सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच था. पहला टेस्ट इंडिया हार चुकी थी. तेज़ पिचों पर भारत के खस्ताहाल होने की कहानी उस टेस्ट मैच में थोड़ी बदलती नज़र आ रही थी. साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर बल्लेबाज़ी करना चुना और रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया. 529 रनों पर पारी डिक्लेयर कर दी. गैरी कर्स्टन और मैकमिलन ने तो शतक मारे ही, नौवें नंबर पर उतरे लांस क्लूजनर ने भी शतक ठोक दिया. जवाबी पारी में भारतीय टीम उतरी और वही शुरू हुआ जिसके लिए टीम इंडिया बदनाम थी.

गैरी कर्स्टन, हैंसी क्रोंजे और लांस क्लूज़नर.
58 रनों तक इंडिया की आधी टीम पवेलियन में लौट चुकी थी. जिनमें द्रविड़, गांगुली और लक्ष्मण जैसे धुरंधर शामिल थे. बस एक शख्स था जो लड़ रहा था. वही अपना तेंडल्या. सचिन उस पारी में आउट होने वाले आख़िरी बल्लेबाज़ थे. उन्हें साथ मिला मुहम्मद अजहरुद्दीन का.
उस मैच में कप्तान भी सचिन ही थे. 254 गेंदों में 169 रन बनाए उन्होंने. 329 मिनट तक क्रीज़ पर डटें रहे. 26 चौके लगाए. अजहर ने 115 रन बनाए. इन दोनों के 284 रन निकाल दें, तो बाकी 9 लोगों का टोटल सिर्फ 75 रन था. एक वक़्त ऐसा था कि टीम इंडिया संभलती नज़र आ रही थी. लेकिन फिर अज़हर के रन आउट होने से पतझड़ का मौसम आ गया. एक के बाद एक विकेट गिरते रहे. पूरी टीम 359 रन पर ऑल आउट हो गई. अफ्रीका से 170 रन कम.

सचिन उस पारी में आउट होने वाले आख़िरी बल्लेबाज़ थे.
दूसरी पारी में अफ्रीका ने तेज़ी से 256 रन बनाकर इंडिया के आगे 427 रनों का टार्गेट रख दिया. कहां ही बन पाते इतने रन! टीम इंडिया कोशिश तक करती नहीं नज़र आई. पहली पारी के शतकवीरों समेत सारी टीम फेल हो गई. एलन डोनाल्ड और शॉन पोलाक ने मिलकर भारत की बैटिंग को तहस-नहस कर दिया. 144 रन पर ढेर हो गई टीम इंडिया. साउथ अफ्रीका ने वो मैच 282 रनों से जीता.
2018 के करंट साउथ अफ्रीका दौरे में इंडिया अपना पहला मैच इसी केप टाउन के मैदान पर खेल रही है. उम्मीद है वो इतिहास बदलने में कामयाब रहेगी. टीम इंडिया के सितारे आजकल बुलंद हैं. पूरा 2017 शानदार रहा है. ये देखना दिलचस्प रहेगा कि पिछले साल का अपना लक वो अगले साल में भी साथ ला पाई है या नहीं. ये साल उतना आसान नहीं रहने वाला. साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के घरेलु मैदानों पर जूझना है टीम को. असली परीक्षा यहीं होनी है.

आत्मविश्वास के रथ पे सवार टीम इंडिया के आगे पहली बड़ी चुनौती आ गई है.
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