अब से अनंत काल तक जब भी भारत बनाम पाकिस्तान क्रिकेट की बात होगी, तो ईशान चंद्रनाथ पोरेल का ज़िक्र ज़रूर होगा. क्यों? क्योंकि जब भारत पाकिस्तान के साथ अंडर-19 वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल खेल रहा था, तो इन जनाब ने अपने पहले तीन ओवर में तीन और पांचवे ओवर में चौथा विकेट लेकर पाकिस्तान के टॉप ऑर्डर को तोड़ डाला था.
U19 वर्ल्डकप: IPL में न बिकने वाले ईशान पोरेल ने पाकिस्तानी टीम को तहस-नहस कर दिया
ईशान को ट्रेनिंग दी थी पाकिस्तान के दिग्गज बॉलर वकार यूनिस ने और आज ईशान ने उन्हीं की टीम के पलीता लगा दिया.


पाक के लिए ये बिल्कुल वैसा ट्रीटमेंट था, जैसे स्कूल के सबसे खड़ूस टीचर पहले बालों को मुट्ठी में जकड़कर ज़ोर से 360 डिग्री पर झुलाते हैं और फिर अचानक एक थप्पड़ आता था और आंखें चौंधिया जाती थीं. सोचिए इसी चकाचौंध में कोई आपको झुकाकर पीठ पर घम्म से घूंसा धर दे! ईशान के दो मेडेन ओवर यही घूंसा थे.
दादा, पापा, चाचा... सब कबड्डी खेलते थे
ईशान पश्चिम बंगाल से आते हैं. 5 सितंबर 1998 को हुगली में पैदा हुए थे. ईशान के परिवार में भी खिलाड़ी रहे हैं. इनके दादा, पिता और चाचा. वो सब कबड्डी खेलते थे. ईशान भी सरसों के तेल वाली मिट्टी चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने अपने लिए क्रिकेट का मैदान चुना. 10 साल की उम्र में स्विमिंग करने वाले ईशान के खेल में जब पढ़ाई आड़े आने लगी, तो उन्हें परिवार से पूरा सपोर्ट मिला. उन्हें कोलकाता की क्रिकेट अकैडमी में भेजा गया.

कभी टेनिस बॉल से बैटिंग करने वाले ईशान जब क्रिकेट अकैडमी पहुंचे, तो उन्होंने बैट्समैन बनने की ख्वाहिश जताई. लेकिन वहां मौजूद कोचों ने उनकी हाइट देखते हुए उन्हें बॉलर बनने की सलाह दी. ये फैसला सही था, क्योंकि 6 फिट 2 इंच की हाइट का ये बॉलर जब गेंद फेंकता है, तो वो किसी तोप के गोले की तरफ छूटती है. ईशान बताते हैं कि जब लोग आपको अपने बीच सबसे तेज बॉलर कहते हैं, तो सुनकर अच्छा लगता है.

अपने कोच के साथ ईशान
इन दिनों इंडिया की अंडर-19 टीम के बॉलर्स की खूब तारीफ हो रही है, क्योंकि वो न्यूज़ीलैंड में लगातार 140 किमी प्रति घंटे से ज़्यादा की रफ्तार से बॉलिंग कर रहे हैं. ईशान भी इसी स्क्वॉड का हिस्सा हैं. बस इनके बारे में आपको शुरुआत में इसलिए पता नहीं चल पाया, क्योंकि अंडर-19 वर्ल्ड कप में इंडिया के पहले मैच में ही ये घायल हो गए थे.
पर ईशान को वापस नहीं भेजा गया
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच में ईशान सिर्फ 4.1 ओवर ही फेंक पाए थे और फिर घायल होने की वजह से मैदान से बाहर चले गए. इसके बाद उनका खेलना नामुमकिन था. टीम मैनेजमेंट ने ईशान की जगह भरने के लिए विदर्भ के पेसर आदित्य ठाकरे को न्यूज़ीलैंड बुला लिया. ठाकरे अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए चुने जाने वाले विदर्भ के मात्र दूसरे खिलाड़ी थे. उनसे पहले 2004 में विदर्भ के कप्तान रहे फैज़ फज़ल को टीम में लिया गया था, लेकिन उन्हें वार्मअप मैच में अंगूठा फ्रैक्चर होने की वजह से अपना बैग पैक करना पड़ा था. उनकी जगह बुलाए गए थे शिखर धवन, जिन्होंने टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाए थे.

