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JCB से गड्ढा भरते वक्त मजदूर को जिंदा दफना दिया, 4 दिन बाद बैठी हालत में निकाला गया शव

उस जगह पर दोबारा खुदाई कराई गई. ये वही जगह थी जहां से रामदेव के लापता होने की आशंका थी. करीब 10 मीटर तक खुदाई करने के बाद गड्ढे के भीतर उसका शव बैठी हुई अवस्था में मिला. यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए.

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जेसीबी वाले को पता ही नहीं चला कि गड्ढे में मजदूर काम कर रहा है (PHOTO- India Today)

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  • छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना इलाके में नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान मजदूर रामदेव आंचला मिट्टी में दब गया, जिसकी चार दिन बाद खुदाई में मृत देह मिली।
  • मजदूर के दबने का कारण था जेसीबी चालक को गड्ढे के भीतर काम कर रहे मजदूर की जानकारी नहीं होना, जिससे अनजाने में मिट्टी डालने से वह बाहर नहीं निकल पाया।
  • इस हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर थाना इलाके में एक दर्दनाक घटना सामने आई है. जल जीवन मिशन के तहत संचालित ‘नल-जल योजना’ में पाइपलाइन बिछाने के दौरान एक मजदूर कथित तौर पर जिंदा ही मिट्टी में दब गया. किसी को इसकी भनक भी नहीं लगी. 4 दिन बाद उसी जगह पर दोबारा खुदाई करने पर उसका शव गड्ढे के भीतर मिला. जब शव मिला, तब वो मजदूर बैठी हुई अवस्था में था. घटना के बाद पूरे गांव में आक्रोश फैल गया है.

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जेसीबी ड्राइवर को नहीं दिखा मजदूर

इंडिया टुडे से जुड़े पत्रकार नरेश शर्मा की रिपोर्ट के मुताबिक ये पूरा मामला भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र की कच्चे चौकी अंतर्गत ग्राम हिंगनझर का है. यहां नल-जल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने और घरेलू कनेक्शन देने का काम चल रहा था. 28 जुलाई को मजदूर रामदेव आंचला पाइपलाइन की नाली में उतरकर घरेलू कनेक्शन जोड़ रहा था. इसी दौरान दूसरी ओर से जेसीबी मशीन से गड्ढा भरा जा रहा था.

बताया जा रहा है कि जेसीबी चालक को दिखाई नहीं दिया कि गड्ढे के भीतर एक मजदूर काम कर रहा है. अनजाने में उसी स्थान पर भी मिट्टी डाल दी गई, जहां रामदेव मौजूद था. आशंका है कि भारी मात्रा में मिट्टी गिरने के कारण उसे बाहर निकलने का मौका नहीं मिला. उसे मदद के लिए आवाज लगाने तक का मौका नहीं मिला और वह वहीं दब गया. हादसे के समय अन्य मजदूर लगभग 20 से 40 मीटर की दूरी पर काम कर रहे थे, इसलिए किसी को घटना का पता नहीं चला. दोपहर के भोजन के समय जब रामदेव नहीं पहुंचा तो साथियों ने उसकी तलाश शुरू की.

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मोबाइल पर शुरुआती कॉल में घंटी गई, लेकिन बाद में फोन बंद हो गया. परिजनों और ग्रामीणों ने भी काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. इसके बाद कच्चे चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

दोबारा खुदाई करने पर मिला शव

31 जुलाई को पुलिस, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में उस जगह पर दोबारा खुदाई कराई गई. ये वही जगह थी जहां से रामदेव के लापता होने की आशंका थी. करीब 10 मीटर तक खुदाई करने के बाद गड्ढे के भीतर उसका शव बैठी हुई अवस्था में मिला. यह दृश्य देखकर मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए. शव बरामद होते ही ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने जेसीबी चालक के साथ मारपीट कर दी. पुलिस ने तत्काल बीचबचाव कर चालक को हिरासत में लिया और हालात को कंट्रोल किया. वहीं जेसीबी चालक विजय राजपूत का कहना है, 

मैं दूसरी तरफ से गड्ढा भरते हुए आगे बढ़ रहा था. वहां कोई दिखाई नहीं दिया. मुझे बिल्कुल पता नहीं था कि अंदर मजदूर काम कर रहा है. जब लंच के समय वह नहीं मिला, तभी उसकी तलाश शुरू हुई.

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पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भानुप्रतापपुर भेज दिया है. 1 अगस्त को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं. यह भी जांच का विषय है कि कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं. 

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