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वर्ल्ड कप 2027 में रोहित-विराट के बिना नहीं होगी टीम की नैया पार? देख लें ये फैक्ट्स

इंग्लैंड में भारत को T20 सीरीज में मिली हार ने बड़ा सबक दे दिया. T20i सीरीज से संकेत मिला कि टीम में एक्सपीरिएंस होना कितना जरूरी है. इस सीरीज ने 2027 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) का होना तय कर दिया है.

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इंग्लैंड ने टीम इंडिया को T20 सीरीज में 4-0 से हराया था. (फोटो- Getty Images and PTI)

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  • टीम इंडिया को इंग्लैंड में T20 सीरीज में 4-0 से हार का सामना करना पड़ा, जिसमें युवा बल्लेबाजों और गेंदबाजों की कमजोरियां दिखाई दीं।
  • इंग्लैंड की स्विंग और बाउंसी पिचों ने भारतीय बल्लेबाजों को प्रभावित किया, जिससे टीम के अनुभवहीन खिलाड़ियों की अक्षमताएं उजागर हुईं।
  • हार के बाद टीम इंडिया के कोच ने अनुभवी खिलाड़ियों पर भरोसा बढ़ाने का संकेत दिया, ताकि भविष्य के टूर्नामेंट में बेहतर प्रदर्शन हो सके।

इंग्लैंड टूर पर T20 सीरीज में टीम इंडिया (Team India) के प्लेयर्स फ्लॉप रहे. चाहे बैटिंग हो या बॉलिंग भारतीय टीम हर मोर्चे पर फिसड्डी साबित हुई. इंग्लैंड सीरीज के लिए सेलेक्टर्स ने यंग बैटर्स और बॉलर्स को टीम में चुना. कई नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया. सेलेक्टर्स का विजन क्लियर है कि वह फ्यूचर के लिए टीम तैयार कर रहे हैं. लेकिन, जब इन यंग प्लेयर्स का इंग्लैंड से सामना हुआ, तो कमजोरियां उजागर हो गईं. इंग्लैंड ने T20 सीरीज में टीम इंडिया को 4-0 से क्लीन स्वीप किया.

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इंग्लिश टीम के खिलाफ पूरी सीरीज में इंडियन बैटर्स और बॉलर्स स्ट्रगल करते नजर आए. T20 सीरीज में इंग्लैंड ने टीम इंडिया को एक्सपोज कर दिया. भारत की परफॉर्मेंस को देखकर लगा ही नहीं कि यह T20 चैम्पियन टीम है. इंग्लैंड में मिली शर्मनाक हार ने कहीं न कहीं तय कर दिया है कि रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) दोनों ही वर्ल्ड कप 2027 में टीम का हिस्सा होंगे.  

स्विंग के सामने इंडियन बैटर्स हुए बेदम

इंग्लैंड में गेंद हिलती है. स्विंग ने टीम इंडिया के बैटर्स को परेशान किया. भारतीय बल्लेबाज बाउंस पर भी फंसते नजर आए. IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन, अभिषेक शर्मा और  संजू सैमसन का बल्ला खूब चला था. तिलक वर्मा और शिवम दुबे ने भी रन बनाए थे. इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में ये बेबस दिखे.

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इंग्लैंड सीरीज ने दिखाया कि अगर गेंद स्विंग हो रही है, तो संभलकर बैटिंग करनी होगी. गेंद का इंतजार करना है. बॉल को उसी मेरिट के हिसाब से खेलना होगा. हर स्ट्रोक खेलने से पहले यह देखना होगा कि गेंद कैसी हरकत कर रही है?  

पूरी T20 सीरीज में  साफ नजर आया कि इंडियन बैटर्स स्विंग को संभाल नहीं पाए. टीम इंडिया के बैटर अगर बॉल का इंतजार करते. उसे देखकर खेलते, तो शायद सीरीज का रिजल्ट कुछ और होता. इंग्लैंड के पिचें फ्लैट नहीं हैं. वहां IPL वाली अप्रोच लागू नहीं होती. इंग्लिश विकेट्स पर हर गेंद पर छक्का नहीं लगाया जा सकता. जैसा कि IPL में होता है.

वर्ल्ड कप के लिए बड़ी वॉर्निंग

इंग्लैंड में टीम इंडिया के यंग बैटर्स का एक्सपोज होना, 2027 के वर्ल्ड कप के लिए वॉर्निंग साइन है. T20 सीरीज ने संकेत दिया कि सेलेक्टर्स को सिर्फ यंगस्तिान पर भरोसा करना ठीक नहीं है. क्योंकि, इन बैटर्स के पास अभी स्विंग और बाउंसी पिच पर खेलने का एक्सपीरियंस नहीं है. अगर वर्ल्ड 2027 के लिए सेलेक्टर्स ने यंग प्लेयर्स पर ज्यादा यकीन किया, तो यह खतरे से खाली नहीं है. इंग्लैंड की सीरीज ने दिखाया कि टीम में एक्सपीरिएंस होना जरूरी है.

