IPL 2019 का वो विजुअल तो याद होगा. जब महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) मैदान में घुस आए थे. अंपायर्स का फैसला उन्हें नागवार गुजरा था. ऐसा ही एक नजारा 30 अप्रैल को देखने को मिला. विराट कोहली मैदान पर तो नहीं आए. लेकिन, वो डगआउट के पास खड़े अंपायर से जरूर भिड़ गए. मामला था रजत पाटीदार (Rajat Patidar Catch Controversy) के कैच का. गुजरात टाइटंस के ऑलराउंडर जेसन होल्डर (Jason Holder) ने डीप फाइन लेग पर शानदार डाइव लगाकर कैच भी लपक लिया. लेकिन, कैच कितना क्लीन था इसे लेकर दोनों टीम के दो मत थे.
होल्डर ने नही लिया क्लीन कैच? विराट अंपायर से भिड़ गए!
IPL 2026 : रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच हो रहे मुकाबले के दौरान एक कैच को लेकर विवाद हो गया. अंपायर ने Rajat Patidar को आउट दिया. इस पर Virat Kohli अंपायर से ही भिड़ गए.


गुजरात टाइटंस अंपायर्स के फैसले से खुश थी. लेकिन, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का खेमा इस फैसले को पचा नहीं पा रहा था. हालांकि, अंत में रजत को आउट ही करार दिया गया. लेकिन, इसे लेकर कोहली इतने नाखुश थे कि बाद में वो अपने बचपन के मित्र और GT के डगआउट में मौजूद इशांत शर्मा (Ishant Sharma) से भी इसका विरोध जताते नज़र आए.
क्या है पूरा मामला?दरअसल, ये मामला RCB की इनिंग्स के 8वें ओवर का है. पाटीदार ने अरशद खान की शॉर्ट बॉल के खिलाफ पुल शॉट लगाया. लेकिन, RCB के कप्तान फेंस को क्लीयर नहीं कर सके. गेंद डीप फाइन लेग के ऊपर खड़ी हो गई. होल्डर थोड़ा वाइड खड़े थे. लेकिन, उन्होंने दौड़ लगाकर कैच को मुकम्मल कर लिया. हालांकि, इसके लिए उन्हें अपने साथी कगिसो रबाडा को भी रोकना पड़ा.
लेकिन, ये कैच कितना क्लीन था पूरी बहस इसी को लेकर थी. बॉल को पकड़ने के बाद होल्डर डाइव लगाते हुए आगे चले गए. इस दौरान एक विजुअल में नज़र आया कि गेंद को उन्होंने जमीन पर भी सटा दिया. यहां तक कि उठने के लिए भी बॉल को जमीन पर लगाकर ही वो खड़े हुए. हालांकि, थर्ड अंपायर का यही मानना था कि इस दौरान वो पूरे कंट्रोल में नज़र आ रहे थे. इसलिए ये कैच क्लीन था. विराट इसे बर्दाश्त नहीं कर सके. पहले उन्होंने अपने साथियों से इसका विरोध जताया. फिर वो डगआउट के पास खड़े अंपायर से भी भिड़ गए.
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इससे पहले, कोहली ने RCB को दमदार शुरुआत दिलाई. पावरप्ले में उन्होंने रबाडा के खिलाफ आउट होने से पहले एक ही ओवर में 5 चौके लगाए. लेकिन, पाटीदार के विकेट के बाद उनका रिएक्शन इस पूरी इनिंग्स का हाईलाइट हो गया.
हालांकि, पाटीदार का ये विकेट ही मैच में टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. वो जब आउट हुए टीम का स्कोर 7.3 ओवर में 79 रन था. सिर्फ 3 ही विकेट गिरे थे. लेकिन, इसके बाद लगातार टीम विकेट गंवाती चली गई. इस दौरान होल्डर सबसे की प्लेयर साबित हुए. उन्होंने इसके बाद 2 कैच लपके और दो विकेट भी चटकाए. RCB की पूरी टीम महज 19.2 ओवर में 155 रन पर सिमट गई.
क्या है कैच को लेकर नियम?IPL के प्लेइंग कंडीशंस के क्लॉज 33.2 के मुताबिक, एक कैच को फेयर इन परिस्थितियों में ही माना जाएगा.
- कोई कैच तभी 'फेयर' माना जाता है, जब कैच पूरा होने से पहले, गेंद या गेंद के संपर्क में आया कोई भी फील्डर, किसी भी समय बाउंड्री के बाहर ज़मीन को न छुए.
- कोई कैच तब भी 'फेयर' माना जाता है, यदि गेंद फील्डर के एक या दोनों हाथों में हो, भले ही गेंद पकड़े हुए हाथ ज़मीन को छू रहे हों.
- कोई कैच तब भी 'फेयर' माना जाता है, यदि गेंद शरीर से सटाकर पकड़ी गई हो. फील्डर की ओर से पहने गए बाहरी सुरक्षात्मक उपकरणों में फंस गई हो, या गलती से फील्डर के कपड़ों में अटक गई हो.
- कोई कैच तब भी 'लीगल' माना जाता है, यदि फील्डर उसे तब पकड़े जब बैटर ने गेंद को एक से अधिक बार वैध रूप से हिट किया हो. बशर्ते कि पहली बार हिट होने के बाद से गेंद ने ज़मीन को न छुआ हो.
- कोई कैच तब भी 'फेयर' माना जाता है, यदि गेंद विकेट, अंपायर, किसी अन्य फील्डर, या दूसरे बैटर को छूने के बाद पकड़ी गई हो.
- कोई कैच तब भी 'लीगल' हो सकता है, यदि गेंद हवा में ही बाउंड्री पार कर गई हो पर कैच पूरा होने से पहले, फील्डर और गेंद बाउंड्री-रोप के बाहर ज़मीन को न छुएं.
- कोई कैच तब भी 'फेयर' माना जाता है, यदि गेंद बाउंड्री के भीतर किसी ऐसी रुकावट से टकराकर पकड़ी गई हो, जिसे अंपायरों की ओर से बाउंड्री का हिस्सा घोषित न किया गया हो.
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