The Lallantop

इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना ने ‘माल्विनास’ की याद दिला दी, उसकी कहानी पता है क्या?

1982 में Argentina ने फॉकलैंड आइलैंड पर कब्जा कर लिया था. लेकिन ब्रिटेन ने युद्ध लड़कर उन्हें वापस ले लिया. फॉकलैंड वॉर 74 दिन चला. 907 लोग मारे गए. 649 अर्जेंटीना के सैनिक, 255 ब्रिटिश और 3 स्थानीय निवासी.

Advertisement
post-main-image
इंग्लैंड को हराने के बाद बैनर के साथ मेसी और बाकी खिलाड़ी. (फोटो- Getty)

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • FIFA वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई, जहां वह स्पेन के खिलाफ खेलेंगे।
  • अर्जेंटीना और इंग्लैंड के बीच मैच की तीव्रता का कारण 1982 के फॉकलैंड युद्ध और माल्विनास द्वीपों पर राजनैतिक विवाद है, जो दोनों देशों के बीच पुरानी दुश्मनी को दर्शाता है।
  • इस जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने 'Las Malvinas son Argentinas' बैनर के साथ जश्न मनाया, जिससे माल्विनास मुद्दे पर नई राजनीतिक संवेदनशीलता बनी रहने की संभावना है।

FIFA World Cup 2026 का दूसरा सेमीफाइनल. अर्जेंटीना वर्सेज इंग्लैंड. मैच का पहला हाफ किसी रेसलिंग गेम से कम नहीं था. दोनों टीमों के प्लेयर्स प्रेस कर रहे थे. टैकल पर टैकल चल रहा था. रेफरी ने पहले हाफ में दोनों टीमों के एक-एक प्लेयर को येलो कार्ड तक दिखा दिया. मैच की इस इंटेंसिटी के पीछे एक बड़ा इतिहास था. जो अर्जेंटीना की 2-1 से जीत के साथ खत्म हुआ. या कहें कि फिलहाल के लिए थम गया. इस जीत के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ी ‘Las Malvinas son Argentinas’ के बैनर के साथ जश्न मनाते दिखे. इस बैनर के पीछे की कहानी काफी दिलचस्प है, आज उसकी बात करेंगे.

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement
Image
माल्विनास, माने फॉकलैंड आइलैंड.

कहानी जानने से पहले आपको ये जानना जरूरी है कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी जब मैच जीतने के बाद जश्न मनाते हैं, तो गाते हैं, "For the Malvinas, for Diego, for Leo's last one,". माने, “माल्विनास के लिए, डिएगो के लिए, लियो के आखिरी टूर्नामेंट के लिए.” माल्विनास, माने फॉकलैंड आइलैंड. डिएगो यानी मैराडोना और लियो यानी लियोनेल मेसी. ये चैंट सिर्फ मैच के लिए नहीं है. अर्जेंटीना में ये गाना डेली रूटीन का हिस्सा है.

माल्विनास का मुद्दा क्या है?

साउथ अटलांटिक ओशियन में एक ‘फॉकलैंड आइलैंड’ नाम का टापू है. इसे अर्जेंटीना में माल्विनास कहा जाता है. ये आइलैंड अर्जेंटीना के ईस्ट कोस्ट से करीब 300 मील दूर हैं. किलोमीटर में 480-485 के आसपास होगा. 1833 से ये ब्रिटेन के नियंत्रण में हैं. लेकिन भारत-पाकिस्तान की तरह ही कोई जमीन का मुद्दा किसी एक देश तक सीमित कहां रहता है. अर्जेंटीना का मानना है कि ये आइलैंड उनके हैं. अब जब दो देश एक जमीन के टुकड़े पर हिस्सेदारी दिखाएंगे, तो होगी टेंशन.

Advertisement

1982 में अर्जेंटीना ने इन आइलैंड्स पर कब्जा कर लिया. लेकिन ब्रिटेन ने युद्ध लड़कर उन्हें वापस ले लिया. फॉकलैंड वॉर 74 दिन चला. 907 लोग मारे गए. 649 अर्जेंटीना के सैनिक, 255 ब्रिटिश और 3 स्थानीय निवासी.

