खेल मंत्रालय ने तीन सितंबर को एशियन गेम्स के लिए आधिकारिक दल की घोषणा कर दी है. इस बार खिलाड़ी, कोच और स्पोर्टिंग स्टाफ के अलावा एक सेफगार्डिंग ऑफिसर भी जापान जाएगा. यह जिम्मेदारी नीतल नारंग को दी गई है. जो इस समय भारतीय सॉफ्टबॉल संघ की भी अध्यक्ष हैं. वह गेम्स के आखिरी दिन तक खिलाड़ियों के साथ वहां रहेंगी. लेकिन आखिर सेफगार्डिंग ऑफिसर की जिम्मेदारी होगी क्या? और इसकी जरूरत क्यों है?
Asian Games के दल में शामिल होंगे सेफगार्डिंग ऑफिसर, क्या होगा उनका रोल?
इस बार खिलाड़ी, कोच और स्पोर्टिंग स्टाफ के अलावा एक सेफगार्डिंग ऑफिसर भी जापान जाएगा. यह जिम्मेदारी नीतल नारंग को दी गई है. जो इस समय भारतीय सॉफ्टबॉल संघ की भी अध्यक्ष हैं.

दरअसल एशियन ओलंपिक एसोसिएशन ने इस साल हर देश से सेफगार्डिंग ऑफिसर भेजने का निर्देश दिया है. एशियन गेम्स प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के साथ उत्पीड़न, दुर्व्यवहार या उपेक्षा से जुड़े मामले उनके दल के सेफगार्डिंग ऑफिसर देखेंगे. यही ऑफिसर इन मामलों में खिलाड़ियों के लिए संपर्क का मुख्य माध्यम होंगे. भारतीय दल में नीतल ही यह जिम्मेदारी निभाएंगी.
नीतल भारतीय सॉफ्टबॉल संघ की मौजूदा अध्यक्ष हैं. वह भारतीय बॉक्सिंग एसोसिएशन का भी हिस्सा रही हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति का सेफगार्डिंग कोर्स भी किया है.
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क्यों जरूरी है सेफगार्डिंग ऑफिसर?नीतल ने अपनी इस जिम्मेदारी पर बात की. उन्होंने कहा कि यह एक बहुत अहम भूमिका है. इसमें उपेक्षा जैसे छोटे मामलों से लेकर मानसिक उत्पीड़न, यौन उत्पीड़न जैसे मामलों को शामिल किया जाएगा. नीतल ने बताया कि उनका काम खिलाड़ियों को अपनी बात रखने के लिए एक सुरक्षित माहौल देना है, चाहे मामला मनोवैज्ञानिक दुर्व्यवहार, उत्पीड़न, धमकाने, उपेक्षा या अलग-थलग किए जाने का हो.
उन्होंने बताया कि इन शिकायतों से निपटने की प्रक्रिया को गोपनीय रखा जाएगा. इससे खिलाड़ियों में विश्वास पैदा होगा और वे बेझिझक अपनी शिकायतें शेयर कर सकेंगे. नीतल ओसीए के सुरक्षा अधिकारी के साथ मिलकर काम करेंगी. ओसीए के अधिकारी की जिम्मेदारी खेलों के दौरान उत्पीड़न और दुर्व्यवहार से जुड़ी सभी शिकायतों और रिपोर्टों का रजिस्ट्रेशन कराना भी होगा. सुरक्षा अधिकारी ओलंपिक खेलों का भी हिस्सा रहे हैं. कुछ देशों ने उन्हें 2024 पेरिस ओलंपिक में भी अपने दल में शामिल किया था, हालांकि उस समय उनकी नियुक्ति जरूरी नहीं थी.
भारत एशियाड में 36 खेल इवेंट्स में कुल 503 खिलाड़ियों को उतारेगा. इनमें 269 पुरुष और 234 महिलाएं शामिल हैं. हांगझोउ खेलों में भारत ने 35 खेलों में 661 खिलाड़ियों का काफी बड़ा दल उतारा था. हांगझोउ में भारत ने 28 गोल्ड, 38 सिल्वर और 40 ब्रॉन्ज मेडल जीते थे. भारत ने पहली बार एशियन गेम्स में 100 का आंकड़ा पार किया था. इस बार इससे और बेहतर की उम्मीद है.
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