The Lallantop

CWG 2026 : जूडो में अब तक का बेस्ट प्रदर्शन! उन्नति के ब्रॉन्ज के साथ हुए 4 मेडल

CWG 2026 : भारत ने जूडो में अब तक का बेस्ट परफॉर्मेंस किया है. दो गोल्ड और दो ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारतीय जूडोका ने खूब प्रभावित किया. 2 अगस्त को भी भारत के 3 जूडोका मैट पर उतरेंगे.

Advertisement
post-main-image
उन्नति शर्मा ने कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. (फोटो-PTI)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने जूडो में पहली बार चार मेडल हासिल किए, जिनमें 1 अगस्त को उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता जो जूडो में देश का चौथा रिकॉर्ड मेडल है।
  • इस सफलता के पीछे कई प्रतिस्पर्धी मुकाबले हैं जहां भारतीय जूडोका ने इप्पोन जैसे स्कोर हासिल किए और सेमीफाइनल तथा क्वार्टर फाइनल मुकाबलों में कठिन प्रतिद्वंद्विता दिखाई।
  • इस बार 2 अगस्त को भी तीन भारतीय खिलाड़ी मेडल की दौड़ में हैं, जिससे जूडो में भारत के मेडल बढ़ने की संभावना बनी हुई है।

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने पहली बार जूडो में 4 मेडल्स हासिल किए. 1 अगस्त को उन्नति शर्मा ने 63 केजी से कम भार वर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. ये जूडो में इंडिया का रिकॉर्ड चौथा मेडल है. इससे पहले, 31 जुलाई को भारत के 3 जूडोका ने मेडल्स जीते थे. इनमें हर्ष सिंह (मेंस 60 केजी) और अस्मिता डे (विमेंस 48 केजी) ने गोल्ड मेडल जीते थे. वहीं, यामिनी मौर्य ने विमेंस 57 केजी कैटेगरी में रजत पदक जीतकर भारत के रिकॉर्ड पदक अभियान में अपना योगदान दिया था.

Advertisement

1 अगस्त को हुए ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उन्नति ने शानदार तकनीक का प्रदर्शन किया. उन्होंने अपने पैर से साउथ अफ्रीका की स्काई नोएस्टर का संतुलन बिगाड़ा. फिर उन्हें पीठ के बल पटककर इप्पोन हासिल कर लिया. ये मुकाबला महज एक मिनट सात सेकेंड में खत्म हो गया. जूडो में इप्पोन (100) सबसे बड़ा स्कोर होता है. इसके साथ ही मुकाबला तुरंत खत्म हो जाता है.

उन्नति ने किया कमबैक, हर्ष चूके

उन्नति ने अपने अभियान की शुरुआत प्री-क्वार्टर फाइनल में ईस्वातिन की लामुलेला मगागुला पर इप्पोन के जरिए की. इसके बाद, क्वार्टर फाइनल में उन्नति ने न्यूजीलैंड की कोना क्रिस्टी को कड़े मुकाबले में हराया. उन्होंने पहले एक युको अंक अर्जित किया और फिर वाजा-आरी के दम पर जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह बनाई. 

Advertisement

हालांकि, सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया की साया मिडिलटन से हार का सामना करना पड़ा था. लेकिन, उन्होंने जोरदार वापसी करते हुए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया. उनके अलावा, हर्ष टोकस के पास भी मेंस 81 केजी कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीतने का मौका था. लेकिन, वो ऑस्ट्रेलिया के केइशिन ओची से हार गए. ओची ने इप्पोन के जरिये उन्हें चित कर दिया.

ये भी पढ़ें : ट्रिपल जंप में डबल मेडल! प्रवीण ने जीता सिल्वर, सेल्वा प्रभु को मिला कांसा

करणजीत और इनुंगानबी को मिली हार

ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में मिली हार से पहले टोकस को क्वार्टर फाइनल में साइप्रस के ओडिसियस जॉर्जाकिस के खिलाफ 0-1 से करीबी हार का सामना करना पड़ा. हालांकि, टोकस ने वापसी करते हुए रेपेशाज मुकाबले में समोआ के पेनियामिना पर्सिवल को हरा दिया. लेकिन, ब्रॉन्ज मेडल वाला मैच हार गए.

Advertisement

वहीं, विमेंस 70 केजी कैटेगरी में इनुंगानबी तकेल्लाम्बम और मेंस 90 केजी से कम वेट कैटेगरी में करणजीत सिंह मान रेपेशाज राउंड का फायदा नहीं उठा सके.

न्यूजीलैंड के एलियट कोनोली को इप्पोन के जरिए हराकर क्वार्टर फाइनल में एंट्री की थी. लेकिन, क्वार्टर फाइनल में वह कनाडा के गियोम गॉलिन से हार गए. इसके बाद, रेपेशाज में भी उन्हें स्कॉटिश जूडोका स्कॉट क्यूसाक ने हरा दिया. 

वहीं, इनुंगानबी कनाडा की चार्ली थिबॉल्ट से हार गईं. कनाडियन जूडोका ने उन्हें इप्पोन के जरिये हराया. इनुंगानबी को रेपेशाज राउंड में इंग्लैंड की जेमिमा यिट्स ब्राउन से भी हार का सामना करना पड़ा.

मेडल्स में हो सकता है इजाफा

भारत के पास 2 अगस्त को भी टूर्नामेंट के अंतिम दिन रिकॉर्ड मेडल्स में इजाफा करने का मौका होगा. ईशरूप नारंग (विमेंस 78 किग्रा), अवतार सिंह (मेंस 100 किग्रा) और यश घंघास (पुरुष 100 किग्रा से अधिक) अभी भी मेडल की रेस में बने हुए हैं.

वीडियो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का जलवा, 4 और पदक आए; विशाल टीके पर नजर

Advertisement