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इसलिए 9 हज़ार रन बनाने वालों में बेस्ट हैं धोनी!

न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ खेली पुराने धोनी वाली इनिंग्स.

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Source : Reuters
31 अक्टूबर 2005. जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम. जहां धोनी ने श्री लंका के बॉलर्स को मार-मार कर भर्ता बना डाला था. 15 चौकों और 10 छक्कों की बदौलत 145 बॉल में धांसू 183 नॉट आउट बना कर देश को दिवाली का गिफ्ट दिया था. इंडिया 23 बॉल रहते ही मैच जीत गया था. इस साल भी दीवाली को हफ्ता बचा है. लेकिन उससे पहले ही धोनी ने दीवाली के गिफ्ट देने की शुरुआत कर दी है. न्यूजीलैंड के खिलाफ संडे को खेले गए तीसरे वनडे में अपने पुराने फॉर्म में लौटकर. वैसे अभी दो वनडे बचे हैं. फिलहाल 2-1 से इंडिया आगे है.
माही सदियों बाद कल चौथे नंबर पर बैटिंग के लिए उतरे थे. 41 रन पर दोनों ओपनिंग बैट्समैन पवेलियन का रास्ता नाप चुके थे. जीत के लिए चाहिए थे 215 रन. हाथ में थे 8 विकेट और दूसरे छोर पर थे टीम के वाइस-कैप्टन विराट कोहली. भाई साब, दोनों ने मिलकर कीवियों की हवा टाइट कर दी. बहुत मारा. दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 151 रन जोड़े. सबसे दिलचस्प बात पता क्या है? माही ने 183 नॉटआउट श्रीलंका के साथ खेले गए तीसरे वनडे में बनाया था. उस टाइम भी दिवाली थी. और इस बार भी दिवाली है. और वनडे भी तीसरा. बस वेन्यू और टीम चेंज है.
माही की बायोपिक देखी होगी तो याद होगा. एक जगह उनका दोस्त कहता है कि 'हम कहे थे न कि महिया ऊपर आएगा तो बहुत मारेगा.' और अक्सर हमने ये देखा भी है. याद होगा आपको कि धोनी ने 183 रनों की नाबाद पारी तीसरे नंबर पर बैटिंग करते हुए बनाए थे. अपना पहला शतक भी माही ने तीसरे नंबर पर बैटिंग करते हुए ठोका था. और इन सभी के अलावा वो इनिंग्स जिसके लिए धोनी को शायद हमेशा याद किया जायेगा. वर्ल्ड कप 2011 फाइनल. मुंबई. चौथे नंबर पर बैटिंग करने आये धोनी वर्ल्ड कप लेकर वापस गए. 
Dhoni

इन सभी के बीच एक बेहद संजीदा आदमी की टिपण्णी. वो जो क्रिकेट के बारे में बेहद नपी-तुली और बेहद सटीक बात कहता है. जिसकी कही बातें सच के सबसे नज़दीक होती हैं.
Harsha Tweet

लंबे अरसे बाद माही के चौथे नंबर पर बैटिंग करने का कारण रन स्कोर करना था. माही ने खुद कबूला कि पांचवे-छठे नंबर पर उनकी बैटिंग बहुत अफेक्ट हुई है. वो स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पा रहे थे. पांचवे-छठे नंबर पर बैटिंग के लिए उतर कर वो स्कोर नहीं कर पाते. धोनी ने लास्ट हाफ सेंचुरी पिछले साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ बनाई थी. उसके बाद धोनी ने 11 और मैच खेले हैं उसके बाद ये हाफ सेंचुरी बनाई है.

