FIFA वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने में अब कुछ महीने ही बचे हैं. टूर्नामेंट अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में 11 जून से 19 जुलाई तक खेला जाएगा. लेकिन ईरान की फुटबॉल टीम ने टूर्नामेंट अमेरिका में खेलने से मना कर दिया है. ये फैसला इजरायल-अमेरिका के ईरान पर हमले को देखते हुए लिया गया है.
ईरान FIFA वर्ल्ड कप 2026 का बॉयकॉट नहीं करेगा, लेकिन अमेरिका को दिखाया ठेंगा
ईरान की टीम को जून में बेल्जियम, ईजिप्ट, और न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने मैच खेलने हैं. ये सभी मैच अमेरिका में होने हैं.


ईरान फुटबॉल फेडरेशन (FFIRI) के अध्यक्ष मेहदी ताज ने बताया कि टीम वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी कर रही है, लेकिन वो अमेरिका में मैच नहीं खेलेगी. ताज ने बुधवार 18 मार्च को फार्स न्यूज एजेंसी को दिए बयान में कहा,
"नेशनल फुटबॉल टीम तुर्की में ट्रेनिंग कैंप कर रही है और वहां दो फ्रेंडली मैच भी खेलेगी."
ताज ने आगे कहा,
खेल मंत्री ने क्या कहा था?“हम अमेरिका का बॉयकॉट करेंगे, लेकिन वर्ल्ड कप का नहीं.”
मेहदी ताज का ताजा बयान ईरान के खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली के बयान के बाद सामने आया है. दोन्यामाली ने कहा था कि इस्लामिक रिपब्लिक के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान FIFA वर्ल्ड कप 2026 में बिल्कुल हिस्सा नहीं लेगा. खेल मंत्री अहमद दोन्यामाली ने कहा था,
"इस भ्रष्ट अमेरिकी शासन ने हमारे नेता की हत्या कर दी है, ऐसे में वर्ल्ड कप में भाग लेने की कोई स्थिति नहीं है. हमारे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं और ऐसे हालात में टूर्नामेंट खेलना संभव नहीं है."
वहीं, मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शाइनबॉम ने 17 मार्च को कहा था कि ईरान की टीम चाहे तो अपने मैच उनके देश में खेल सकती है. लेकिन उन्होंने ये भी साफ किया कि इस पर अंतिम फैसला FIFA ही करेगा.
ईरान की टीम को जून में बेल्जियम, ईजिप्ट, और न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने मैच खेलने हैं. ये सभी मैच अमेरिका में होने हैं.
FIFA ने कहा है कि वो FFIRI के संपर्क में है. लेकिन उनकी कोशिश यही है कि सभी टीमें पहले से तय शेड्यूल के अनुसार ही मैच खेलें. लेकिन इसको लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है. अमेरिका में मैच न खेलने से टूर्नामेंट के आयोजन में कुछ बदलाव हो सकते हैं. फीफा को जगहें बदलनी पड़ सकती हैं या कोई दूसरा इंतजाम करना पड़ सकता है.
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