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ग्लासगो पहुंचे बॉक्सर्स का सामान छूटा, ओपनिंग सेरेमनी से पहले ड्रामा

भारत की 22 सदस्यों वाली टीम पिछले काफी समय से आयरलैंड के बेलफास्ट में ट्रेनिंग कर रही थी. कैंप के बाद टीम के खिलाड़ियों को वहां से सीधे ग्लासगो जाना था. टीम ने फ्लाइट पकड़ी और ग्लासगो गई. लेकिन उनका सामान वहीं रह गया.

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भारतीय बॉक्सर्स ग्लासगो पहुंच गए हैं. (Photo-PTI)

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  • 23 अगस्त से शुरू हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स की ओपनिंग सेरेमनी में भारत की मुक्केबाजी टीम का एक डेलिगेशन हिस्सा लेगा, लेकिन उनके आधे सामान के ग्लासगो न पहुंचने की खबर आई है।
  • भारत की मुक्केबाजी टीम बेलफास्ट में प्रशिक्षण के बाद ग्लासगो गई, लेकिन बेलफास्ट-ग्लासगो उड़ान के छोटे विमान की वजह से आधा सामान छूट गया, जिसमें प्रशिक्षण और सेरेमनी किट शामिल है।
  • सामान न मिलने और महिला कोच को अलग होटल में रहने के कारण टीम का अनुभव प्रभावित होगा, और अब उन्हें बिना अपने सामान के कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा लेना होगा।

23 अगस्त से कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की शुरुआत होने वाली है. इसी दिन ओपनिंग सेरेमनी भी होगी. भारत की तरफ से बॉक्सर्स का एक डेलिगेशन इस सेरेमनी में हिस्सा लेगा. पर इससे एक बुरी खबर सामने आई है. ग्लासगो पहुंचने के बाद खिलाड़ियों को पता चला कि उनका आधा सामान बेलफास्ट में ही छूट गया है.

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बॉक्सर्स का सामान नहीं पहुंचा

भारत की 22 सदस्यों वाली मुक्केबाजी टीम पिछले काफी समय से आयरलैंड के बेलफास्ट में ट्रेनिंग कर रही थी. कैंप के बाद टीम के खिलाड़ियों को वहां से सीधे ग्लासगो जाना था. टीम ने फ्लाइट पकड़ी और ग्लासगो गई. लेकिन साक्षी चौधरी (51 किग्रा), वर्ल्ड चैंपियन जैस्मिन लंबोरिया (57 किग्रा), परवीन हुड्डा (65 किग्रा), जादुमणि सिंह (55 किग्रा), कपिल पोखरिया (90 किग्रा) और पुरुषों के हेड कोच सी कुटप्पा समेत कई लोगों के बैग उनके साथ नहीं पहुंचे.

कोच को भी नहीं मिली होटल में रुकने की इजाजत

टीम के सदस्यों ने बताया कि बेलफास्ट-ग्लासगो रूट पर चलने वाला विमान छोटा था. इस वजह से आधा सामान ही आ पाया. जो बैग्स छूटे हैं उसमें खिलाड़ियों के ट्रेनिंग का सामान और ओपनिंग सेरेमनी में पहनने वाली किट शामिल हैं.

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पर ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. इसी महीने की शुरुआत में कैंप के लिए जब भारतीय बॉक्सर्स बेलफास्ट जा रहे थे, तब भी उनके साथ ऐसा ही हुआ था. उस वक्त टीम ने दोहा से उड़ान भरी थी, और उनका आधा सामान वहीं रह गया था. 

समस्या सिर्फ यही नहीं थी. महिला कोच को बाकी टीम के साथ उसी होटल में रहने की जगह भी नहीं दी गई है.

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बॉक्सिंग से हैं उम्मीदें

इस साल कॉमनवेल्थ गेम्स में इवेंट्स कम किए गए हैं. ऐसे में भारत को जिन खेलों में मेडल्स की सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं उनमें बॉक्सिंग एक बड़ा इवेंट है. बॉक्सिंग में टोक्यो ओलंपिक में ब्रांज मेडल जीतने वाली लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) सबसे बड़ा नाम हैं. लवलीना अब तक कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल नहीं जीती हैं.  

वहीं 57 किलो में विश्व चैम्पियन जैसमीन लंबोरिया बर्मिंघम में जीते ब्रॉन्ज मेडल को गोल्ड में बदलने उतरेंगी. एशियन चैम्पियन प्रीति पवार (54 किलो), साक्षी चौधरी (51 किलो) और अरूंधति चौधरी (70 किलो) भी दावेदारों में हैं.

पुरुष वर्ग में नरेंदर बेरवाल (प्लस 90 किलो) और वर्ल्ड कप पदक विजेता सचिन सिवाच (60 किलो) से उम्मीदें हैं. लॉन बॉल में भारत ने बर्मिंघम में महिला वर्ग में गोल्ड और पुरुष वर्ग में सिल्वर मेडल जीते थे.

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