रिकॉर्ड्स के बादशाह माही

संडे को शायद धोनी रिकॉर्ड्स और बस रिकॉर्ड्स बनाने के लिए ही उतरे थे. तभी तो धड़ाधड़ चार रिकॉर्ड्स वो भी एक ही मैच में बना दिये. कौन-कौन से रिकॉर्ड्स है, ये रही उनकी लिस्ट:

1. 9 हजारी माही

न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलने के लिए माही जब ग्राउंड पर उतरे थे तो उनका पर्सनल रनों का स्कोर था 8978. 9 हजारी बनने के लिए माही को बस 22 रनों की जरूरत थी. नौवां ओवर चल रहा था जब रोहित शर्मा जी पवेलियन लौटे थे. और माही ग्राउंड पर आये. हाथ और बैट दोनों खोलने के लिए. और बाकायदे खोला भी. और बन गए 9 हजारी. इसी के साथ वो ऐसा करने वाले भारत के पांचवे और दुनिया के ग्यारहवें क्रिकेटर बन चुके हैं. भारत की तरफ से सचिन तेंदुलकर (18426), सौरव गांगुली (11,363), राहुल द्रविड़ (10,889) और मोहम्मद अजहरुद्दीन (9378) ने ये कारनाम किया है. इंडिया का पहला विकेटकीपर जिसने इतने रन बनाये. इनिंग्स की बात करें तो माही भारत के तीसरे और दुनिया के छठे प्लेयर हैं जिन्होंने सबसे तेजी से 9 हजार रनों का आंकड़ा पार किया है.
https://twitter.com/BCCI/status/790183706505777152?ref_src=twsrc%5Etfw

2. 51.17 का बैटिंग ऐवरेज

'यार स्टार है तू'. धोनी अक्सर TVS star city बाइक को कहते दिखते थे. लेकिन आज तो ये उनके लिए कहना पड़ेगा. 2004 में करियर की शुरूआत करने वाले माही अबतक 281 वनडे खेल चुके हैं. और रन कितने बनाए हैं ये ऊपर आपने अभी पढ़ा ही है. 51.17 के बैटिंग ऐवरेज के साथ माही 9 हजारी क्लब में शामिल हुए हैं. बता दें कि चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए धोनी का औसत 68.4 का रहा है. जो कि किसी भी बैट्समैन से बढ़िया है.

3. 151 स्टंपिंग्स के साथ टॉप पर

सब जानते हैं और सबने देखा भी है धोनी को स्टंपिंग करते. लाइट की स्पीड के माफिक गिल्लियां उड़ा डालते हैं. उनकी उंगली आउट देने के लिए अंपायर से पहले खड़ी होती है. धोनी ने अगर आउट का इशारा कर दिया मतलब समझ लो बल्लेबाज पवेलियन का हो गया. पिछले मैच में धोनी ने दो स्टम्पिंग्स कीं. एक तो रॉस टेलर और दूसरा ल्यूक रोंची. और 151 स्टंपिंग्स के साथ वनडे में सर्वाधिक स्टंपिंग करने वाले इकलौते विकेटकीपर बन गए. 139 स्टंपिंग्स के साथ श्रीलंका के कुमार संगक्कारा दूसरे स्थान पर हैं.
और ये उड़ी गिल्लियां
और ये उड़ी गिल्लियां

4. सिक्सर किंग

धोनी को लोगों ने फॉर्म में पहली बार पाकिस्तान के खिलाफ देखा था. इस मैच में धोनी ने अपने करियर का पहला शतक बनाया था. जिसमें  4 छक्के और 15 चौके थे. फिर माही ने करियर का बेस्ट स्कोर बनाया. 183 रनों की पारी में 10 छक्के और 15 चौके थे. वापस से पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद में 148 रन बनाए. इस दफा छक्को की संख्या तो 4 थी लेकिन चौको की संख्या 19 हो गई थी. माही को मैच फिनिशर कहा जाने लगा. सन्डे को हुए मैच में धोनी ने एक के बाद एक तीन छक्के जड़े. और सचिन के 195 छक्को के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए टॉप पर पहुंच गए.
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हालांकि ओवरऑल देखा जाए तो शाहिद अफरीदी अभी भी 351 छक्को के साथ टॉप पर हैं. जयसूर्या 270, क्रिस गेल 238, ब्रेंडन मैकुलम 200 और धोनी 196 छक्को के साथ पांचवे स्पॉट पर हैं.

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