कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय बॉक्सर्स का बोलबाला रहा. विमेंस कैटेगरी में जहां 5 बॉक्सर्स ने गोल्ड मेडल अपने नाम किए. मेंस कैटेगरी में दो बॉक्सर्स ने सुनहरा तमगा जीत लिया. इनके अलावा, 3 बॉक्सर्स ने रजत पदक जीता. ये कॉमनवेल्थ गेम्स की हिस्ट्री में इंडियन बॉक्सर्स का बेस्ट परफॉर्मेंस है.
CWG 2026 : भारतीय बॉक्सर्स का गोल्ड रश! फाइनल में पहुंचे 10 में से 7 ने जीता सोना
CWG 2026 : ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स का पेनल्टीमेट डे भारतीय बॉक्सर्स के नाम रहा. फाइनल में पहुंचे 10 में से 7 बॉक्सर्स ने गोल्ड मेडल जीत लिया. इनमें 5 विमेंस और 2 मेंस बॉक्सर्स शामिल हैं. विमेंस कैटेगरी में प्रीति, जैस्मीन, साक्षी, अरुंधति और प्रिया ने गोल्ड मेडल जीता. वहीं, मेंस कैटेगरी में सचिन और अंकुश ने ये कारनामा किया.

मेंस कैटेगरी में सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने गोल्डन पंच लगाया. वहीं, विमेंस कैटेगरी में साक्षी चौधरी, जैस्मीन लंबोरिया, प्रीति पवार, अरुंधति चौधरी और प्रिया घंघास ने स्वर्ण पदक अपने नाम किए. ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहाई, जादूमणि सिंह और नरेंदर बेरवाल को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा. तीनों बॉक्सर्स ने सिल्वर मेडल्स जीते.
इससे पहले, भारत ने गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स 2018 में बॉक्सिंग में तीन गोल्ड समेत 7 मेडल्स जीते थे. 1 अगस्त को भारत के 10 एथलीट्स फाइनल में थे. इसके कारण पूरे कंपीटिशन के दौरान ‘भारत माता की जय’ और ‘इंडिया इंडिया’ के नारों से रिंग गूंजता रहा.
भारत के लिए 7वां गोल्ड मेडल अंकुश पंघाल ने जीता. अंकुश ने मेंस 80 केजी वेट कैटेगरी के फाइनल में इंग्लैंड के दिमेजी शिट्टू को हराया. उन्होंने शिट्टू के खिलाफ 4-1 के स्पलिट डिसिजन से दर्ज की. इससे पहले, सचिन सिवाच ने मेंस 60 केजी वेट कैटेगरी के रोमांचक फाइनल में नामीबिया के ट्रायागेन मॉर्निंग एनडेवेलो को हराकर गोल्ड मेडल जीता. यह भारत का छठा गोल्ड मेडल था.
सचिन ने शुरुआती दो राउंड में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की. उन्होंने तीसरे और अंतिम राउंड में एनडेवेलो को ‘स्टैंडिंग काउंट’ के लिए मजबूर कर दिया. इसके बाद, इंडियन बॉक्सर ने 3-2 के स्पलिट डिसीजन से जीत हासिल की.
ये भी पढ़ें : CWG 2026 : जूडो में अब तक का बेस्ट प्रदर्शन! उन्नति के ब्रॉन्ज के साथ हुए 4 मेडल
हालांकि, ओलंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहाई को विमेंस 75 केजी कैटेगरी के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा. आस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री के खिलाफ उन्हें 1-4 के स्पलिट डिसीजन से हार मिली.
पहले राउंड में पिछड़ने के बाद लवलीना ने दूसरे राउंड में अच्छा कमबैक कर लिया. हालांकि, अंतिम राउंड में वो दोबारा डिफेंसिव खेलने लगीं. नतीजा, उन्हें रजत से संतोष करना पड़ा. बॉक्सिंग के अंतिम मुकाबले मेंस 92 केजी वेट कैटेगरी में नरेंदर बेरवाल को इंग्लैंड के डामार थॉमस ने सर्वसम्मत फैसले से हरा दिया. बेरवाल ने भी सिल्वर मेडल जीता.
पहले सेशन में मिले थे दो गोल्डवहीं, विमेंस 70 केजी वेट कैटेगरी के फाइनल में अरुंधति ने इंग्लैंड की शेंटेले रीड को सर्वसम्मत फैसले से हराया. उनसे पहले, विमेंस 51 केजी वेट कैटेगरी के फाइनल में साक्षी ने इंग्लैंड की रूबी वाइट को 5-0 से हराया.
ये बॉक्सिंग में इंडिया का तीसरा गोल्ड मेडल था. इसके बाद, प्रिया घंघास ने विमेंस 60 केजी कैटेगरी में कनाडा की मैरी बाथोल अल अहमदिएह को 4-1 के स्पलिट डिसीजन से हराया.
वहीं, दिन के पहले सेशन में विमेंस 54 केजी वर्ग के फाइनल में प्रीति ने कनाडा की स्कारलेट डेलगाडो को हराया, जबकि 57 केजी वेट कैटेगरी में वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन लंबोरिया ने नॉर्दर्न आयरलैंड की डिफेंडिंग चैंपियन माइकेला वॉल्श को यूनैनिमसली मात दी.
पहले सेशन के आखिरी बाउट, मेंस 51 केजी वेट कैटेगरी में जादूमणि सिंह को हार का सामना करना पड़ा. लंबे कद के ऑस्ट्रेलियन प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ शुरुआत में संघर्ष करने के बावजूद जादूमणि ने पहला राउंड 3-2 से अपने नाम किया. लेकिन, डिक्सन ने दूसरे राउंड में कमबैक की और 5-0 से इसे अपने नाम कर लिया. तीसरे राउंड भी डिक्सन ने जीत लिया.
वीडियो: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का जलवा, 4 और पदक आए; विशाल टीके पर नजर