अर्जेंटीना के लिए ये हार सिर्फ युद्ध की हार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय गर्व और यादों का विषय है. आज भी 44 साल बाद वो उन सैनिकों को याद करते हैं जो इस युद्ध में शहीद हुए. कई गानों में ये बात आती है. BBC की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च में जब अर्जेंटीना की टीम ने जाम्बिया से मैच खेला तो युद्ध के वेटर मैदान पर आए और नेशनल सॉन्ग गाया.

फुटबॉल मैच के दौरान चैंट क्यों?

अर्जेंटीना के हर एक स्टेडियम में. रॉक कॉन्सर्ट में और सड़कों पर लोग डूबते हुए चिल्लाते हैं, "And now you see, and now you see, whoever doesn't jump is English!". माने, “अब देखेंगे, जो नहीं उछलेगा वो अंग्रेज है!” ये चैंट बहुत पॉपुलर है. अर्जेंटीना के पत्रकार निकोलस रॉटनिट्स्की कहते हैं,

Advertisement

“इसमें कुछ भी नफरत नहीं है. ये हमारी संस्कृति का हिस्सा है. उछलकर हम साबित करते हैं कि हम अंग्रेज नहीं हैं.”

Image
इंग्लैंड को हराने के बाद अर्जेंटीना के प्लेयर्स बैनर्स के साथ.

ब्राजील के साथ-साथ इंग्लैंड की टीम को अर्जेंटीना का सबसे बड़ा फुटबॉल अपोनेंट माना जाता है. लेकिन इंग्लैंड के लिए ये सिर्फ खेल है. जबकि अर्जेंटीना के लिए ये पहचान, इतिहास और गर्व से जुड़ा है. अर्जेंटीना के मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल कहते हैं,

“ये चैंट हमारे हीरोज के बारे में है, राजनीति से जुड़ा नहीं. माल्विनास के मुद्दा की कहीं और चर्चा होनी चाहिए, मैच में नहीं.”

इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड बताते हैं,

“ये सिर्फ फुटबॉल का मैच है. जो होगा फुटबॉल से जवाब दिया जाएगा.”

इस बार के वेटर संगठन का भी यही मानना है कि ये मैच किसी तरह का बदला या इतिहास का हिसाब नहीं है. लेकिन राजनीति और खेल का टकराव तो होता ही है.

दोनों देशों के बीच पुरानी दुश्मनी

1982 के युद्ध के 4 साल बाद 1986 वर्ल्ड कप में यही दोनों टीमें क्वार्टर फाइनल में भिड़ीं. मैक्सिको का एजटेका स्टेडियम. मैच में डिएगो मैराडोना ने कमाल कर दिया. उन्होंने दो गोल किए, जिसमें से एक का नाम “हैंड ऑफ गॉड” पड़ा. गोल विवादित था. इसलिए आज भी याद किया जाता है. उनका दूसरा गोल एक शानदार सोलो रन पर आया. जिसे इतिहास के सबसे बेहतरीन गोल में गिना जाता है. मैच में अर्जेंटीना 2-1 से जीता था.

उसके बाद भी कई मैच हुए. 1998 वर्ल्ड कप में डेविड बेकहम को रेड कार्ड मिला. मैच 2-2 से ड्रॉ रहा. पेनल्टी शूटआउट में गया. जहां इंग्लैंड की टीम 4-3 से हार गई.

Referee Kim Milton Nielsen shows David Beckham of England a red card during the 1998 World Cup game against Argentina
1998 वर्ल्ड कप में डेविड बेकहम को रेड कार्ड मिला.

2002 के मैच में बेकहम ने पेनल्टी से गोल कर बदला लिया. फिर आया साल 2005. स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दोनों टीमों के बीच एक फ्रेंडली मैच हुआ. इंग्लैंड 3-2 से जीत गया. माइकल ओवन के 86वें और स्टॉपेज टाइम के पहले मिनट में गोल कर मैच पलट दिया.