विकेट लेने के बाद आदित्य ठाकरे
ऐसी ही कहानी ईशान की भी हो सकती थी, पर टीम मैनेजमेंट की मेहरबानी से नहीं हुई. ईशान को वापस नहीं भेजा गया. वजह साफ थी. वो महज़ 19 साल के हैं और ऐसे हालात में वापस भेजा जाना उन्हें बुरी तरह तोड़ सकता था. खासकर तब, जब उन्होंने इसी टूर्नामेंट के लिए दो साल तक पसीना बहाया हो.
पाकिस्तानी दिग्गज से सीखा, पाकिस्तान के ही पलीता लगाया
ईशान को पर्याप्त आराम देने के बावजूद कोच राहुल द्रविड़ श्योर नहीं थे कि ईशान को मैदान में उतारा जाए या नहीं. आखिरकार उन्हें क्वार्टरफाइनल में बांग्लादेश के खिलाफ उतारा गया. इस मैच में उन्होंने पांच ओवर फेंके, एक भी विकेट नहीं लिया, लेकिन दो मेडेन ओवर डालकर सिर्फ 8 रन दिए. इंडिया ने ये मैच 131 रनों के बड़े अंतर से जीता और मैच के बाद कप्तान पृथ्वी शॉ ने कहा कि ईशान की बॉलिंग उनके लिए काफी मददगार रही, क्योंकि वो दबाव बनाए हुए थे.

अंडर-19 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में बॉलिंग के दौरान ईशान
इसके बाद आई पाकिस्तान के साथ सेमीफाइनल की बारी. हमारे पड़ोसी मुल्क की वो टीम, जिसे श्राप है कि वो वर्ल्ड कप नाम के इवेंट में हमसे कभी नहीं जीतेगी. पाकिस्तान 273 रनों का टारगेट चेज़ करने उतरी थी, लेकिन ईशान ने अपने पहले ही स्पेल में उसे दिन में तारे दिखा दिए. रोचक बात ये है कि ईशान की ट्रेनिंग वकार यूनिस के अंडर में हुई है. पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज रहे वकार ने ईशान को सलाह दी थी कि वो अपनी स्पीड के साथ कोई समझौता न करें. अब ये फलीभूत होता दिख रहा है.

पाकिस्तान की टेस्ट और वनडे टीम के पूर्व कप्तान वकार यूनिस, जिन्हें अब तक के बेहतरीन पेस बॉलर्स में गिना जाता है.
वकार यूनिस से ईशान का राब्ता हुआ था पश्चिम बंगाल में. असल में बंगाल क्रिकेट असोसिएशन का एक प्लान है 'विजन 2020', जिसका मकसद इंडिया की नेशनल टीम के लिए अच्छे प्लेयर देना है. इसके लिए वो यूनिस की मदद भी ले रहे हैं. वकार ने ईशान से कहा कि अगर उन्हें अपने पेस से कॉन्फिडेंस है, तो वो उसे बनाए रखें. बिना किसी डर के. वकार से ईशान को अपर बॉडी मसल्स मज़बूत करने जैसे कई टिप्स मिले.
IPL में किसी फ्रेंचाइज़ी ने नहीं खरीदा
पृथ्वी शॉ, शुभमन गिल, कमलेश नागरकोटी और शिवम मावी. ये वो चार खिलाड़ी हैं, जो इस समय इंडिया की अंडर-19 टीम का हिस्सा हैं और जिन्हें IPL की नीलामी में एक करोड़ से ज़्यादा की रकम में खरीदा गया. पर ईशान पोरेल को IPL में किसी ने नहीं खरीदा. ईशान ने चोटिल होने की कीमत चुकाई. अगर उन्होंने वर्ल्ड कप के सारे मैच खेले होते, तो शायद लोगों की नज़र उन पर पड़ती. हो सकता है अब उन फ्रेंचाइज़ीस को मलाल हो कि उन्होंने ईशान पर भरोसा क्यों नहीं दिखाया.

पृथ्वी शॉ, शुभमन गिल और कमलेश नागरकोटी (बाएं से दाएं)
2017 में डेब्यू किया, 2017 में ही छा गए
ईशान का फर्स्ट क्लास डेब्यू हुआ था नवंबर 2017 में, जब उन्होंने बंगाल की रणजी टीम की तरफ से विदर्भ के खिलाफ खेला था. इस मैच में बंगाल को फॉलोऑन खेलना पड़ा था और विदर्भ को दूसरी पारी में जीत के लिए सिर्फ 15 रन बनाने थे, लेकिन ईशान ने इस मैच में चार विकेट लिए थे. इसी रणजी टूर्नामेंट में इनका आखिरी मैच दिसंबर में गुजरात के खिलाफ हुआ, जो ड्रॉ हो गया था. इसमें ईशान ने तीन विकेट लिए थे. इनमें से एक विकेट प्रियांक पांचाल का था, जो पिछले सीज़न में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले बैट्समैन थे. इससे पहले ईशान का लिस्ट ए डेब्यू फरवरी 2017 में विजय हजारे ट्रॉफी में हुआ था.
कैफ से लेकर हर्षा भोगले तक कर रहे तारीफ
पाकिस्तान के साथ सेमीफाइनल के दौरान जब ईशान की गेंदें आग उगल रही थीं, तो ट्विटर पर लोग उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे थे. अब आप ही बताइए कि पाकिस्तान के साथ सेमीफाइनल में कोई धड़ाधड़ चार विकेट ले ले, तो फैंस का क्या हाल होगा.
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