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इक्वाडोर ने जर्मनी को हराया, राष्ट्रपति ने देश में नेशनल हॉलिडे घोषित कर दिया

FIFA World Cup: Ecuador की टीम बेस्ट थर्ड-प्लेस्ड टीम बनकर नॉकआउट स्टेज में पहुंच गई है. 2006 के बाद उनका ये दूसरा नॉकआउट क्वालिफिकेशन है.

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गोंजालो प्लाटा ने मैच विनिंग गोल मारा. (फोटो- Getty)

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  • 25 जून 2026 को मेटलाइफ स्टेडियम में इक्वाडोर ने FIFA विश्व कप के ग्रुप E के अंतिम मैच में जर्मनी को 2-1 से हराकर राउंड ऑफ 32 में जगह पक्की की।
  • इक्वाडोर ने हाल ही में यूरोपीय टीम के खिलाफ पहली जीत दर्ज की, जबकि जर्मनी ग्रुप टॉप पर थी और उनकी तैयारी पर इस अप्रत्याशित हार से सवाल उठ सकते हैं।
  • इक्वाडोर की जीत के बाद उनके राष्ट्रपति ने नेशनल हॉलिडे घोषित किया और टीम का मुकाबला आगे के टूर्नामेंट में जारी रहने की संभावना बढ़ गई।

अमेरिका के न्यू जर्सी में बना मेटलाइफ स्टेडियम. 25 जून 2026 को इक्वाडोर की टीम को FIFA World Cup में वर्चुअल नॉकआउट मैच खेलना था. जर्मनी के खिलाफ इस मैच में हार टीम को टूर्नामेंट से बाहर करा देती. ग्रुप E के आखिरी मैच में इक्वाडोर ने 4 बार की चैंपियन टीम जर्मनी को 2-1 से हरा दिया. और राउंड ऑफ 32 में बर्थ पक्की कर ली. इस जीत की अहमियत का अंदाजा आप इस बात से लगा लीजिए कि जीत के बाद इक्वाडोर के राष्ट्रपति डेनियल नोबोआ ने देश में नेशनल हॉलिडे तक घोषित कर दिया.

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शुरू में पीछे हुए, फिर ली लीड

मैच शुरू होते ही जर्मनी ने अटैकिंग फुटबॉल खेला. सिर्फ 2 मिनट के अंदर ही लेरॉय साने ने गोल कर जर्मनी को 1-0 की लीड दिला दी. जर्मनी पहले से ही दो मैच जीतकर ग्रुप टॉप पर थी, इसलिए उन्हें अगले राउंड की कोई टेंशन नहीं थी. लेकिन इक्वाडोर की टीम ने गजब का जज्बा दिखाया.

मैच के 9वें मिनट में निल्सन एंगुलो ने शानदार गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया. ये इक्वाडोर का टूर्नामेंट का पहला गोल था. पूरा स्टेडियम इक्वाडोर के फैन्स से गूंज उठा. दोनों टीमें पहले हाफ में बराबरी पर रहीं. जर्मनी के पास ज्यादा पजेशन था, लेकिन इक्वाडोर का डिफेंस काफी शानदार खेल रहा था.

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दूसरा हाफ शुरू हुआ. इक्वाडोर के प्लेयर्स ने लगातार जर्मनी पर प्रेशर बनाए रखा. टीम के पास मैनुअल नॉयर, जोशुआ किम्मिच, जमाल मुसियाला और फ्लोरियन विर्ट्ज जैसे प्रो प्लेयर्स हैं. लेकिन इक्वाडोर के खिलाड़ी पूरे मैच में लड़ते रहे.

77वें मिनट में मैच का सबसे महत्वपूर्ण पल आया. पेड्रो वाइट ने कॉर्नर किक ली. केविन रोड्रिगेज ने हेडर से बॉल आगे बढ़ाई. जर्मनी के गोलकीपर मैनुअल नॉयर बॉल पकड़ने वाले थे, तभी गोंजालो प्लाटा ने तेजी से आगे बढ़कर बाएं पैर से पुश कर बॉल को नेट्स में डाल दिया. स्कोर 2-1 हो गया. लीड इक्वाडोर के पास थी.

प्लाटा ने मैच के दौरान सिर पर चोट भी खाई थी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. ये गोल उन्हें इक्वाडोर का हीरो बना गया.

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2006 के बाद राउंड 32 में

इक्वाडोर की टीम 4 पॉइंट्स के साथ ग्रुप में तीसरे नंबर पर रही. वो बेस्ट थर्ड-प्लेस्ड टीम में से एक बनकर नॉकआउट स्टेज में पहुंच गए. 2006 के बाद उनका ये दूसरा नॉकआउट क्वालिफिकेशन है.

जर्मनी ने ग्रुप टॉप किया. लेकिन इस हार से उनकी तैयारियों पर सवाल उठ सकते हैं. इक्वाडोर ने 2013 के बाद किसी यूरोपीय टीम के खिलाफ पहली जीत दर्ज की है.

इक्वाडोर दक्षिण अमेरिकी टीम है, जो आमतौर पर यूरोप के जायंट्स के खिलाफ स्ट्रगल करते हैं. जर्मनी जैसी टीम को हराना किसी सपने जैसा है. इक्वाडोर के कोच सेबेस्टियन बेकासेसे की स्ट्रैटजी मैच में काफी काम आई. वो डिफेंसिव रहकर काउंटर अटैक पर निर्भर रहे.

इक्वाडोर ने मेंस वर्ल्ड कप में पहली बार 2002 में जगह बनाई थी. ये उनका पांचवां वर्ल्ड कप है. टीम कभी भी राउंड ऑफ 16 से आगे नहीं जा पाई है. और सिर्फ एक बार ही ग्रुप स्टेज पार कर पाई है. लेकिन टीम ने कुछ अच्छे मैच जीते हैं. मसलन, 2002 में क्रोएशिया को और 2006 में पोलैंड को हराया. लेकिन चार बार विश्व कप जीत चुकी जर्मनी जैसी बड़ी टीम को कभी नहीं हराया था.

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