खाली सीटों के बीच खेले जा रहे मैच और आस पास मौजूद पहाड़ियों के कारण मैदान में जो भी कहा जा रहा था, गूंज रहा था. सबसे ज़्यादा स्क्वायर में खड़े हार्दिक पंड्या गूंज रहे थे. रबाडा और आमला पिछले दिन के बैट्समैन थे. उन्हें काफ़ी परेशान किया जा रहा था. मोहम्मद शमी को हार्दिक पंड्या ने सलाह दी - "वही लाइन, शमी भाई!" गेंद फेंके जाने के बाद कोहली चीखे, "लाला, ग्रेट बॉलिंग." लाला के मायने अब रिटायर हो चुके शाहिद अफरीदी से हटकर मोहम्मद शमी हो चुके हैं. शोर कम होते ही पंड्या फिर से मामला अपने हाथ में लेते हैं और बोले - "बॉलर के पीछे पड़ जाओ." यहां इशारा रबाडा की ओर था. रबाडा नाइट-वाचमैन के तौर पर बैटिंग करने उतरे थे. लेकिन पंड्या के कहे के उलट लाला ने पहले आमला का विकेट लिया. एक शक और शुबह से जुड़ा फ़ैसला जिसे टीवी अम्पायर ने इसलिए आउट दिया क्यूंकि मैदान पर मौजूद अम्पायर को ऐसा लग रहा था कि कैच लिया जा चुका था. हिन्दुस्तानी फ़ील्डर्स के अंदर अब जोश भर रहा था. उनकी आवाज़ बुलंद हो रही थी. पेस अटैक को लगातार इंस्ट्रक्शन मिल रहे थे - "ऊपर नहीं आगे." और जस्सी को कोहली ने साफ़ शब्दों में कहा - "वही जो सुबह बताया था." लेकिन इसी दौरान जब ये बताना होता था कि कितने विकेट गिरे हैं और कितने बचे हैं, जो कुछ कहा जाता था, अंग्रेजी में कहा जाता था. कोहली चाह रहे थे कि सामने वालों पर प्रेशर बनाया जाए. और फिर मैदान में एक घोषणा हुई - "चार विकेट लेना है. लंच से पहले." हार्दिक पंड्या की आवाज़ में उनकी पहली इनिंग्स के 93 रनों का वजन साफ़ मालूम दे रहा था. घंटे भर में हार्दिक को 8 विकेट चाहिए थे. थोड़ी ही देर में लंच से पहले उन्हें पूरे विकेट चाहिए थे.
शांत पड़ी जनता (जितनी भी थी) ने उस वक़्त सबसे ज़्यादा शोर मचाया जब डेल स्टेन बैटिंग करने उतरे. उनकी एड़ी में चोट लग गई थी. कायदे से उन्हें अपना पैर सेंकना चाहिए था लेकिन उन्होंने पैड्स पहने और बैटिंग करने उतर पड़े. इन सभी के बाद मैदान में अंतिम चीख किसी की गूंजी तो वो थी वेर्नन फिलेंडर की. शाम पौने पांच बजे उन्होंने अपना इनिंग्स का छठा और इंडियन इनिंग्स का आखिरी विकेट लिया. इंडियन प्लेयर्स अब कानाफ़ूसी और टीवी चैनल्स शोर मचाते हुए दिखाई दे रहे थे. ये भी पढ़ें:
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