हैदराबाद पुलिस ने बीते दिनों एक ऑपरेशन चलाया जिसके तहत 66 लोगों को गिरफ्तार किया गया. आरोप है कि ये लोग साइबर क्रिमिनल्स (Cybercrime in India) को सिम कार्ड (SIM Card) सप्लाई किया करते थे. पुलिस ने बताया कि इस गैंग के सप्लाई किए सिम कार्ड का इस्तेमाल 76 फ्रॉड केस में किया गया. लोगों से कुल 101 करोड़ रुपये लूटे गए. ये पूरा ऑपरेशन 13 राज्यों में चलाया गया.
फर्जी SIM कार्ड से 100 करोड़ की ठगी, 13 राज्यों में रैकेट, हैदराबाद पुलिस ने ऐसे तोड़ा नेटवर्क
SIM card fraud cases: हैदारबाद पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड का रैकेट चलानेवाले 66 लोगों को गिरफ्तार किया है. ये गैंग साइबर क्रिमिनल्स (Cybercrime in India) को सिम कार्ड (SIM Card) सप्लाई किया करते थे. सिम का इस्तेमाल 76 फ्रॉड केस में किया गया और लोगों से कुल 101 करोड़ रुपये लूटे गए.


टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि हालिया मामलों में 1,164 सिम कार्ड गलत तरह से जारी किए गए. हैदराबाद पुलिस कमिश्नर विजे सज्जनार ने बताया कि 544 सिम कार्ड जब्त किए गए हैं. इसके अलावा, 432 सिम कार्ड साइबर अपराधियों को भेजने की तैयारी में थे. पुलिस ने जिन 66 लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें 44 ‘घोस्ट सिम कार्ड होल्डर्स’, 20 सेल्स एजेंट और 2 बिचौलिए शामिल हैं.
Fraud को कैसे अंजाम दिया?इसे ऑपरेशन ऑक्टोपस 3.0 कहा गया. रिपोर्ट के मुताबिक, जब कोई उपभोक्ता सिम कार्ड खरीदने दुकान पर जाता तो एजेंट धोखे से उनके नाम से एक और सिम कार्ड रजिस्टर कर लेता. और उनका e-KYC भी करवा लेता. जिसके बाद इन्हे ट्रांसपोर्ट कर दिया जाता. कुछ उपभोक्ता जो कम पढ़े-लिखे हैं, उनके सिम कार्ड को खुद ही एक्टिवेट कर क्राइम के लिए इस्तेमाल करते थे. कुछ लोगों को पैसों का लालच देकर उनके सिम कार्ड खरीद लिए जाते.
पुलिस ने बताया कि इसका नेक्सस गांवो में भी ऑपरेट किया जाता जहां आरोपी लोगों को फंसाकर उनसे आधार डिटेल्स ले लेते. ये ऑपरेशन कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, ओड़िशा और तेलंगाना में चलाया गया.
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Telecom companies के साथ होगी मीटिंगरिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि Airtel, Vodafone Idea, Jio जैसी टेलीकॉम कंपनियों के साथ एक बैठक की जाएगी, जिसमें कंपनियों के आलाकमान शामिल होंगे. इसके इतर, Department of Telecommunications (DoT), TRAI और अन्य स्टेकहोल्डर्स के साथ भी एक मीटिंग की जाएगी. इन मीटिंग्स का मकसद होगा साइबर क्राइम के मामलों को रोकना जिससे एजेंट्स रियल यूजर के नाम पर फर्जी सिम कार्ड न खरीद पाएं.
पुलिस ने बताया कि इससे पहले फरवरी में ऑपरेशन ऑक्टोपस 1.0, 16 राज्यों में चलाया गया था जिसमें 117 लोग पकड़े गए थे. फिर अप्रैल में ऑपरेशन ऑक्टोपस 2.0 लॉन्च किया गया जिसमें 32 बैंक अधिकारियों, 15 अकाउंट होल्डर और 5 बिचौलियों को पकड़ा गया था.
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