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स्टीव वॉ की रणनीति से टीम इंडिया पर दबाव बना रहा है ऑस्ट्रेलिया!

कैसे ऑस्ट्रेलिया को जवाब देंगे अजिंक्य रहाणे?

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भारतीय टीम सीरीज़ का तीसरा मैच सिडनी क्रिकेट मैदान पर खेलेगी. फोटो: AP
पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ की सोच रही कि
'विरोधी टीम को मानसिक तौर पर ढहा दो.'
ये वही सोच है, जिसके साथ ऑस्ट्रेलियाई टीम सालों से विरोधी टीमों के खिलाफ आक्रामक क्रिकेट खेलती है. ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया में क्रिकेट खेलना विदेशी टीमों के लिए सबसे मुश्किल काम है. क्योंकि ऑस्ट्रेलिया का दौरा करने वाली टीम का मुकाबला मैदान पर मौजूद सिर्फ 11 खिलाड़ियों से ही नहीं होता. बल्कि उन 11 के अलावा मौजूद सपोर्ट स्टाफ, ऑस्ट्रेलियन मीडिया और पूर्व क्रिकेटर्स से भी होता है. क्योंकि वो लगातार विरोधी टीम पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम करते हैं.
साल 2018 में जब जोहान्सबर्ग वाला बॉल टेम्परिंग कांड हुआ तो लगा शायद अब ऑस्ट्रेलियाई टीम बदल गई है. साल भर तक उन्होंने जेन्टलमेन्स क्रिकेट खेला भी. एक डॉक्यूमेंट्री में उन्होंने माना भी कि वो अब स्लेजिंग, विरोधी टीमों से अड़ना जैसी चीज़ें नहीं करेंगे. भारत के पिछले दौरे पर ये चीज़ें दिखीं भी. जब विराट कोहली की टीम के सामने ऑस्ट्रेलियंस स्लेजिंग से दूर दिखे और सीरीज़ भी 2-1 से गंवा दी.
फिर शुरुआत हुई भारत के साथ 2020/21 सीरीज़ की
सीरीज़ की शुरुआत शांत और प्यार भरे माहौल के साथ हुई. वनडे सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया को जीत मिली और टी20 सीरीज़ पर भारत ने कब्ज़ा जमा लिया. अब शुरू होना था मैदान का असली युद्ध.
बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज़ की शुरुआत:
ऑस्ट्रेलियाई टीम इस बार 2018-19 सीरीज़ के दर्द को हरा नहीं करना चाहती थी. सीरीज़ की शुरुआत भी वैसी ही हुई. विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया पहले ही मुकाबले में हार गई. एडिलेड ओवल में टीम इंडिया को 36 रनों पर समेट ऑस्ट्रेलिया ने अपने इरादे ज़ाहिर कर दिए और भारत ने मैच के साथ-साथ विश्वास भी गंवा दिया.
एडिलेड ओवल में हार के साथ ही ऑस्ट्रेलियंस के बयान आने शुरू हो गए. एक सभ्य और शांत दिख रहे दौरे में बयानों की शुरुआत हुई.
पहले ये बयान पढ़ लीजिए.
रिकी पोन्टिंग:
''एडिलेड के नतीजें के बाद ये लग रहा है कि भारत का सीरीज़ में क्लीन स्वीप होगा.''
माइकल क्लॉर्क:
''अगर भारत विराट के बिना ऑस्ट्रेलिया को हराता है तो वो एक साल तक जश्न मनाएगा.''
मार्क वॉ:
''भारतीय टीम में कोई भी उम्मीद नहीं दिखती, भारत की वापसी का कोई चांस नहीं है, ऑस्ट्रेलिया 4-0 से जीतेगा.''
इन बयानें से ये साफ ज़ाहिर था कि अब ऑस्ट्रेलियंस ढूबती हुई टीम इंडिया को तिनके का सहारा भी नहीं देना चाहते. इस हार के साथ-साथ भारत को एक और झटका ये लगा कि विराट कोहली और मोहम्मद शमी भी वापस वतन लौट गए.
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एडिलेड टेस्ट के बाद विराट कोहली. फोटो: AP