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इंग्लैंड के खिलाफ T20 सीरीज में भारतीय बैटर्स की शर्मनाक परफॉर्मेंस रही. कप्तान श्रेयस अय्यर को छोड़ दें, तो बाकी बल्लेबाजों ने काफी निराश किया. श्रेयस ने 218 रन स्कोर किए. उनके अलावा, अभिषेक शर्मा 131, ईशान किशन 122, तिलक वर्मा 104 और वैभव सूर्यवंशी ने 42 रन बनाए.

गंभीर को मिला सबक

टीम इंडिया के हेड कोच अक्सर यंग और नए प्लेयर्स पर भरोसा करते हैं. लेकिन, इंग्लैंड में मिली करारी हार ने उन्हें सबक दे दिया. अब गंभीर तगड़ी टीमों के खिलाफ नए खिलाड़ियों पर भरोसा करने से बचेंगे. आयरलैंड और इंग्लैंड टूर पर टीम इंडिया में यंग प्लेयर्स की भरमार थी. गंभीर को भी पता चल गया कि बगैर अनुभवी खिलाड़ियों के जीतना मिलना मुश्किल है.अब  हेड कोच नए खिलाड़ियों के साथ जोखिम लेने से बचना चाहेंगे. आयरलैंड और इंग्लैंड टूर पर 3 नये खिलाड़ियों ने डेब्यू किया. ये प्लेयर्स प्रिंस यादव, सूर्यांश शेडगे और वैभव सूर्यवंशी थे.

साउथ अफ्रीका में अनुभव काम आएगा

साल 2003 में साउथ अफ्रीका में पहली बार 50 ओवर का वर्ल्ड कप खेला गया था. तब टीम इंडिया फाइनल में पहुंची थी. उस टीम में पार्थिव पटेल नए प्लेयर थे. लेकिन, उन्हें एक भी मैच में चांस नहीं मिला. ज्यादातर अनुभवी प्लेयर खेले थे. टीम में बिना अनुभवी बैटर्स के साउथ अफ्रीका में ODI वर्ल्ड कप जीतना दूर की कौड़ी है.

साउथ अफ्रीका की ज्यादातर पिचें तेज और बाउंसी हैं. वहां अनुभव ही काम आएगा. साउथ अफ्रीका में बैटिंग के लिए बहुत आइडियल कंडीशंस नहीं हैं. ODI में टीम इंडिया को अक्सर स्ट्रगल करना पड़ा है. भारतीय टीम सिर्फ दो बार साउथ अफ्रीका में ODI सीरीज जीती है. भारत ने साल 2017-2018 में पहली बार ODI सीरीज जीती थी. इसके बाद टीम इंडिया ने 2023-2024 में फिर वनडे सीरीज जीती.

आंकड़ों पर नजर डालें, तो भारत ने साउथ अफ्रीका में 101 ODI खेले हैं. इस दौरान टीम इंडिया ने 56 जीते और 41 हारे. एक मैच टाई रहा और 3 मुकाबलों का रिजल्ट नहीं निकला.

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वर्ल्ड कप में रोहित विराट का होना जरूरी

रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम इंडिया के सबसे अनुभवी खिलाड़ी हैं. इन दोनों बैटर्स के पास साउथ अफ्रीका में खेलने का एक्सपीरिएंस भी है. हिटमैन और किंग कोहली पेस और बाउंस से निपटना भी जानते हैं. वे स्विंग की काट भी जानते हैं. उनके तरकश में कहीं ज्यादा स्ट्रोक हैं. वे एक गेंद पर कई तरह के शॉट लगा सकते हैं.

दोनों ही बैटर कंडीशंस के मुताबिक बैटिंग करने में माहिर हैं. ऐसे में वर्ल्ड कप 2027 की टीम में रोहित और विराट का होना जरूरी है. अगर ये दोनों प्लेयर भारत के स्कॉड में नहीं रहे, तो टीम इंडिया वर्ल्ड कप मैचों में ताश के पत्तों की तरह बिखर सकती है.

रोहित शर्मा के पास साउथ अफ्रीका में 14 ODI खेलने का एक्सपीरिएंस है. जबकि, विराट कोहली ने दक्षिण अफ्रीका में 20 ODI खेले हैं. रोहित ने साउथ अफ्रीका में एक तो विराट ने 3 सेंचुरी लगाई हैं.

अगर, 2027 वर्ल्ड कप के लिए रोहित और विराट को टीम में चुना जाता है, तो उनका यह एक्सपीरिएंस टीम इंडिया के काम आएगा. इसके अलावा रोहित और विराट के पास 50 ओवर के कई वर्ल्ड कप में खेलने का एक्सपीरिएंस भी है. 

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