प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G-7 समिट में हिस्सा लेने फ्रांस के एवियन-लेस-बैंस शहर में पहुंचे हैं. यहां 17 जून को पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय मुलाकात हुई है. इस मुलाकात में पीएम मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खोलने का मुद्दा उठाया. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों वाले सेट्टेबेलो जहाज पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीयों की मौत के मामले और उस पर दुख जताने से जुड़े सवाल पर डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि ‘ये बहुत सख्त पेशा है. हम इन लोगों से प्यार करते हैं और इस पर जरूर साथ काम करेंगे.’
ट्रंप के सामने PM मोदी ने भारतीय नाविकों पर अमेरिकी हमले की बात उठा दी, ये जवाब आया
फ्रांस के एवियन शहर में पीएम नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के बीच द्विपक्षीय बैठक हुई. इस बैठक में पीएम मोदी ने भारतीय नाविकों की मौत और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को पूरी तरह से खोलने का मुद्दा उठाया. वहीं ईरान के साथ समझौते के लिए राष्ट्रपति ट्रंप की तारीफ की. दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए उनको 'फरिश्ता' बता दिया.


द्विपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप पत्रकारों से मिले. इस दौरान पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति बहाल करने की कोशिशों के लिए ट्रंप की तारीफ की. उन्होंने ट्रंप से कहा,
पश्चिम एशिया में शांति के प्रयास में जो प्रगति हुई है, इसके लिए मैं आपका अभिनंदन करता हूं. आपके इन प्रयासों के चलते पश्चिम एशिया में उम्मीद की एक नई किरण नजर आ रही है. हम आशा करते हैं कि क्षेत्र में लंबे समय तक चलने वाली शांति आएगी.
पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्पति से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बिना किसी रोकटोक के जहाजों की आवाजाही पर जोर देने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा,
आप और हम सब इस बात से सहमत हैं कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का खुला रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही जरूरी है. हम हमेशा कहते रहे हैं कि फ्रीडम ऑफ नेविगेशन सुनिश्चित होना चाहिए और हम सबको इस पर मिलकर बल देना चाहिए.
पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सामने मैरीटाइम ट्रेड में काम कर रहे भारतीय सीफेयरर्स की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा,
आप जानते हैं कि मैरीटाइम ट्रेड की दुनिया में भारत के लाखों सीफेयरर्स दुनिया के अलग-अलग समुद्र में अपनी सेवा दे रहे हैं. दुनिया के डेवलपमेंट में उनका बड़ा योगदान है. मैं समझता हूं कि उनकी सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है.
पीएम मोदी ने ईरान और अमेरिका के बीच समझौते पर सहमति बनने को लेकर भी राष्ट्पति ट्रंप की तारीफ की. पीएम मोदी के इस बयान के बाद डॉनल्ड ट्रंप ने पत्रकारों के सवाल लिए और उनका जवाब दिया. पीएम मोदी से किसी भी पत्रकार ने कोई सवाल नहीं पूछा.
डॉनल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को ‘फरिश्ता’ बताया
अमेरिका भारत ट्रेड डील को लेकर पूछे गए सवाल पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि वह (पीएम मोदी) बहुत ‘टफ नेगोशिएटर’ हैं. वह सबसे टफ लोगों में से एक हैं. वह बहुत अच्छे दिखते हैं. वह एक फरिश्ते जैसे हैं लेकिन असल में बहुत सख्त हैं. वे बहुत अच्छे दिखते हैं इसलिए वह आपको सरप्राइज कर देते हैं लेकिन ऐसे बहुत कम लोग हैं. हम भविष्य में कभी भारत जाएंगे. प्रेसिडेंट ट्रंप से पूछा गया कि क्या पश्चिम एशिया में भारत की अहम भूमिका हो सकती है. इस सवाल पर उन्होंने कहा कि जब तक पीएम मोदी नेता हैं तब तक भारत हर चीज में अहम भूमिका निभाएगा. अमेरिका राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से भारत और अमेरिका के बीच रक्षा संबंधों के ऊपर जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,
मुझे लगता है कि बहुत अच्छे संबंध हैं. बिना किसी समझौते के भी मैं यह कह सकता हूं कि अगर इन पर (भारत पर ) कोई हमला होता है तो इनकी मदद के लिए अमेरिका मौजूद रहेगा. अगर कोई नया लीडर आएगा तो मुझे उसके बारे में नहीं पता. लेकिन अगर हमला होता है और ये नेता हैं तो हम वहां होंगे.
इससे पहले 16 जून को G-7 समिट के दौरान भी पीएम मोदी ने सुरक्षित समुद्री रास्ते और नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में समुद्री व्यापार में आई बाधा की वजह से पूरी ग्लोबल इकोनॉमी को नुकसान पहुंचा है. पीएम मोदी ने कहा कि नाविकों की सुरक्षा सभी देशों की सामूहिक जिम्मेदारी है.
वीडियो: पीएम मोदी ने G7 Summit में ट्रंप के सामने 13 भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया


