अब टीम इंडिया के लिए कुछ भी आसान नहीं दिख रहा था. लेकिन अजिंक्य रहाणे और टीम इंडिया ने मिलकर ऑस्ट्रेलियंस को करारा जवाब दिया. मेलबर्न में रहाणे की टीम ने ऑस्ट्रेलिया को सिर्फ चार दिन में पटखनी देकर ऑस्ट्रेलियंस के सपनों को धूल चटा दी.
भारत दो टेस्ट के बाद 1-1 की बराबरी पर आ खड़ा हुआ. इससे भी बड़ा झटका ऑस्ट्रेलियंस को तब लगा, जब रोहित शर्मा भी टीम से जुड़ गए. साथ ही साथ शुभमन से ओपन कराना और ऋषभ पंत को कीपिंग सौंपने वाले टीम इंडिया के दांव भी चल निकले.
अब ऑस्ट्रेलियाई मीडिया भारतीय टीम पर दबाव बनाने वाली प्लानिंग्स पर काम करने लगा. पहले तो खबरें आईं कि तीसरा टेस्ट मेलबर्न में ही खेला जाएगा. क्योंकि सिडनी में कोविड की वजह से हालात ठीक नहीं हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलिया वाले मेलबर्न में टेस्ट कैसे खेलते. जब मेलबर्न की पिच ने भारतीय स्पिनर्स को इतनी मदद दी.
ऑस्ट्रेलियंस ने दोनों टीमों को 31 दिसंबर को सिडनी नहीं उड़ने दिया. लेकिन फिर भी तीसरा टेस्ट ज़िद के चलते ही सही सिडनी में करवाने का आखिरी फैसला लिया. क्योंकि इस मैदान पर उन्हें भारत ने आखिरी बार बेदी की कप्तानी में हराया था.
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ऑस्ट्रेलिया में फील्डिंग प्रेक्टिस करते रोहित. फोटो: AP

