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रोइंग वर्ल्ड कप में भारत के नाम रहा सोना! लक्ष्य और उज्ज्वल ने रच दिया इतिहास

भारत ने वर्ल्ड कप में 18 सदस्यीय स्क्वाड को भेजा था. इस में 17 एथलीट सेना से हैं और एक भारतीय नेवी से हैं. उज्जवल और लक्ष्य दोनों भारतीय सेना है.

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रोइंग वर्ल्ड कप में भारतीय खिलाड़ियों का कमाल. (Photo-Indian Army X)

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  • लक्ष्य और उज्जवल कुमार ने स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में रोइंग वर्ल्ड कप में लाइटवेट मेंस डबल सकल्स फाइनल में 6:26:09 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीतकर भारत को पहला पदक दिलाया।
  • भारत ने इस प्रतियोगिता में 18 सदस्यीय स्क्वॉड भेजा था, जिसमें 17 एथलीट भारतीय सेना से और एक भारतीय नेवी से था, जो रोइंग वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करने का कारण था।
  • इस जीत के बाद भारतीय सेना और खेल जगत में खुशी का माहौल है, और उम्मीद है कि यह सफलता नए युवा एथलीट्स को ओलंपिक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।

लक्ष्य और उज्जवल कुमार. दोनों भारतीय खिलाड़ी जो पहली बार रोइंग वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने पहुंचे और पहली बार में गोल्ड मेडल भी जीत लिया. स्विट्जरलैंड के ल्यूसर्न में भारतीय जोड़ी ने लाइटवेट मेंस डबल सकल्स फाइनल में हिस्सा लिया. उन्होंने 6:26:09 का समय निकाला और पहला स्थान हासिल किया. 

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वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक प्रदर्शन

रेस में दूसरे नंबर पर हॉन्गकॉन्ग की जोड़ी रही. सैन तुंग लाम और टिक लुन चान ने 6:27.14 के समय में रेस पूरी की थी. इस जोड़ी ने साल का पहला वर्ल्ड कप भी जीता था. इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि भारतीय खिलाड़ियों की जीत कितनी अहम थी. वहीं, इस इवेंट में तीसरे नंबर पर नीदरलैंड्स की एरिक वैन ईजक वैन हेस्लिंगा और फ्रेडरिक प्लोएग की जोड़ी रही, जिन्होंने 6:27.36 समय में रेस पूरी की थी.

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साल में कई रोइंग वर्ल्ड कप खेले जाते हैं. इसमें प्रदर्शन करके ही खिलाड़ी रोइंग वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करते हैं. लक्ष्य और उज्जवल की जोड़ी ने जो कमाल किया है कि वह भारत की रोइंग इतिहास का बेहद खास पल है. उतने ही खास है दोनों खिलाड़ी भी.

भारतीय सेना में खुशी का माहौल

भारत ने वर्ल्ड कप में 18 सदस्यीय स्क्वाॅड भेजा था. इसमें 17 एथलीट सेना से हैं और एक भारतीय नेवी से हैं. उज्जवल और लक्ष्य दोनों भारतीय सेना से हैं. आर्मी रोइंग नोड के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल रामाकृष्णन जीत से बेहद खुश हैं. उन्होंने कहा कि यह भारतीय रोइंग के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. लक्ष्य और उज्ज्वल कुमार सिंह ने वर्ल्ड रोइंग कप में भारत का पहला गोल्ड मेडल जीतकर सेना के एथलीट्स की ज़बरदस्त क्षमता को साबित किया है. उनकी यह कामयाबी आर्मी रोइंग नोड में बरसों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और वर्ल्ड-क्लास ट्रेनिंग का नतीजा है. यह जीत भारतीय सेना और देश के लिए गर्व का पल है. उन्हें उम्मीद है कि इससे और भी युवा एथलीट रोइंग में बेहतरीन प्रदर्शन करने और भारत के ओलंपिक लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगे.

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