भारतीय महिला टीम ने लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की टीम को हरा दिया है. 142 साल के बाद क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इस मैदान पर महिला टेस्ट मैच खेला गया. मैच में भारत ने गेंदबाजी, बल्लेबाजी और फील्डिंग तीनों एरिया में इंग्लैंड को पस्त कर दिया. एकतरफा अंदाज में भारत ने ये मैच 270 रनों से जीत लिया.
लॉर्ड्स में महिला टीम ने इतिहास रचा, इंग्लैंड को 270 रनों से हराया
भारतीय महिला टीम के लिए T20 वर्ल्ड कप काफी निराशाजनक रहा था. जिसके बाद 142 सालों के टेस्ट इतिहास में पहली बार लॉर्ड्स पर कोई महिला टेस्ट खेला गया. जो भारतीय टीम ने जीत लिया है.


इसके साथ ही टेस्ट फॉर्मेट में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है. महिला टीम ने पिछले 11 टेस्ट में केवल एक ही मुकाबला हारा है. वहीं इंग्लैंड में यह टीम का 11वां टेस्ट था, जहां टीम अब तक एक भी मैच नहीं हारी. यही नहीं, टीम की दो खिलाड़ियों ने लॉड्स के ऑनर बोर्ड पर अपना नाम भी दर्ज कराया.
पहली पारी में ले ली बढ़तभारतीय महिला टीम के लिए टी20 वर्ल्ड कप काफी निराशाजनक रहा था. औ फिर आया लॉर्ड्स टेस्ट. इस खास मुकाबले ने जैसे टीम इंडिया में नया जोश भर दिया. इंग्लैंड ने टॉस जीता और मैच में टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करने उतरी. पहले दिन गेंदबाजों को पिच से मदद मिल रही थी, लेकिन मेजबान टीम इसका फायदा नहीं उठा सकी. भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए. ओपनर स्मृति मंधाना ने 83 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन की पारी खेली.
इंग्लैंड की बैटिंग में ऐसा लगा कि शायद वो वापसी करे लेंगे. लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा नहीं होने दिया. इंग्लैंड की टीम अपनी पहली पारी में केवल 170 रन ही बना सकी. भारतीय पेसर क्रांति गौड़ ने पांच विकेट लिए और ऑनर बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाले पहली महिला गेंदबाज बनीं. सयाली सत्घरे और स्नेह राणा ने भी 2-2 विकेट लिए.
पहली पारी की तर्ज पर भारत को 115 रन की अहम लीड हासिल हुई. इसके बाद तो जैसे मेजबान टीम दबाव में आ गई. भारतीय बल्लेबाजों के सामने से वह कुछ नहीं कर पाए. दूसरी पारी में मंधाना ने एक बार फिर 70 रन की पारी खेली वहीं ऋचा घोष ने भी 50 रन बनाए.
लेकिन सबसे कमाल की बल्लेबाजी विकेटकीपर बल्लेबाज यस्तिका भाटिया ने की. उन्होंने शतक लगाकर इंग्लैंड के गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेल दिया. 113 रन की पारी ने उनको भी ऑनर बोर्ड पर पहुंचा दिया. भारत ने अपनी दूसरी पारी 341 रन पर घोषित कर दी. इंग्लैंड को 457 रन का पहाड़ जैसा लक्ष्य दिया.
दूसरी पारी में भी मेजबान इंग्लैंड क्रांति गौड़ के ‘सीम मूवमेंट’ का सामना करने में नाकाम रही. उन्होंने एक बार फिर निराशाजनक प्रदर्शन किया. गौड़ ने पारी की अपनी पहली ही गेंद पर टैमी ब्यूमोंट का अंतरराष्ट्रीय करियर खत्म कर दिया. यह ब्यूमोंट का आखिरी इंटरनेशनल मैच था.
ब्यूमोंट की तरह इंग्लैंड की दिग्गज खिलाड़ी हेदर नाइट भी करियर की आखिरी पारी में 13 ही रन बना पाईं. एमी जोन्स (नाबाद 52 रन) और मैडी विलियर्स (26 रन) ने छठे विकेट के लिए 67 रन की साझेदारी की, लेकिन यह उन्हें जीत तक पहुंचाने के लिए काफी नहीं थी. आखिरी दिन भारत को जीत के लिए चार विकेट की जरूरत थी.
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स्नेह राणा ने सबसे पहले इन फॉर्म बल्लेबाज एमी जोन्स को आउट किया. इसके बाद इसे वोन्ग एक रन बनाकर बोल्ड हो गई. वहीं लॉरेन बेल बिना खाता खोले दीप्ति शर्मा की गेंद पर आउट हो गई. आखिर में सोफी एक्लेस्टोन ने हार को टालने के लिए काफी कोशिश की, लेकिन 50 रन के स्कोर वह भी पवेलियन पहुंच गईं.
भारतीय गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन का अंदाजा इससे ही लगा लीजिए कि इंग्लैंड की आधी से ज्यादा टीम बोल्ड हुई. दूसरी पारी में स्नेह राणा ने चार विकेट लिए. वहीं सियाली, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट लिए.
आखिरी विकेट गिरते ही टीम इंडिया और फैंस जश्न में डूब गए. स्टेडियम में मौजूद सचिन तेंदुलकर ने भी टीम को स्टैंडिंग ओवेशन दिया. भारत में ऐतिहासिक जीत के साथ अपने दौरे का अंत किया. क्रांति गौड़ को प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड मिला.
वीडियो: भारत बनाम इंग्लैंड के मैच में क्या हुआ?