यहां से शुरुआत हुई स्टीव वॉ के बयान को सच करने वाली बात.
'मानसिक तौर पर विरोधी को ढहा दो.'
टीम इंडिया के खिलाड़ियों का प्रोटोकॉल तोड़ने पर सवाल:
इसी बीच नया साल आया. टीम इंडिया के कुछ खिलाड़ी रेस्टोरेंट में खाना खाने गए और एक फैन ने उनका वीडियो शेयर कर दिया. उस फैन ने वीडियो के साथ साथ ये भी कहा कि उन्होंने पंत को गले लगाया है. यहीं से प्रोटोकॉल तोड़ने वाला विवाद शुरू हो गया. बाद में उस फैन ने इन खबरों से इंकार भी किया और कहा कि उनके और खिलाड़ियों के बीच अच्छी खासी दूरी थी. लेकिन ऑस्ट्रेलियन मीडिया इन सबको कहां मानने वाला था. क्योंकि मेलबर्न की हार के बाद इस वीडियो से तो ऑस्ट्रेलियन मीडिया को संजीवनी बूटी मिल गई. खासकर तब जब इन प्लेयर्स में रोहित शर्मा जैसा दुनिया का टॉप रैंक खिलाड़ी भी है.
ऑस्ट्रेलियन मीडिया पूरी कोशिश में लग गया कि भारतीय टीम के ये खिलाड़ी तीसरे टेस्ट से बाहर हो जाएं. ऑस्ट्रेलिया से लगातार ऐसी खबरें आने लगीं कि इन सभी खिलाड़ियों को फिर से क्वारंटीन होना होगा और ये बाकी टीम के साथ सिडनी रवाना नहीं होंगे.
ब्रिस्बेन में मानना होगा कोविड का सख़्त प्रोटोकॉल:
भारतीय टीम पर लगातार बन रहे दबावों के बीच ऐसी रिपोर्ट सामने आई कि भारतीय टीम के खिलाड़ी फिर से क्वांरटीन होने के लिए तैयार नहीं हैं. क्योंकि उन्होंने दौरे से पहले 14 दिन के क्वांरटीन पीरियड के नियम को फॉलो किया है. भारतीय टीम की तरफ से आ रहे इस बयान पर तुरंत क्वींसलैंड की तरफ से भी बयान जारी हुआ.
शैडो हेल्थ मिनिस्टर रोस बेट्स ने इस मामले पर खुद आकर कहा,
''अगर भारतीय नियमों के साथ खेलने आना नहीं चाहते तो बेहतर है वो ना आएं.''
क्वींसलैंड के शैडो स्पोर्ट्स मिनिस्टर टिम मेंडर ने भी इन्हीं बातों पर पर सहमति जताई. उन्होंने कहा,
''भारतीय क्रिकेट टीम चौथे टेस्ट के लिए ब्रिस्बेन में अव्यवस्थित दिशानिर्देशों को लागू करना चाहती है, तो उन्हें नहीं आना चाहिए. सीधी सी बात है, सभी के लिए समान नियम लागू होने चाहिए.''
किसी मेहमान टीम को लेकर राजनीतिक तौर पर इस तरह की बयानबाजी. सुनने में थोड़ा अजीब तो लगता ही है.
लेकिन कहानी यहीं नहीं रुकी. अब तक मामले में रोहित, शुभमन, ऋषभ, पृथ्वी और नवदीप ही थे कि घर लौट आए कप्तान विराट कोहली और हार्दिक पांड्या को भी इसमें लपेट लिया गया.
विराट-हार्दिक ने भी तोड़ा प्रोटोकॉल:
तीन जनवरी के दिन ऑस्ट्रेलियाई मीडिया से खबर आई कि रोहित और बाकी खिलाड़ियों से पहले सात दिसंबर के दिन भारतीय कप्तान विराट कोहली और हार्दिक पांड्या ने भी प्रोटोकॉल तोड़ा था.
फॉक्स क्रिकेट की तरफ से ट्विटर पर एक फोटो शेयर की गई. तस्वीर से ये बताने की कोशिश की गई कि भारतीय खिलाड़ी पहले भी कोरोना नियमों की धज्जियां उड़ा चुके हैं. बता दें कि पिछले महीने 7 दिसंबर को, भारत के कप्तान विराट कोहली और हार्दिक पांड्या के साथ सिडनी में एक दुकान पर शॉपिंग करने के लिए गए थे. दुकान के कर्मचारियों को विराट और हार्दिक के साथ तस्वीरें लेते हुए देखा गया था. गाबा में तो वो वैसे भी कोई नहीं जीतता:
इन तमाम बातों के बीच ऑस्ट्रेलियंस ने फिर से बयानबाज़ी शुरू कर दी. उनके ऐसे बयान आने लगे जिससे की विरोधी टीम का मनोबल मैदान पर उतरने से पहले ही टूट जाए. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व विकेटकीपर ब्रैड हेडिन का कहना है कि
''भारत, गाबा आना ही क्यों चाहता है. वैसे भी सालों से ऑस्ट्रेलिया को गाबा में कोई नहीं हरा पाया.''
इन सब चीज़ों से मतलब साफ है कि अब ऑस्ट्रेलियंस किसी भी कीमत पर भारत से सीरीज़ जीतना चाहते हैं. जिसका फैसला वो सिडनी टेस्ट में ही करना चाहते हैं.
भारत-ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज़ का तीसरा टेस्ट शुरू होने में अभी तीन दिन बाकी हैं. लेकिन ऑस्ट्रेलियंस ने मैच शुरू होने से पहले ही अपनी तरफ से अटैक करना शुरू कर दिया है. अब देखना होगा कि रहाणे और उनकी टीम मानसिक तौर पर किस तरह से इस पुरानी वाली ऑस्ट्रेलियन स्ट्रेटजी का सामना कर पाती है.

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