ईवी (EV) में एक ऐसी दिक्कत जिसका बैटरी, चार्जिंग और रेंज से कोई लेना देना नहीं है. इतना पढ़ते ही आपके मन में स्पीड से सवाल आया होगा कि फिर बचा क्या? अजी टायर बचे हैं. ईवी के टायर जल्दी टायर्ड (ev tires wear fast) हो जा रहे हैं. कितनी जल्दी. तकरीबन 30 फीसदी जल्दी. माने जो पेट्रोल-डीजल वाली कार का टायर 50 हजार किलोमीटर पर घिसेगा तो ईवी का 35 हजार पर निपट जाएगा. माने ईवी वालों की पॉकेट को एक करेंट और लगना तय है. लेकिन सवाल तो फिर भी है. ऐसा क्यों होता है और इससे बचने का क्या जुगाड़ है.
EV के टायरों में आ रही बड़ी दिक्कत, घिसाई से लोग परेशान, बचने का तरीका जान लीजिए
Electric vehicle (EV) tyres wear fast: EV चलाने वालों की मुश्किलें खत्म होने का नाम ही नहीं ले रही हैं. बताई गई रेंज नहीं मिलती है तो चार्जिंग खोंसने का भी इंतजाम हर जगह नहीं मिलता. बड़ी बिल्डिंगों में चार्जर की NOC नहीं मिलती है. इतना सह लेते तो पता चला है कि इनके टायर भी जल्दी घिस जाते हैं. ये क्यों होता है, इससे कैसे बचें? आज सब जानिए.


सोशल मीडिया पर आपको ऐसी कई पोस्ट मिलेंगी जिसमें ईवी यूजर टायरों के जल्दी घिसने से परेशान हैं. कई ईवी के टायर तो 15 हजार किलोमीटर पर ही दम तोड़ रहे हैं. हालांकि इसमें थोड़ा दोष तो गाड़ी चलाने की आदतों का भी है क्योंकि हमें अभी तक डीजल-पेट्रोल कार चलाने की आदत रही है. लेकिन ये भी सही है कि ईवी के टायरों की उम्र कम होती है. टायर बनाने वाली कंपनी Bridgestone भी ऐसा मानती है.
टायर्ड होने की वजह(1) इंसटेंट टॉर्क- आप जब भी पेट्रोल या डीजल गाड़ी को आगे बढ़ाते हैं तो गाड़ी में ताकत हल्लु-हल्लु लगती है, फिर भले वो गियर वाली हो या औटोमेटिक. इसके उलट ईवी तगड़ी बैटरी की वजह से एस्केलेटर पर हल्का सा दबाव पड़ते ही एकदम से पिकअप पकड़ लेती है. इसी वजह से टायरों पर हर बार ज्यादा प्रेशर पड़ता है और रबड़ जल्दी घिसती है.
(2) एक्स्ट्रा वजन- नॉर्मल और ईवी कार के वजन में आराम से 300-400 किलो का फर्क होता है. बैटरी पैक के हिसाब से ये ज्यादा और कम भी हो सकता है मगर ये भारी तो होती हैं. यही वजन हमेशा बेचारे टायरों को झेलना पड़ता है.
(3) ब्रेक से ब्रेक- ईवी गाड़ियों में एक फीचर होता है रीजनरेटिव ब्रेकिंग. ब्रेक दबाने और एस्केलेटर छोड़ने पर गाड़ी की मोटर रिवर्स में काम करना स्टार्ट कर देती है. अच्छा फीचर है क्योंकि इससे बैटरी पर असर कम पड़ता है मगर इसकी वजह से टायर पीछे की ओर खिंचता है और उस पर बेजा दबाव पड़ता है. सिटी में ड्राइव करते समय हर 30 सेकंड पर ये तकनीक एक्टिव होती है तो आप इसका असर समझ सकते हैं.
टायर को रिटायर होने से बचाने का जुगाड़ईवी वाले टायर लगा लो. आपको लगेगा ये क्या नया पकड़ लाए. हम नहीं पकड़े दोस्त. दरअसल ईवी के टायर और नॉर्मल गाड़ी के टायर अलग होते हैं. जैसे 2023 में Bridgestone ने Turanza EV टायर लॉन्च किए थे. इनका दाम इंडिया में 30 हजार है जो नॉर्मल टायर से काफी ज्यादा है मगर ये ईवी के हिसाब से बने हैं. दूसरी कंपनियां भी ऐसे टायर बनाती हैं. एक तरीका ये है और दूसरा ये कि टायरों की अल्टा-पलटी 5 हजार किलोमीटर पर करवाते रहिए. हालांकि इससे बड़ा अंतर तो नहीं आएगा मगर घिसाई का टाइम थोड़ा बढ़ जाएगा.
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