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ये दो हैं भारत के शोएब अख्तर और ब्रेट ली, 145+ की स्पीड से डाल रहे बॉल

सौरव गांगुली ने कोहली को दी सलाह- इन पर नजर रखें.

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अंडर 19 वर्ल्डकप में भारतीय गेंजबाद अपनी स्पीड को लेकर छाए हुए हैं.
हमेशा भारत की बैटिंग की बात होती है. सचिन की बात होती है, कोहली की बात होती है. बॉलर्स की बात होती भी है तो स्पिनर्स की. कुंबले, हरभजन, अश्विन. भारतीय पेसर कम ही चर्चा में रहते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है उनकी बॉलिंग स्पीड. स्पीड तो थी शोएब अख्तर के पास, ब्रेट ली के पास. हर बॉल 140-45 के पार. मगर अब ये कमी दूर होने वाली है. भारत को उसके शोएब अख्तर और ब्रेट ली मिल गए हैं. नाम है कमलेश नागरकोटी और शिवम मावी. दोनों भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा हैं और वर्ल्डकप खेलने न्यूजीलैंड गए हैं. और यहीं इन दोनों बॉलरों ने पूरी दुनिया की नजरें अपनी ओर खींचीं हैं. वो भी अपनी बॉलिंग स्पीड की वजह से. ऐसा शायद पहली बार ही हुआ होगा.
अंडर 19 के खिलाड़ी कमलेश और
अंडर 19 के खिलाड़ी कमलेश और शिवम(दाएं).

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले ही मैच में इन दोनों बॉलरों की गेंदें आग के गोले की तरह निकल रही थीं. पहली बार ऐसा हुआ होगा कि ऑस्ट्रेलिया के बैट्समैन भारत के बॉलरों के पेस से जूझते दिखे. गेंदें कानों के पास से सांय-सांय करके निकल रही थीं. कमलेश नागरकोटी की बात करें तो उनके 7 ओवर के स्पेल में 20 से ज्यादा गेंदें 140 की ज्यादा स्पीड से की गईं. मैक्सिमम स्पीड 149 kmph की थी. राजस्थान के रहने वाले कमलेश ने इस इनिंग में 3 बल्लेबाजों को चलता किया. इसमें एक थे स्टीव वॉ के बेटे ऑस्टिन. कमलेश ने पहले तो स्टीव वॉ के बेटे ऑस्टिन को 145 की रफ्तार से बाउंसर मारकर डराया. फिर 144 की रफ्तार पर उन्हें विकेटकीपर के हाथों लपकवाकर वापस पवेलियन भेजा.

दूसरे पेसर हैं शिवम मावी फ्रॉम उत्तर प्रदेश. इनकी गेंदें भी आग उगलती हैं. पहले ही मैच में अपनी स्पीड और लाइन लेंथ से इन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के होश उड़ा दिए. 8.5 ओवर के स्पेल में 10 से ज्यादा गेंदें 140 से ज्यादा स्पीड से कीं. इनके हाथ भी लगे तीन शिकार. कुल मिलाकर इन दोनों बॉलरों ने 14 जनवरी को दुनिया की ये राय बदल दी कि भारत तेज बॉलर नहीं दे सकता. भारतीय पेस अटैक के आगे वो ऑस्ट्रेलिया झूलता दिखा जो दुनिया को अपने पेस अटैक से डराता है.

हर तरफ हो रही तारीफ
मैदान के साथ ही मैदान के बाहर भी इन गेंदबाजों की जय-जय हो रही है. सौरव गांगुली, वीरेंद्र सहवाग से लेकर इयान बिशप जैसे दिग्गज इनकी तारीफ कर रहे हैं. 1990 के दशक में अपनी स्पीड से डराने वाले वेस्टइंडीज के इयान बिशप ने कहा - 10-15 साल पहले हम एक बात अक्सर कहते थे कि तेज गेंदबाजी भारतीय टीम की कमजोरी है. उसके पास तेज गेंदबाज की हमेशा कमी रही है. पर 2018 में स्थिति उलट गई है. आज उसके गेंदबाज 140+ की रफ्तार से बॉलिंग कर रहे हैं. और ऑस्ट्रेलिया का एक भी गेंदबाज 140 की रफ्तार नहीं छू पाया.'
वहीं सौरव गांगुली भी भारतीय गेंदबाजों की इस स्पीड को देखकर उछल पड़े. कसके तारीफ करने के साथ ही ट्वीट किया कि इन दोनों बॉलरों पर नजर रखने की जरूरत है. देखें उनका ट्वीट- ट्विटर मास्टर सहवाग ने भी की तारीफ-


उधर, सीनियर टीम के गेंदबाज 130+ पर अटके
अंडर-19 की टीम का पेस अटैक जहां न्यूजीलैंड में 140+ की रफ्तार डालकर बवाल काटे है. वहीं साउथ अफ्रीका गई भारत की सीनियर टीम का पेस अटैक की स्पीड का एवरेज 130+ पर ही अटका है. दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन तो भारत के किसी भी गेंदबाज ने 140 की रफ्तार से गेंदबाजी नहीं की. ऐसे में इन जूनियर्स बॉलरों का जलवा और बढ़ जाता है. फिर अभी तो ये लड़के 18-19 साल के ही हैं. थोड़ी और ट्रेनिंग से इनकी ये रफ्तार 150 पार भी जा सकती है.


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