काम की तारीखें ये रहींः
16 अक्टूबर, 2017 - इस दिन चुनाव की आधिकारिक अधिसूचना जारी होगी. सादी भाषा में चुनाव नोटिफाई होंगे. इसी दिन से नामांकन भी शुरू होंगे, कैंडिडेट पर्चा भर पाएंगे.
9 नवंबर, 2017 - इस दिन वोट पड़ेंगे.
18 दिसंबर, 2017 - इस दिन वोटों की गनती होगी और मालूम चल जाएगा कि कौन जीता और कितने से जीता.

EVM के साथ VVPAT सेट (फोटोःपीआईबी)
इस बार चुनाव आयोग हिमाचल प्रदेश विधानसभा की 68 सीटों पर 7521 पोलिंग स्टेशन बनाएगा. चुनाव आयोग हिमाचल प्रदेश के साथ ही किसी विधानसभा चुनाव में हर बूथ पर इलेक्टॉनिक वोटिंग मशीन के साथ VVPAT मशीन लगाने की शुरूआत कर रहा है. वोट देने के बाद मशीन से एक पर्ची निकलेगी जिसमें वोटर ये देख सकेगा कि वोट किसे पड़ा. ये पर्ची चुनाव आयोग के पास ही रहेगी, और वोटों की गिनती के वक्त बहस होने पर इन्हें गिना जा सकेगा.
पिछली विधानसभा का हाल -
कांग्रेसः 36 (मुख्यमंत्री बने वीरभद्र सिंह)
भाजपाः 26
अन्यः 6

हिमाचल विधानसभा का कार्यकाल नवंबर में पूरा हो रहा है (फोटो-न्यूज़ हिमाचल)
हिमाचल में चुनाव नवंबर के दूसरे सप्ताह में होते आए हैं. इससे ज़्यादा देरी होने पर बर्फ़बारी के चलते मतदान प्रभावित होने का खतरा बढ़ जाता है. इसी को देखते हुए चुनाव आयोग ने इस बार भी वोटिंग के लिए इसी समय को चुना है. फिलहाल सूबे में कांग्रेस की सरकार है. 2012 में वीरभद्र सिंह चौथी बार सूबे के मुख्यमंत्री बने थे. वैसे हिमाचल की तासीर यह है कि यहां किसी भी पार्टी को पांच साल से ज़्यादा सहन नहीं किया जाता. 1990 में शांता कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद से हर बार सत्ताधारी दल चुनाव हारा है. 1990 के बाद सूबे में पांच चुनाव हो चुके हैं. जिसमें तीन बार कांग्रेस और दो बार बीजेपी की सरकार बनी है. इस हिसाब से बीजेपी के पास यह स्कोर बराबर करने का मौका है.
अब तक ये होता आया है कि हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभा चुनाव लगभग साथ-साथ होते हैं. वोटों की गिनती एक ही दिन होती है और उसी दिन दोनों राज्यों के नतीजे आ जाते हैं. इसलिए उम्मीद की जा रही है कि गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे भी 18 दिसंबर को आ जाएंगे. चुनाव आयोग की ओर से इस बात की आधिकारिक घोषणा फिलहाल नहीं हुई है.
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