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'सोनम वांगचुक को जबरन खिलाया जाए, वर्ना दो दिन में मौत हो जाएगी', दिल्ली HC में याचिका दायर

सोनम वांगचुक का अनशन तुड़वाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. इस याचिका में मांग की गई है कि सोनम वांगचुक को जबरदस्ती खिला कर (फोर्स फीडिंग) उनकी भूख हड़ताल खत्म कराई जाए. दिल्ली हाई कोर्ट ने इस याचिका पर केंद्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है.

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सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ रही है. (इंडिया टुडे)

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  • सोनम वांगचुक ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल 18वें दिन भी जारी रखी है, जबकि उनकी सेहत बिगड़ती जा रही है और उनका वजन 8.5 किलोग्राम कम हो गया है।
  • उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए वकील राकेश कुमार सैनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें वांगचुक को जबरन खाना खिलाकर भूख हड़ताल खत्म कराने की मांग की गई है।
  • दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को 16 जुलाई तक याचिका पर अपना रुख स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया है, और इसी दिन इस मामले की सुनवाई की संभावना है।

सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल को 17 दिन पूरे हो चुके हैं. आज 18वां दिन है. वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. अनशन के बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई है. वजन 8.5 किलोग्राम कम हो गया है. उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. याचिका में उनको मेडिकल हेल्प देने और जबरदस्ती खाना खिलाकर (फोर्स फीडिंग) भूख हड़ताल खत्म कराने की मांग की गई है. 

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‘सोनम वांगचुक की 2 दिन में हो जाएगी मौत’

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एक्टिविस्ट और वकील राकेश कुमार सैनी की ओर से ये याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि अगर सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल जारी रखते हैं तो दो दिन के भीतर उनकी जान जा सकती है. इसमें  केंद्र और दिल्ली सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है कि वांगचुक को अस्पताल ले जाया जाए और उनको जबरन खाना खिलाया (फोर्स फीडिंग) जाए. 

राकेश कुमार सैनी ने याचिका में आगे कहा, 

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वांगचुक का स्वास्थ्य बिगड़ गया है. अगर उनका निधन हो जाता है तो यह देश और दुनिया के लिए बहुत शर्म की बात होगी. सबसे आसान उपाय ये है कि उनको अस्पताल ले जाया जाए और उनको लिक्विड फूड के माध्यम से जरूरी न्यूट्रिएंट्स और विटामिन दिए जाएं, जोकि मानव शरीर के जीवित रहने के लिए जरूरी है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी करके 16 जुलाई तक इस याचिका पर उनका रुख साफ करने को कहा है. 16 जुलाई को ही कोर्ट इस मामले में सुनवाई कर सकती है.

फोर्स फीडिंग क्या होता है?

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‘फोर्स फीडिंग’ किसी ऐसे व्यक्ति को ट्यूब या IV (Intavenous) की मदद से खाना देना होता है जो खुद से खाने में असमर्थ हो या अनिच्छुक हो. इसका सबसे आम तरीका नासोगैस्ट्रिक (एनर्जी) ट्यूब फीडिंग है. इसमें एक पतली ट्यूब नाक से होकर गले से नीचे पेट तक डाली जाती है. इसकी मदद से न्यूट्रिएंट्स वाला लिक्विड फॉर्मूला दिया जाता है.

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सोनम वांगचुक का हेल्थ अपडेट

सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य से जुड़ी लेटेस्ट अपडेट के मुताबिक, उनका वजन लगभग 8.5 किलोग्राम कम हो गया है और ब्लड प्रेशर घटकर 109/70 हो गया है. 28 जून को भूख हड़ताल शुरू करने वाले वांगचुक का शिक्षाविदों, कई विपक्षी नेताओं समेत फिल्म इंडस्ट्री के कई लोगों ने समर्थन किया है. 

वीडियो: सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल में किस तरह का संघर्ष है?

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