The Lallantop

लिवर ख़राब होना शुरू हुआ तो पैरों पर दिखेंगे ये संकेत, इग्नोर न करें

दिल में कोई दिक्कत हो, तो धड़कनों में बदलाव या सीने में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं. किडनी में पथरी या दूसरी परेशानी हो, तो कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो सकता है. पर पता है, लिवर की बीमारी के संकेत कहां दिखते हैं? हमारे पैरों में.

Advertisement
post-main-image
लिवर डैमेज हो रहा या नहीं, जानने के लिए पैर चेक कर लें

Quick AI HighlightsClick here to view more

  • डॉक्टर नीरव गोयल ने बताया कि लिवर खराब होने पर शरीर में प्रोटीन की कमी से खून की नसों से पानी बाहर निकलकर पैरों में सूजन, जिसे पेडल एडीमा कहते हैं, होती है।
  • लिवर की बीमारी चुपचाप बढ़ती है क्योंकि इसके लक्षण पैरों में सूजन, आंखों में पीलापन और थकावट के रूप में धीरे-धीरे प्रकट होते हैं, जिससे समय पर पहचान कठिन हो जाती है।
  • लिवर की स्थिति जानने के लिए CBC, LFT, KFT और INR जैसे टेस्ट किए जाते हैं और 40 साल के बाद नियमित चेकअप कराकर बीमारी का शुरुआती स्तर पर पता लगाना आवश्यक है।

लिवर. हमारे शरीर का एक अहम अंग. पर इसे दिल या किडनी जितना सीरियसली नहीं लिया जाता. क्यों? क्योंकि ये चुपचाप, बिना रुके अपना काम करता रहता है. इसकी बीमारियां भी अक्सर साइलेंट रहती हैं. 

Add Lallantop as a Trusted Sourcegoogle-icon
Advertisement

अब जैसे अगर दिल में कोई दिक्कत हो, तो धड़कनों में बदलाव या सीने में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं. किडनी में पथरी या दूसरी परेशानी हो, तो कमर या पीठ के निचले हिस्से में दर्द महसूस हो सकता है. पर क्या आपको पता है, लिवर की बीमारी के संकेत कहां दिखते हैं? हमारे पैरों में. जी. लिवर की बीमारी के लक्षण अक्सर पैरों में दिखते हैं. लेकिन क्यों? चलिए समझते हैं. 

डॉक्टर से ये भी समझेंगे कि लिवर ख़राब होने पर पैरों में क्या लक्षण दिखते हैं. पैरों के अलावा, शरीर के किन-किन हिस्सों में लिवर की बीमारी के संकेत दिख सकते हैं. आपको कौन-से टेस्ट कराने चाहिए. और लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या करें.

Advertisement
लिवर ख़राब होने पर पैरों में क्यों और क्या लक्षण दिखते हैं?

ये हमें बताया डॉक्टर नीरव गोयल ने. 

dr neerav goyal
डॉ. नीरव गोयल, सीनियर कंसल्टेंट एंड हेड, लिवर ट्रांसप्लांट सर्जरी, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स

लिवर ख़राब होने पर शरीर में काफी कमज़ोरी आ जाती है. इससे शरीर में प्रोटीन्स की मात्रा कम हो जाती है. लिवर शरीर के ज़्यादातर प्रोटीन बनाता है. लिवर की बीमारी में इन प्रोटीन्स की मात्रा कम होने लगती है. इससे खून की नसों से पानी बाहर निकलने लगता है. ये पानी हमारी मांसपेशियों में जमा होने लगता है. इसके कारण पैरों में सूजन आने लगती है, इसे पेडल एडीमा कहते हैं. शुरुआत में सूजन हल्की हो सकती है, लेकिन पूरे दिन बनी रहती है. फिर लिवर की बीमारी बढ़ने पर पैरों की सूजन भी बढ़ने लगती है. नाखूनों की बनावट और रंग में भी बदलाव दिख सकते हैं.

ये भी पढ़ें: सोनम वांगचुक की तरह 18 दिन भूखा रहने पर शरीर का क्या हाल होता है?

Advertisement
शरीर के दूसरे हिस्सों में भी लिवर ख़राबी के संकेत दिखते हैं?

लिवर ख़राब होने के संकेत दूसरे हिस्सों में भी दिखते हैं. आंखों में पीलापन आना शुरू हो जाता है. पूरे शरीर में सूजन आने लगती है. बहुत थकावट महसूस होती है. रोज़मर्रा के काम करना मुश्किल होने लगता है. नींद का पैटर्न बिगड़ सकता है. दिन में ज़्यादा नींद आती है और रात में नींद कम आती है. मरीज़ हर समय कमज़ोरी और थकान महसूस करता है. पैरों के अलावा पेट में भी पानी भरने लगता है. ये एडवांस्ड क्रॉनिक लिवर डिज़ीज़ के संकेत हो सकते हैं.

liver function test
लिवर फंक्शन टेस्ट से लिवर की क्षमता का पता चलता है
ज़रूरी टेस्ट

डॉक्टर सबसे पहले कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC) टेस्ट कराते हैं. लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) और किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) भी किया जाता है. प्रोथ्रोम्बिन टाइम (PT) और INR टेस्ट से खून के थक्के बनने की क्षमता जांची जाती है. इन सभी जांचों से लिवर की स्थिति का सही अंदाज़ा लगाया जा सकता है. इससे पता चलता है कि बीमारी शुरुआती स्टेज में है या बढ़ चुकी है.

लिवर ख़राब होने से कैसे बचाएं?

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाना सबसे ज़रूरी है. रोज़ एक्सरसाइज़ करें. बैलेंस्ड खाना खाएं और जंक फूड अवॉइड करें. जिन्हें डायबिटीज़ है, वो अपना शुगर लेवल कंट्रोल में रखें. देखा गया है कि डायबिटीज़ के मरीज़ों को फैटी लिवर का ख़तरा ज़्यादा होता है. समय के साथ फैटी लिवर गंभीर बीमारी में बदल सकता है. इसलिए डायबिटीज़ को कंट्रोल में रखना बहुत ज़रूरी है.

ये भी पढ़ें: बवासीर और एनल फिशर में क्या फर्क है? लक्षण और इलाज जान लीजिए

हेपेटाइटिस B और हेपेटाइटिस C जैसी वायरल बीमारियों की समय पर जांच कराएं. अगर इनका इलाज न हो, तो ये धीरे-धीरे लिवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. लिवर की बीमारी के लक्षण अक्सर तब दिखते हैं, जब नुकसान काफ़ी बढ़ चुका होता है. इसलिए खासकर 40 साल के बाद सबको अपना हेल्थ चेकअप कराना चाहिए. वहीं, 50 साल के बाद एक नियमित अंतराल में अपने हेल्थ चेकअप कराते रहें. जिससे बीमारी का जल्दी पता लगाकर उसका इलाज किया जा सके.

(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.) 

वीडियो: सेहत: 15 दिन से ज़्यादा भूखे रहने पर शरीर में क्या होता है?

Advertisement