इसीलिए अर्जेंटीना वर्सेस इंग्लैंड कभी नॉर्मल मैच नहीं होता. इंग्लैंड और ब्राजील कई बार फ्रेंडली मैच खेल चुके हैं. लेकिन अर्जेंटीना के साथ जब भी मैच होता है, वो मैच अपने साथ प्रेशर लेकर आता है.

इस मुद्दे पर FIFA क्या कहता है?

FIFA ने पहले "The Malvinas are Argentine" वाले बैनर दिखाने पर जुर्माना लगाया था. लेकिन चैंट पर ज्यादा सख्ती नहीं की जाती है. UEFA में ऐसे राजनीतिक चैंट पर सजा होती है. जैसे स्पेन के खिलाड़ियों ने जिब्राल्टर (जो ब्रिटेन का क्षेत्र है) से जुड़ा गाना गाया तो उन्हें सजा मिली. लेकिन FIFA में थोड़ी ढील है. फिर भी मैच के दौरान सिक्योरिटी एक्स्ट्रा टाइट रखी जाती है, ताकि तनाव न हो.

ये भी पढ़ें- एमबाप्पे, ओलिसे, डेंबेले को अकेले रोकने वाले स्पेन के बी-स्कूल ग्रेजुएट कप्तान की कहानी

अर्जेंटीना ने फिर तोड़ा इंग्लैंड का सपना

FIFA वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हरा दिया. अर्जेंटीना फाइनल में स्पेन से भिड़ेगा. अटलांटा में खेले गए मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर रही. 19 फाउल हुए, लेकिन कोई गोल नहीं हुआ.

दूसरा हाफ शुरू होते ही इंग्लैंड ने 55वें मिनट में लीड ले ली. मॉर्गन रोजर्स के शानदार क्रॉस पर एंथनी गॉर्डन ने गोल कर इंग्लैंड को 1-0 से आगे कर दिया. अर्जेंटीना पर हार का साया मंडरा रहा था. 85वें मिनट तक इंग्लैंड मजबूत दिख रही थी. लेकिन फिर जादू हुआ. लियोनेल मेसी ने राइट साइड से पास दिया और एंजो फर्नांडीज ने इसे गोल में कन्वर्ट कर दिया. स्कोर अब 1-1 था.

Image
मॉर्गन रोजर्स के शानदार क्रॉस पर एंथनी गॉर्डन ने गोल कर इंग्लैंड को 1-0 से आगे कर दिया.

मैच एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ रहा था, लेकिन 92वें मिनट में मेसी ने एक और खतरनाक क्रॉस किया और मार्टिनेज ने हेडर से गोल कर अर्जेंटीना को 2-1 की लीड दिला दी. यही लीड जीत के लिए काफी थी.

दोनों गोलों में मेसी का असिस्ट था. गोल्डन बूट रेस में आगे चल रहे मेसी ने अब अपने पिछले 11 वर्ल्ड कप मैचों में हर बार गोल या असिस्ट किया है. जो कि एक रिकॉर्ड है. अर्जेंटीना की टीम और भी गोल कर सकती थी, लेकिन एलेक्सिस मैकएलिस्टर के दो शॉट पोल पर लग गए. इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने भी कई बेहतरीन सेव किए.

Image
एंजो फर्नांडीज के गोल के बाद मेसी.

अर्जेंटीना की टीम वर्ल्ड कप में 6 सेमीफाइनल मैच खेल चुकी है, और सभी में उनके हाथ जीत आई है. अब बारी लगातार दूसरा फाइनल जीतने की है. 19 जुलाई को इस वर्ल्ड कप के फाइनल में स्पेन से उनकी टक्कर होगी.

वीडियो: Fifa World Cup 2026: क्या मिकेल ओयारजबाल स्पेन को कप दिलाएंगे?

Advertisement