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देवदत्त पडिक्कल की पारी ने इस खिलाड़ी का टेस्ट करियर चौपट कर दिया?

Devdutt Padikkal ने श्रीलंका के खिलाफ गॉल टेस्ट मैच में नंबर-3 पर शानदार बैटिंग की. उन्होंने दो मैचों की सीरीज के इस पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 167 रन बनाए. अब इस पारी ने Sai Sudharsan पर प्रेशर बना दिया है.

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देवदत्त पडिक्कल ने टेस्ट में अब तक नंबर-3 पर बेहतरीन बैटिंग की है.

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  • देवदत्त पडिक्कल को दो साल बाद भारत की टेस्ट टीम में श्रीलंका टूर के लिए शामिल किया गया, जहाँ उन्होंने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए पहली टेस्ट सेंचुरी बनाई।
  • साई सुदर्शन की टेस्ट टीम में नवर-3 पर सीमित प्रदर्शन और चोटिल होने के कारण उन्हें श्रीलंका दौरे से बाहर रखा गया, जिससे टीम ने पडिक्कल को मौका दिया।
  • पडिक्कल की निरंतर सफलता से साई सुदर्शन पर दबाव बढ़ा है और आगामी टेस्ट में पडिक्कल के प्रदर्शन के आधार पर टीम चयन में बदलाव संभव है।

देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) की करीब दो साल बाद भारत की टेस्ट टीम में एंट्री हुई है. उन्होंने नवंबर 2024 में लास्ट टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था. इसके बाद उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया. टीम से ड्रॉप होने के बाद पडिक्कल ने डोमेस्टिक क्रिकेट पर फोकस किया. इस दौरान उन्होंने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और IPL में रनों का अंबार लगाया. उनकी परफॉर्मेंस को देखकर सेलेक्टर्स ने उन्हें श्रीलंका टूर के लिए टेस्ट टीम में शामिल किया.

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पडिक्कल ने श्रीलंका दौरे पर अब तक शानदार बैटिंग की है. उन्होंने अपनी शानदार परफॉर्मेंस से साई सुदर्शन पर प्रेशर बना दिया है. अब सुदर्शन पर टीम से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है.

सुदर्शन पर क्यों मंडराया खतरा?

साई सुदर्शन टेस्ट मैच में भारत के लिए नबर-3 पर बैटिंग करते हैं. वह अब तक 7 टेस्ट खेल चुके हैं. इन सभी मैचों में उन्होंने नंबर-3 पर बल्लेबाजी की है. चेतेश्वर पुजारा के रिटायमेंट के बाद टीम इंडिया को नंबर-3 पर एक परफेक्ट बैटर की तलाश थी. हेड कोच गौतम गंभीर और कप्तान शुभमन गिल इस पोजीशन के लिए सुदर्शन को ग्रूम कर रहे थे.

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आंकड़ों पर नजर डालें, तो साई सुदर्शन ने 7 टेस्ट में नंबर-3 पर बैटिंग करके 383 रन बनाए हैं. उनके ये स्टैट्स बहुत इम्पैक्टफुल नहीं हैं. वह टीम इंडिया की उम्मीदों पर अभी तक खरे नहीं उतरे. 7 टेस्ट में उनके नाम अभी तक कोई सेंचुरी नहीं है. क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेट में सुदर्शन का हाईएस्ट स्कोर 87 रन है. कुल मिलाकर टेस्ट में उनकी परफॉर्मेंस निराशाजनक रही.

पडिक्कल दे रहे चुनौती

देवदत्त पडिक्कल बीते एक साल से कंसिस्टेंट रहे. उन्होंने डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया. रणजी ट्रॉफी 2025-2026 के सीजन में उन्होंने 543 रन बनाए. विजय हजारे ट्रॉफी में भी उनका बल्ला खूब चला. उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 725 रन स्कोर किए. IPL 2026 में उनके बल्ले से 464 रन निकले.

देवदत्त पडिक्कल अब श्रीलंका टूर पर भी धमाल मचा रहे हैं. उन्होंने श्रीलंका क्रिकेट-11 के खिलाफ प्रैक्टिस मैच में जो फॉर्म दिखाई, उसे गॉल टेस्ट में भी जारी रखा. श्रीलंका क्रिकेट-11 के खिलाफ उन्होंने वॉर्म-अप मैच में नॉट आउट 142 रन बनाए थे. उन्होंने ये रन, नंबर-3 पर बैटिंग करते हुए बनाए.

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इसके बाद देवदत्त पडिक्कल ने गॉल टेस्ट में अपनी क्लास दिखाई. इस दौरान उन्होंने टेस्ट में अपनी पहली सेंचुरी जड़ी. वह भारत की पहली इनिंग्स में टॉप स्कोरर रहे. उन्होंने 167 रनों की शानदार पारी खेली. पडिक्कल की इस पारी के चलते टीम इंडिया पहली इनिंग्स में 462 रन बनाने में सफल रही. उन्होंने ये यादगार पारी नंबर-3 पर ही आकर खेली.

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नंबर-3 के परफेक्ट बैटर

देवदत्त पडिक्कल तीसरे नंबर के परफेक्ट बैटर हैं. वह डोमेस्टिक क्रिकेट में नंबर-3 पर बैटिंग करते हैं. इसका फायदा उन्हें टीम इंडिया में मिला है. वह अब तक दो टेस्ट मैचों में नंबर-3 पर बल्लेबाजी कर चुके हैं. इस नंबर पर पिछली 3 इनिंग्स में उन्होंने 192 रन बनाए हैं. उनका हाईएस्ट स्कोर 167 रन है.

फिलहाल, पडिक्कल ने नंबर-3 पर शानदार बैटिंग करके साई सुदर्शन पर प्रेशर बना दिया. सुदर्शन इंजर्ड हैं जिसकी वजह से वह श्रीलंका टूर पर नहीं जा पाए. उनकी गैरमौजूदगी में पडिक्कल को नंबर-3 पर बैटिंग करने का मौका मिला. जिसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाया. आने वाले टेस्ट मैचों में अगर पडिक्कल के बल्ले से ऐसे ही रन निकलते रहे, तो फिर सुदर्शन के लिए कमबैक करना आसान नहीं होगा.

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