वैभव सूर्यवंशी को न्यूजीलैंड के खिलाफ पांचवें T20 में टीम इंडिया की प्लेइंग-11 से बाहर रखा गया. 5 मैचों की इस सीरीज का फैसला पहले हो चुका था. टीम इंडिया को सीरीज में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल थी. इसके बावजूद, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को आखिरी मैच में मौका नहीं मिला. वैभव ने इस सीरीज में सिर्फ दो मैच खेले. पांचवें T20I में टीम इंडिया ने अपने अनुभवी बैटर्स को उतारने का फैसला किया.
वैभव क्यों 5वें T20I में नहीं खेले? गंभीर बोले- ‘सबको खुश करना मेरा काम नहीं’
न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ दो मैचों में मौका मिला. उन्हें यह चांस ईशान किशन के इंजर्ड होने के बाद मिला. ईशान पहले मैच में चोटिल हो गए थे. इसके बाद, वह दूसरे तीसरे मैच में नहीं खेले. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को उनकी जगह प्लेइग-11 में शामिल किया गया. वह 24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में हुए दूसरे मुकाबले में उतरे.

आखिरी T20I में टीम इंडिया की प्लेइंग-11 में दो बदलाव हुए. दोनों बदलाव बॉलिंग डिपार्टमेंट में किए गए. क्रिकेट फैंस को उम्मीद थी कि वैभव को मौका मिलेगा. लेकिन, उन्हें चांस नहीं मिला. 5वें मैच से पहले हेड कोच गौतम गंभीर ने ब्रॉडकास्टर से बात की. इस बीच, उन्होंने अपने टीम सिलेक्शन के फैसलों का बचाव किया. गंभीर ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी पॉपुलर फैसले लेने की नहीं, बल्कि सही डिसीजन लेने की है.
सबको खुश करना मेरा काम नहींबातचीत के दौरान गंभीर से टीम में सभी प्लेयर्स को मौका देने के बारे में पूछा गया. इसके अलावा, यह भी पूछा गया कि वह टीम के सभी प्लेयर्स को खुश कैसे रखते हैं? गंभीर ने इन सवालों का जवाब देते हुए कहा,
सबसे पहले, मेरा काम हर किसी को खुश करना नहीं है. मेरा काम सही फैसले लेना है, न कि ऐसे फैसले करना जो लोगों को पसंद आए. मैं इसी काम के लिए यहां हूं.
बातचीत के दौरान हेड कोच ने सोशल मीडिया के बढ़ते इम्पैक्ट और प्लेयर्स के सिलेक्शन को लेकर हो रही चर्चाओं का जिक्र किया. उन्होंने जोर देकर कहा कि टीम का हित बाहरी राय और आलोचनाओं से ऊपर होना चाहिए. गंभीर के मुताबिक,
पॉपुलर डिसीजन लेना बहुत आसान है. लेकिन, मेरे लिए सबसे जरूरी सही फैसला लेना है. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना कि ड्रेसिंग रूम के अंदर प्लेयर्स को पूरी सुरक्षा और भरोसे का माहौल मिले.
न्यूजीलैंड के खिलाफ T20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी को सिर्फ दो मैचों में मौका मिला. उन्हें यह चांस ईशान किशन के इंजर्ड होने के बाद मिला. ईशान पहले मैच में चोटिल हो गए थे. इसके बाद वह दूसरे तीसरे मैच में नहीं खेले. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी को उनकी जगह प्लेइग-11 में शामिल किया गया. वह 24 अक्टूबर को क्राइस्टचर्च में हुए दूसरे मुकाबले में उतरे. लेकिन, इस मैच में वैभव अपनी छाप नहीं छोड़ पाए. वह 4 रन बनाकर आउट हुए. यह T20 इंटरनेशनल में वैभव का पहला सिंगल डिजिट स्कोर था.
इसके बाद, वैभव को तीसरे मुकाबले में फिर मौका मिला. इस मैच में उन्हें जबरदस्त बैटिंग की. पारी का आगाज करने आए वैभव ने अभिषेक शर्मा के साथ 133 रनों की पार्टनरशिप की. ये रन दोनों बैटर्स ने 7.1 ओवर्स में जोड़े थे. तीसरे T20I भारतीय टीम 199 रनों के टारगेट का पीछा कर रही थी. वैभव ने इस मुकाबले में आतिशी बैटिंग करते हुए 19 बॉल्स पर 45 रन जड़े. उन्होंने अपनी इनिंग्स में 4 चौके और 4 छक्के लगाए.
इतनी दमदार बैटिंग करने के बावजूद वैभव को चौथे और पांचवें T20I में मौका नहीं मिला. यह चांस उन्हें तब भी नहीं मिला, जब टीम इंडिया सीरीज में निर्णायक बढ़त ले चुकी थी. ऐसा नहीं है कि वैभव की फॉर्म कमजोर है. कुछ मैचों को छोड़ दें, तो बाकी मुकाबलों में उन्होंने पावर हिटिंग दिखाई है. वैभव जिम्बाब्वे के खिलाफ T20 सीरीज में काफी सफल रहे. उन्होंने इस सीरीज में 2 फिफ्टी प्लस स्कोर किए. पूरी सीरीज में धमाकेदार बैटिंग करने के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' अवॉर्ड से नवाजा गया.
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इसके बाद वैभव ने एशियन गेम्स 2026 में भी शानदार बल्लेबाजी की. उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ सेमीफाइनल में 38 रन बनाए थे. फिर, गोल्ड मेडल मैच में पाकिस्तान के खिलाफ वैभव ने 15 रनों की पारी खेली.
वैभव एक ऐसे बैटर हैं, जो अपनी बल्लेबाजी से दुनिया के किसी भी बॉलिंग अटैक को तहस-नहस कर सकते हैं. ऐसे में हेड कोच गौतम गंभीर का यह कहना कि वह ऐसे फैसले नहीं लेंगे जो लोगों को पसंद आए. उनकी यह बात क्रिकेट फैंस को नाराज कर सकती है.
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