वेस्टइंडीज ने तीन मैचों की वनडे सीरीज में भारत के ‘क्लीन स्वीप’ का सपना तोड़ दिया. शनिवार, 3 अक्टूबर को सीरीज के तीसरे और आखिरी मैच में भारत को 5 विकेट से हार मिली. हालांकि, भारत ने ये सीरीज 2-1 से जीत ली है लेकिन वेस्टइंडीज ने 352 रन का रिकॉर्ड चेज करके भारतीय गेंदबाजों को अपनी परफॉर्मेंस पर फिर से सोचने को जरूर मजबूर कर दिया है. वेस्टइंडीज की इस जीत के हीरो कप्तान शाई होप रहे, जिन्होंने 143 गेंदों में नाबाद 162 रन ठोके. विजयी रन भी उनके ही बल्ले से निकला. भारत की ओर से केएल राहुल ने भी जोरदार शतक जड़ा लेकिन वह उनकी टीम को हार से नहीं बचा पाए. राहुल ने 87 गेंदों में 129 रन बनाए.
351 रन भी कम पड़ गए, 10 गेंद बाकी रहते वेस्टइंडीज ने भेदा टारगेट, भारत 5 विकेट से हारा
तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज ने भारत को 5 विकेट से हराकर सीरीज में क्लीन स्वीप से रोक दिया. 351 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए कप्तान शाई होप ने नाबाद 162 रन ठोककर वेस्टइंडीज को भारत के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दिलाई.

भारत को इस मैच में हराने के लिए वेस्टइंडीज ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया है. पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने विंडीज के सामने 351 रन का लक्ष्य रखा था. इसमें केएल राहुल के शतक के अलावा रोहित शर्मा के 92 रन और ऋतुराज गायकवाड़ के 57 रनों का अहम योगदान रहा. भारत के दो सलामी बल्लेबाज विराट कोहली और शुभमन गिल कुछ खास नहीं कर पाए. कोहली जहां पहली गेंद पर खाता खोले बिना पवेलियन वापस लौटे.
वहीं शुभमन गिल के बल्ले से सिर्फ एक रन निकला. उन्हें जायडेन सील्स ने आउट किया जो अपनी टीम की ओर से इस मैच में सबसे ज्यादा (तीन) विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे. उन्होंने ही विराट कोहली को भी आउट किया था. भारत की ओर से नमन धीर ने 30 रन, नीतीश रेड्डी ने 9, अंशुल कंबोज ने 17 और गुरनूर बराड़ ने 8 रनों का योगदान दिया. इन सबने मिलकर वेस्टइंडीज के लिए 351 रनों का लक्ष्य रखा.
जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज की टीम ने भारतीय गेंदबाजों को जमकर धोया. वेस्टइंडीज को शुरुआत में झटका लगा. टीम ने फॉर्म में चल रहे जॉन कैंपबेल का विकेट जल्दी गंवा दिया. मोहम्मद सिराज ने पावरप्ले में उन्हें आउट कर दिया लेकिन इसके बाद पिछले मैच में शतक लगाने वाले शाई होप और आमिर जंगू क्रीज पर आए. शुरुआत में दोनों के बल्ले से कुछ गेंदें छूटीं, लेकिन इसके बाद दोनों ने अच्छी रफ्तार से बल्लेबाजी की और दूसरे विकेट के लिए शतकीय साझेदारी कर दी.
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होप ने 162 रन ठोके और जंगू ने 56 गेंदों में 67 रन बनाए. काफी सारा काम तो शाई होप ने अकेले ही कर दिया लेकिन रदरफोर्ड और कीमो पॉल ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाई. रदरफोर्ड ने 24 रन बनाए. वहीं पॉल ने 35 गेंदों में 44 रन ठोके. मैथ्यू फोर्डे 7 बनाकर आउट हुए. अंत में गुडाकेश मोती कप्तान शाई होप के साथ मैदान पर टिके रहे और 19 रन नाबाद बनाए. इस तरह से वेस्टइंडीज ने 5 विकेट और 10 गेंदें बाकी रहते हुए भारत के खिलाफ जीत हासिल कर ली.
भारत की गेंदबाजी की बात करें तो मोहम्मद सिराज, गुरनूर बराड़, कुलदीप यादव और नमन धीर को एक-एक विकेट मिले.
भारत को क्लीन स्वीप से रोका‘मेन इन मरून’ को लंबे समय के बाद वनडे में भारतीय जमीन पर यह जीत मिली है. ये जीत खास इसलिए भी है क्योंकि एक तो वेस्टइंडीज ने अपना सबसे बड़ा रन चेज हासिल किया है. दूसरा भारत को सीरीड में क्लीन स्वीप करने से रोक दिया है.
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