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अर्जेंटीना को चीयर करने पहुंचे 13 हजार फैंस को नहीं मिलेगी एंट्री?

सुनने में यह अजीब लग सकता है लेकिन अर्जेंटीनी सरकार ने 13000 लोगों की लिस्ट तैयारी की है और अमेरिकी अथॉरटीज को सौंपी है. वह चाहते हैं कि इन लोगों को अमेरिका में वर्ल्ड कप मैच में एंट्री न मिले.

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लियोनल मेसी अर्जेंटीना के कप्तान हैं. (Photo-India Today)

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  • अर्जेंटीना सरकार ने फीफा वर्ल्ड कप में 13000 लोगों की सूची अमेरिकी अधिकारियों को सौंपी है ताकि वे उन लोगों को मैच में प्रवेश न दें जो अपने बच्चों का आर्थिक समर्थन नहीं करते।
  • यह कदम 'SAFE STANDS' योजना के तहत उठाया गया है, जिसका उद्देश्य उन माता-पिता की पहचान और सख्त कार्रवाई करना है जो अपने बच्चों की बुनियादी जरूरतें पूरी करने में असफल रहते हैं।
  • यदि सूची में शामिल व्यक्ति अपने बच्चों के खर्च का भुगतान प्रमाणित कर देते हैं, तो उन्हें स्टेडियम में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिससे इस नीति का प्रभाव केवल असंतुष्ट अभिभावकों तक सीमित रहेगा।

फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना गत चैंपियन के तौर पर उतरी है. लियोनल मेसी के फैंस को इंतजार है कि उनका फेवरिट फुटबॉलर एक बार फिर फीफा वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाएगा. कई फैंस यह लम्हा देखने के लिए यूएस पहुंचे भी हैं. स्टेडियम में फैंस जब अपनी टीम को चीयर करते हैं तो खिलाड़ियों का जोश अलग स्तर पर होता है. लेकिन अर्जेंटीना की सरकार ही इस कोशिश में है कि फैंस को मैच के लिए एंट्री न मिले. 

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सुनने में यह अजीब लग सकता है लेकिन अर्जेंटीनी सरकार ने 13000 लोगों की लिस्ट तैयारी की है और अमेरिकी अथॉरटीज को सौंपी है. वह चाहते हैं कि इन लोगों को अमेरिका में वर्ल्ड कप मैच में एंट्री न मिले. इसके पीछे एक खास कारण है जो कि अर्जेटीना सरकार की मुहिम से जुड़ा हुआ है.

अर्जेंटीना की 'Safe Stands' स्कीम

अर्जेंटीना ने जो लिस्ट तैयार की है, उसमें उन लोगों का नाम है जो अपने बच्चों को आर्थिक तौर पर सपोर्ट नहीं कर रहे हैं. AS की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार का कहना है,

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अगर यह लोग अपने बच्चों का ध्यान नहीं रख सकते, तो उन्हें स्टेडियम में भी एंट्री नहीं मिलनी चाहिए.

यह उनकी मुहिम 'Safe Stands' का हिस्सा है. इस मुहिम से ऐसे पेरेंट्स को ढूंढा जा रहा है जो कि अपने बच्चों की बेसिक जरूरत को नजरअंदाज करते हैं. ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है. फीफा वर्ल्ड कप के दौरान कई लोगों ने अमेरिकन वीजा के लिए अप्लाई किया. इन्हीं लोगों के डाटा को खंगालकर लिस्ट तैयार की गई है. कुछ हफ्ते पहले देश के सुरक्षा मंत्री एलेक्सजेंड्रा मोंटेलिवा ने सोशल मीडिया पर इसे लेकर वीडियो शेयर किया. उनका साफ कहना है कि अगर किसी के पास विदेश जाने का पैसा है तो उसे पहले अपने बच्चों का खर्च उठाना चाहिए. 

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स्टेडियम जाने पर लगा बैन

स्टेडियम जाने पर यह बैन परमानेंट नहीं है. अगर लिस्ट में शामिल लोग साबित कर देते हैं कि वह बच्चों का खर्च उठा रहे हैं या बकाया राशि चुका देंगे, तो उन्हें लिस्ट से हटा दिया जाएगा. हाल के महीनों में, बकाया राशि न चुकाने वालों का पता लगाने की कोशिशें तेज़ हो गई हैं. अमेरिकन अथॉरिटीज को यह लिस्ट देने के सरकार के फैसले को अपनी जनता का बहुत सपोर्ट मिला है. हाल के सालों में कई माताओं ने बच्चों के भरण-पोषण का खर्च न उठाने वाले पिताओं की शिकायत की है. इसके बाद ही सरकार और सख्त हो गई है. 

अर्जेंटीना की शानदार शुरुआत

अर्जेंटीना के फैंस के लिए अच्छी खबर यह है कि टीम की शुरुआत बहुत अच्छी रही है. ग्रुप राउंड के पहले मैच में टीम का सामना अल्जीरिया से था.  इस मैच में टीम ने लियोनल मेसी की पहली वर्ल्ड कप हैट्रिक के दम पर 3-0 से हरा दिया. अब मेसी के वर्ल्ड कप में 16 गोल हो गए हैं. वह जर्मनी के मिरोस्लाव क्लोज के साथ सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में बराबरी पर आ गए हैं. मेसी ने पहला गोल 17वें मिनट में दागा. दूसरा गोल 60वें और तीसरा 76वें मिनट में दागा, जिसके बाद दर्शकों ने खड़े होकर जश्न मनाया. 

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