FIFA World Cup 2026 के पहले सेमीफाइनल में फ्रांस की टीम अपनी विनिंग स्ट्रीक बरकार नहीं रख पाई. स्पेन के खिलाफ उसे 2-0 की हार झेलनी पड़ी. इस हार के बाद वर्ल्ड कप में फ्रांस का सफर खत्म हो गया. जाहिर है कप्तान किलियन एमबाप्पे (Kylian Mbappe) काफी निराश दिखे. मैच के बाद उन्होंने कहा कि टीम उम्मीद के मुताबिक नहीं खेली.
भावुक एमबाप्पे ने बताया फ्रांस की टीम सेमीफाइनल में कैसे 'फिसल' गई?
FIFA वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस का दबदबा रहा. ग्रुप स्टेज से लेकर क्वार्टर फाइनल तक टीम एक भी मैच नहीं हारी थी. किलियन एमबाप्पे की टीम ने लगातार 6 मैच जीते. फ्रांस वर्ल्ड कप में फेवरेट था. लेकिन, सेमीफाइनल में सब उलट-पुलट हो गया.


FIFA वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस का दबदबा रहा. ग्रुप स्टेज से लेकर क्वार्टर फाइनल तक टीम एक भी मैच नहीं हारी थी. किलियन एमबाप्पे की टीम ने लगातार 6 मैच जीते. फ्रांस वर्ल्ड कप में फेवरेट था. लेकिन, सेमीफाइनल में सब उलट-पुलट हो गया.
क्या बोले एमबाप्पे?वर्ल्ड कप से बाहर होने बाद एमबाप्पे काफी भावुक हुए. उन्होंने माना कि टीम ने फाइनल में जगह बनाने लायक प्रदर्शन नहीं किया. उन्होंने कहा,
स्पेन की डोमिनेट परफॉर्मेंससेमीफाइनल में हम वो प्रदर्शन नहीं कर सके, जो करना चाहते थे. हमारी ओवर ऑल परफॉर्मेंस खराब रही. जब आप वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में वो नहीं कर पाते, जो आपको करना चाहिए तो आप जीत नहीं सकते. स्पेन की टीम अपने प्लान के मुताबिक खेली. हमारी प्रोसिंग में कम्युनिकेशन की कमी रही, भले ही हम बॉल छीन लेते थे.
स्पेन ने सेमीफाइनल में टूर्नामेंट की बेस्ट परफॉर्मेंस दी. उसने फ्रांस के हर अटैक को नाकाम कर दिया. पूरे मैच में स्पेन ने गेंद पर नियंत्रण रखा. फ्रांस पर लगातार प्रेशर बनाया. फ्रांस को अटैक करने के लिए स्पेस नहीं दिया.
यूरोपियन चैंपियन स्पेन ने अपने हिसाब से मैच को कंट्रोल किया. पूरे मैच में फ्रांस को बैकफुट पर रखा. कप्तान रोड्री ने अकेले एमबाप्पे, ओलिसे और डेंबेले को रोके रखा.
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स्पेन के लिए पहला गोल 22वें मिनट में आया. मिकेल ओयारजबाल ने पेनल्टी पर गोल करके टीम को लीड दिला दी. स्पेन के लिए यह पेनल्टी लामिन यमाल ने जीती थी. पहले हाफ में फ्रांस बराबरी करने के लिए जूझता रहा. उसके खिलाड़ी स्पेन के मजबूत डिफेंस को भेद नहीं पाए.
स्पेन की तरफ से 58वें मिनट में पेड्रो पोरो ने दूसरा गोल दागा. 2-0 की लीड लेते ही स्पेनिश टीम ने अपना डिफेंस और मजबूत किया. फ्रांस वापसी के लिए संघर्ष करता दिखा. स्पेन के डिफेंडर रोड्रिगो हर्नांडीज कास्कांते दीवार बन गए. उन्होंने फ्रांस की हर चाल नाकाम कर दी. 2-0 की लीड लास्ट तक बरकरार रही.
स्पेन की टीम दूसरी बार फाइनल में पहुंची है. इससे पहले 2010 के वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी. तब उसने नीदरलैंड्स को फाइनल में हराकर खिताब जीता था.
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