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डोपिंग की तो अब होगी जेल, कोच और स्पालयर भी नहीं बचेंगे!

अब तक जो एथलीट एंटी डोपिंग रूल वॉएलेशन के अपराधी पाए जाते थे उनपर नाडा के डोपिंग कोड के तहत कार्रवाई होती थी. आमतौर पर इन नियमों का उल्लंघन करने पर खिलाड़ी को बैन का सामना करना पड़ता था. लेकिन अब इन नियमों में क्रिमिनल डाइमेंशन भी शामिल किया जाएगा.

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इंडियन एथलीट्स डोपिंग के लिए अब जेल भी जा सकते हैं. (Photo-India Today)

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  • भारत सरकार ने एंटी डोपिंग नियमों में संशोधन किया है जिसके तहत डोपिंग को गैर कानूनी घोषित कर कोच, ट्रेनर, सपोर्ट स्टाफ समेत सभी दोषियों को जेल की सजा दी जा सकेगी।
  • भारत में डोपिंग के बढ़ते मामलों और एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट की ग्लोबल लिस्ट में भारत के शीर्ष स्थान के कारण सरकार ने डोपिंग नियंत्रण के लिए नियम सख्त करने का निर्णय लिया।
  • संशोधित नियम लागू होने के बाद डोपिंग में शामिल सभी व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी और डोपिंग के मामलों की जांच में CBI की भूमिका बढ़ेगी।

भारत में डोपिंग के बढ़ते मामलों को देखकर सरकार अब सख्ती बढ़ाने के मूड में है. वह अपने एंटी डोपिंग नियमों में संशोधन करके नियमों और सख्त करने वाली है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, संशोधन के बाद डोपिंग को गैर कानूनी माना जाएगा. इसके लिए सजा का प्रावधान भी होगा. यानी डोपिंग के लिए अब जेल भी जाना पड़ सकता है.

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संशोधन के बाद होगा बदलाव

नए संशोधन के बाद अब सिर्फ एथलीट ही नहीं बल्कि जो कोच, ट्रेनर और सपोर्ट स्टाफ डोपिंग के मामलों में शामिल होंगे, उन्हें भी निशाने पर लिए जाएगा. हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें कोचेज अपने स्टुडेंट्स को डोप देते हुए पकड़े गए. ऐसी स्थिति में एथलीट पर तो बैन होता था, लेकिन कोच बच जाते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं होगा. सिर्फ कोच ही  नहीं, ड्रग्स की सप्लाई करने वालों और बेचने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

अब तक जो एथलीट एंटी डोपिंग रूल वॉएलेशन (ADRV) के अपराधी पाए जाते थे उनपर नाडा के डोपिंग कोड के तहत कार्रवाई होती थी. आमतौर पर इन नियमों का उल्लंघन करने पर खिलाड़ी को बैन का सामना करना पड़ता था. लेकिन, अब इन नियमों में क्रिमिनल डाइमेंशन भी शामिल किया जाएगा. यानी अब एथलीट बैन के अलावा भी बड़ी सजा भुगतेगा. और सिर्फ एथलीट ही नहीं बल्कि उस पूरे साइकिल में शामिल सभी लोगों पर एक्शन होगा.

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भारत ने उठाए हैं कई कदम

आपतो बता दें कि इस कदम से पहले डोपिंग मामलों की जांच के लिए CBI को भी शामिल करने का फैसला किया गया था. यह सबकुछ इसलिए क्योंकि भारत में डोपिंग के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) की डोपिंग उल्लंघन करने वालों की ग्लोबल लिस्ट में भारत 162 नाम के साथ सबसे ऊपर बना हुआ है.

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इस सूची में कीनिया 148 नाम के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि तीसरे स्थान पर रूस है जहां 60 से अधिक मामले मिले हैं. इस लिस्ट में उन खिलाड़ियों का नाम शामिल है जो कि डोप वॉएलेशन के लिए बैन झेल रहे हैं. इसमें वे लोग भी शामिल हैं, जिन्होंने डोपिंग के अलावा अन्य उल्लंघन किए हैं जैसे कि सैंपल से छेड़छाड़, टेस्ट से बचना, तस्करी या अपने रहने के स्थान की जानकारी नहीं देना. इन उल्लंघनों के लिए भी डोपिंग उल्लंघन जैसी ही सजी मिलती है.

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भारत में बढ़ते मामले

2022 से 2025 के बीच एथलेटिक्स में ही देश में 212 ADRV दर्ज किए गए हैं. हर साल टॉप दो में स्थान बनाते हुए और 2024 और 2025 दोनों में ग्लोबल लिस्ट में भारत टॉप पर रहा है. भारत ने 2022 में 48, 2023 में 63, 2024 में 71 और 2025 में अब तक 30 ADRV दर्ज किए हैं. इन आंकड़ों के कारण विश्व एथलेटिक्स ने इस वर्ष की शुरुआत में देश को डोपिंग के लिए ‘हाई रिस्क’ वाला राष्ट्र घोषित किया था.

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