लवलीन बोरगोहाई ने खुद को परफेक्ट बर्थडे गिफ्ट दिया है. ओलंपिक मेडलिस्ट ने 2 अक्टूबर को एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड मेडल जीत लिया. उन्होंने विमेंस बॉक्सिंग के 75 केजी वेट कैटेगरी में चीन की बाओ जियी को हराकर ये इतिहास रचा.
लवलीना का खुद को परफेक्ट बर्थडे गिफ्ट! एशियाड में दोहराया मैरी कॉम वाला कारनामा
Asian Games 2026 : भारतीय बॉक्सर Lovlina Borgohain ने एशियन गेम्स में अपना पहला गोल्ड जीता. सबसे खास बात ये कि 2 अक्टूबर को उन्होंने अपने बर्थडे पर खुद को स्पेशल गिफ्ट दिया है. उन्हाेंने 12 साल बाद एशियाड के विमेंस बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीता. अंतिम बार MC Mary Kom ने ये कारनामा किया था.

एशियाड में विमेंस बॉक्सिंग में 12 साल बाद भारत की झोली में गोल्ड मेडल आया. उनसे पहले, ये कारनामा 2014 के इंचियोन गेम्स में दिग्गज बॉक्सर एमसी मैरी कॉम ने किया था. मैरी कॉम ने तब 51 केजी फ्लाईवेट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता था.
लवलीना ने बाओ को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराया. इस जीत के साथ उन्होंने पिछले एशियन गेम्स में जीते सिल्वर मेडल का रंग बदलकर गोल्ड कर दिया. पिछली बार भी फाइनल में उनका सामना दूसरे चीनी बॉक्सर से ही हुआ था. लेकिन, तब उन्हें ली कियान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था.
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बॉक्सिंग में भारत के 6 मेडल हैं पक्केइस एशियाड में भारतीय बॉक्सर्स ने 6 मेडल पक्के कर लिए हैं. लवलीना के गोल्ड से पहले, प्रिया घणघस (60 केजी), कपिल पोखरिया (90 केजी) और नरेंद्र बरवाल (90 केजी+) ने कांस्य पदक जीते हैं. वहीं, परवीन हुड्डा (65 किग्रा) और अंकुश पंघाल (80 किग्रा) दिन में बाद में गोल्ड मेडल के लिए रिंग में उतरेंगे.
हालांकि, इसके बावजूद ये बाॅॅॅॅॅक्सर्स का एशियाड में बेस्ट प्रदर्शन नहीं है. एशियन गेम्स में भारतीय बॉक्सर्स का अब तक का बेस्ट प्रदर्शन 2010 के ग्वांगझू गेम्स में आया था. वहां भारतीय दल ने कुल नौ पदक जीते थे. इनमें 2 गोल्ड, 3 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज पदक शामिल थे. पिछले महीने भी कॉमनवेल्थ गेम्स में इंडियन बॉक्सर्स ने शानदार प्रदर्शन किया था.
वहीं, लवलीना इस बार एशियन गेम्स में खुद को साबित करने के इरादे से उतरी थीं. पिछले महीने भारतीय दल ने कॉमनवेल्थ में कई गोल्ड मेडल जीते थे. लेकिन, लवलीना को ऑस्ट्रेलिया की एमा-सू ग्रीनट्री से हारने के बाद सिल्वर मेडल से ही संतोष करना पड़ा था. हालांकि, निराश होकर बैठने के बजाय, उन्होंने अपनी कमियों पर काम करने और छोटी-छोटी गलतियों से बचने के लिए जरूरी चीजें सीखने का फ़ैसला किया. अब इसका रिजल्ट भी उन्हें मिल गया है.
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