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मनोज तिवारी ने जिस मैच को लेकर धोनी को लपेटा, उसकी 'असली कहानी' क्या है?

Manoj Tiwary ने रिटायरमेंट के बाद Team India से बाहर किए जाने को लेकर Mahendra Singh Dhoni से सवाल पूछा है. Tiwary ने 2012 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शतक लगाया था.

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क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद मनोज तिवारी ने धोनी पर टीम इंडिया में मौके नहीं दिए जाने को लेकर सवाल किया (PTI)

टीम इंडिया और बंगाल के पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) काफी चर्चा में हैं. दो वजहों से. पहली वजह है बिहार के खिलाफ रणजी मैच के बाद क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायरमेंट (Manoj Tiwary retirement). और दूसरी वजह है इस मैच के बाद दिए गए अलग-अलग बयान. जिसमें उन्होंने दिग्गज इंडियन कैप्टन महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) और कुछ हद तक गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) पर तंज कसा है.

टीम इंडिया के लिए 12 वनडे और तीन T20I खेल चुके मनोज ने महेंद्र सिंह धोनी पर टीम इंडिया से उन्हें नजरअंदाज करने का आरोप लगाया. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा,

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“जब भी मुझे मौका मिलेगा, तो मैं महेंद्र सिंह धोनी से पूरी विनम्रता के साथ निश्चित तौर एक सवाल करूंगा. मैं पूछना चाहूंगा कि शतक बनाने के बावजूद मुझे टीम इंडिया से क्यों ड्रॉप किया गया? खासतौर पर ऑस्ट्रेलिया के दौरे में, जब कोई भी रन नहीं बना रहा था. न ही विराट, न ही रोहित और न ही सुरेश रैना. अब तो मेरे पास खोने के लिए भी कुछ नहीं बचा है.”

तिवारी ने अब यहां जिस शतक का जिक्र किया वो किसके खिलाफ था और इस मैच का नतीजा क्या रहा था? आइए, इसके बारे में आपको बताते हैं. 

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मैच में क्या हुआ था?

तारीख 11 दिसंबर 2011. जगह चेन्नई का MA चिदंबरम स्टेडियम. वेस्टइंडीज और टीम इंडिया के बीच वनडे सीरीज का पांचवां मैच खेला जा रहा था. तीन मैच जीतकर टीम इंडिया पहले ही सीरीज जीत चुकी थी. और ये मैच महज औपचारिकता भर रह गया था.

टॉस जीता इंडियन टीम के कैप्टन गौतम गंभीर ने और पहले बैटिंग चुनी. टीम इंडिया की शुरुआत बेहद ही खराब रही. स्कोरबोर्ड पर महज एक रन लगा था कि पहले पार्थिव पटेल और फिर अजिंक्य रहाणे चलते बने. यहां से पारी संभाली कैप्टन गौतम गंभीर और युवा बैटर मनोज तिवारी ने. दोनों स्कोर को 84 रन तक लेकर गए. गंभीर 31 रन बनाकर आउट हुए. फिर क्रीज पर आए विराट कोहली. कोहली ने मनोज तिवारी के साथ मिलकर ना सिर्फ वेस्टइंडीज के बॉलर्स के खिलाफ खूब रन बटोरे. 117 रन की इस महत्वपूर्ण पार्टनरशिप के दौरान मनोज तिवारी ने अपना पहला इंटरनेशनल शतक पूरा किया. तिवारी ने 126 गेंदों पर 104 रन बनाए. और फिर क्रैंप के चलते मैदान से बाहर चले गए. कोहली ने 80 रन्स की पारी खेली और टीम इंडिया के स्कोर को 6 विकेट के नुकसान पर 267 रन तक पहुंचा दिया.

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बारी आई वेस्टइंडीज के बैटर्स की. और शुरुआत में ही कैरिबियन बैटिंग लाइन अप ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. 78 रन तक आधी टीम पवेलियन लौट गई. यहां से कायरन पोलार्ड ने आंद्रे रसल के साथ मिलकर टीम को संभाला और स्कोर को 167 तक लेकर गए. रसल 53 रन बनाकर गंभीर के थ्रो पर रन आउट हुए. पोलार्ड ने 119 रन की शानदार पारी खेली. इन दोनों के अलावा कोई और प्लेयर टिककर नहीं खेल सका और वेस्टइंडीज की टीम 44.1 ओवर में 233 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. शानदार पारी के लिए मनोज तिवारी 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुने गए थे.

हालांकि, शतक लगाने के बाद उन्हें अगला मौका पाने के लिए 14 मैच और तकरीबन 7 महीने इंतजार करना पड़ा. इसके बाद उन्हें नियमित तौर पर टीम में मौका नहीं मिला. तिवारी ने भारत के लिए 12 वनडे मुकाबले खेले. उनके नाम 12 वनडे मैच में 26.09 की औसत से कुल 287 रन रहे. जबकि तीन T20I में उनके नाम 15 रन है. तिवारी ने करियर का आखिरी वनडे और इंटरनेशनल मैच 14 जुलाई 2015 को जिम्बाब्वे के खिलाफ खेला.

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