एमएस धोनी. पहले वन-डे में एक गेंद खेली और उसी पर रन आउट हो गया. जितनी तेज़ी से चलता हुआ आया था उतनी ही तेज़ी से वापस चला गया. अगली 3 इनिंग्स में अधिकतम स्कोर था 12. ये वो समय था जब धोनी को लग रह था कि अब टीम इंडिया में उनका अंतिम समय निकट है. फिर पाकिस्तान के खिलाफ़ नम्बर 3 पर बैटिंग करने आया और 148 रन मार दिए. 12 चौके और 4 छक्के. वो दिन है और आज का दिन है. आज धोनी इंडियन क्रिकेट के सफलतम कप्तान बन कर कप्तानी छोड़ चुके हैं. इंडिया को वर्ल्ड कप, टेस्ट चैम्पियनशिप वाली गदा और चैम्पियंस ट्रॉफी जितवाई. क्या कुछ नहीं इस आदमी की कप्तानी में. फिर कप्तानी चीकू को दे दी. अब आराम से खुलकर खेल रहे हैं. 2019 वर्ल्ड कप नज़दीक है. सवाल उठने लगा है कि धोनी खेलेंगे या नहीं. कुछ लोग सवाल उठाने लगे हैं. धोनी के मन में क्या है ये किसी को नहीं मालूम रहता है. मालूम रहता तो जोगिन्दर शर्मा को आखिरी ओवर मिलता देख हम गालियां नहीं दे रहे होते. खैर, धोनी ने सोच रखा है. लेकिन फिर भी अटकलें लगाई जा रही हैं. लोग अपने अपने तर्क दे रहे हैं. वहीं धोनी हैं कि मान ही नहीं रहे. एक के बाद एक बढ़िया झलकियां दे रहे हैं. इंडिया वर्सेज़ न्यू ज़ीलैंड की सीरीज़ के पहले वन-डे मैच में उन्होंने एक मज़ेदार कैच लिया. कैच के लिए ज़रूरी नहीं है कि वो बल्ले से लगी हो. बैट्समैन मिस कर गया था और धोनी ने स्टंप्स के पीछे बेहतरीन डाइव लगाई और गेंद पकड़ी. अम्पायर ने नॉट-आउट दिया. भुवनेश्वर को यकीन था कि गेंद बल्ले से लगकर गई है. रीप्ले में दिखाई दिया कि बहुत कम मार्जिन से गेंद बची थी. एक बात और दिखी - धोनी अभी भी चपल है. उसकी फिटनेस पर सवाल उठाने वाले को ये वीडियो देख खुद से सवाल पूछने चाहिए.
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